MPs Suspension: धनखड़ ने फिर लिखा खरगे को पत्र, बातचीत के लिए क्रिसमस के दिन अपने आवास पर आमंत्रित किया
MPs Suspension: उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने एक बार फिर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को पत्र लिखा है, जिसमें उन्हें सांसदों के निलंबन समेत अन्य मुद्दों पर चर्चा के लिए अपने आवास पर आमंत्रित किया गया है। एक दिन पहले खरगे ने भी उन्हें पत्र लिखा था।
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विस्तार
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने शनिवार को कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खरगे को एक बार फिर पत्र लिखा। धनखड़ ने उनको संसद की कार्यवाही बाधित होने और विपक्षी सांसदों के निलंबन के मुद्दे पर बातचीत के लिए क्रिसमस दिवस पर अपने आवास पर आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि उनके बार-बार अनुरोध बावजूद शीतकालीन सत्र के दौरान ऐसी बैठक नहीं हो सकी।
'आपको शर्मिंदा नहीं करना चाहता...'
उपराष्ट्रपति ने 22 दिसंबर को खरगे द्वारा भेजे पत्र का जवाब देते हुए कहा कि सदन में अव्यवस्था जानबूझकर और एक रणनीति का हिस्सा थी। धनखड़ ने खरगे को भेजे निमंत्रण में लिखा, मैं इस संचार में मुख्य विपक्षी दल की पूर्व निर्धारित भूमिका का संकेत देकर आपको शर्मिंदा नहीं करना चाहता, लेकिन जब हम आमने सामने बैठकर बात करेंगे तो मैं आपके साथ इसे साझा करूंगा। जरूरी है कि हम इस सब से आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि 25 दिसंबर या जब भी आपको उपयुक्त लगे आप मेरे आवास पर आएं और हम इस मसले पर बातचीत करेंगे।
धनखड़ ने खरगे के पत्र का जवाब देते हुए कहा कि वह चाहते हैं कि कांग्रेस नेता का यह दावा कि ‘हम दृढ़ता से बातचीत और चर्चा को बढ़ावा देने में विश्वास करते हैं’ सदन के कार्यों में भी प्रतिबिंबित हो। धनखड़ ने आगे लिखा, पूरे सत्र के दौरान, सदन में और लिखित संचार के माध्यम से बातचीत के लिए आपकी कृपा सुनिश्चित करने के मेरे बार-बार अनुरोध के बावजूद, वह फलीभूत नहीं हुआ।
Rajya Sabha Chairman Jagdeep Dhankhar writes to Congress president and Rajya Sabha LoP Mallikarjun Kharge
— ANI (@ANI) December 23, 2023
The letter reads, "...I shall be grateful if you spare time for interaction on December 25 at 4pm or a time of your convenience at Up Rashtrapati Niwas." https://t.co/pgCBt8XBdB pic.twitter.com/CWLeE8Fjf9
'जानबूझकर पैदा की गई अव्यवस्था'
सभापति ने कहा कि निलंबन का आधार, खरगे के रुख के विपरीत, सदन में नारेबाजी, तख्तियां लहराना, सदन के वेल में प्रवेश करना और सभापति की ओर इशारा करके जानबूझकर अव्यवस्था पैदा करना था। अप्रिय कदम उठाने से पहले सदन में व्यवस्था बनाए रखने के लिए मेरी ओर से सभी प्रयास खत्म हो चुके थे।
खरगे ने दिया था धनखड़ के पत्र का जवाब
इससे पहले खरगे ने शुक्रवार को धनखड़ को पत्र लिखकर कहा था कि इतने बड़े पैमाने पर सांसदों का निलंबन भारत के संसदीय लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों के लिए हानिकारक है। धनखड़ को लिखे अपने पत्र में खरगे ने कहा था कि वह इतने सारे सांसदों के निलंबन से दुखी हैं और हताश एवं निराश महसूस कर रहे हैं।
46 सांसदों को राज्यसभा से किया गया था निलंबित
कांग्रेस अध्यक्ष धनखड़ के पिछले पत्र का जवाब दे रहे थे जिसमें उन्होंने कहा था कि आसन से ऐसी मांग करके सदन को निष्क्रिय करना जिसे स्वीकार नहीं किया जा सकता है, दुर्भाग्यपूर्ण और जनहित के खिलाफ है। संसद का शीतकालीन सत्र समाप्त होने से एक दिन पहले गुरुवार को राज्यसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। शीतकालीन सत्र के दौरान 46 सांसदों को अमर्यादित व्यवहार और कदाचार के लिए राज्यसभा से निलंबित कर दिया गया था। संसद का शीतकालीन सत्र चार दिसंबर को शुरू हुआ था और इसे 22 दिसंबर तक चलना था।