{"_id":"58d496154f1c1bbf371a128b","slug":"uttrakhand-government-to-levy-hefty-fine-for-littering-and-spitting","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूपी के बाद उत्तराखंड सरकार गंदगी फैलाने पर लगाएगी भारी जुर्माना","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
यूपी के बाद उत्तराखंड सरकार गंदगी फैलाने पर लगाएगी भारी जुर्माना
amarujala.com- Presented by: पवन नाहर
Updated Fri, 24 Mar 2017 09:29 AM IST
विज्ञापन
शहर में गंदगी
- फोटो : GBTimes
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तर प्रदेश सरकार से सीख लेते हुए उत्तराखंड सरकार भी हरकत में आ गई है। नए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की सरकार ने यूपी की ही तरह उत्तराखंड में भी ऑफिस और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर थूकने और गंदगी फैलाने पर 5,000 रुपये या 6 महीने की जेल या दोनों की सजा का प्रावधान रखा है। गौरतलब है कि योगी आदित्यनाथ ने भी सरकारी दफ्तरों में पान और गुटखे पर प्रतिबंध लगाया है।
शहर विकास विभाग के अधिकारियों ने कहा है कि यह आदेश राज्य के सभी नगर निगमों को भेज दिया गया है। राज्य की जनता की स्वच्छता बनाए रखने की मांग थी। अधिकारियों ने माना की इससे राज्य में सफाई बढ़ेगी और दूसरों को भी स्वच्छता की प्रेरणा मिलेगी।
शहरी विकास सचिव अरविंद सिंह ह्यांकी ने कहा, "हमनें कठिन फैसले लागू किए हैं। इस फैसले को लिए 5 महीन हो गए, मगर अब लागू करना है। फिलहाल यह फैसला सिर्फ शहरी इलाकों में ही लागू किया जा रहा है। हम सुनिश्चित करना चाहते हैं कि लोग सार्वजनिक स्थल पर गंदगी न फैलाएं।"
विज्ञापन
देहरादून नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. कैलाश गुंज्याल ने टाइम्स ऑफ इंडिया से कहा, "हमने स्वच्छता के लिए कई टीमें बनाई हैं, जो शहर में नियमित निगरानी रखेगी। इसके अलावा बार-बार गंदगी फैलाने वालों का तुरंत चालान काटने के लिए चालान बुक भी दी जाएगी। यदि कोई बार-बार इस अपराध को दोहराएगा, उसका चालान भी कटेगा और कानूनी कारवाई भी की जाएगी।"
विज्ञापन
शहर विकास विभाग के अधिकारियों ने कहा है कि यह आदेश राज्य के सभी नगर निगमों को भेज दिया गया है। राज्य की जनता की स्वच्छता बनाए रखने की मांग थी। अधिकारियों ने माना की इससे राज्य में सफाई बढ़ेगी और दूसरों को भी स्वच्छता की प्रेरणा मिलेगी।
विज्ञापन
शहरी विकास सचिव अरविंद सिंह ह्यांकी ने कहा, "हमनें कठिन फैसले लागू किए हैं। इस फैसले को लिए 5 महीन हो गए, मगर अब लागू करना है। फिलहाल यह फैसला सिर्फ शहरी इलाकों में ही लागू किया जा रहा है। हम सुनिश्चित करना चाहते हैं कि लोग सार्वजनिक स्थल पर गंदगी न फैलाएं।"
विज्ञापन
देहरादून नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. कैलाश गुंज्याल ने टाइम्स ऑफ इंडिया से कहा, "हमने स्वच्छता के लिए कई टीमें बनाई हैं, जो शहर में नियमित निगरानी रखेगी। इसके अलावा बार-बार गंदगी फैलाने वालों का तुरंत चालान काटने के लिए चालान बुक भी दी जाएगी। यदि कोई बार-बार इस अपराध को दोहराएगा, उसका चालान भी कटेगा और कानूनी कारवाई भी की जाएगी।"