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Hindi News ›   India News ›   US to provide consultancy to India to build advanced UAVs under USD 3 billion 31 Predator drone deal

MQ-9B: उन्नत यूएवी बनाने के लिए भारत की मदद करेगा यूएस; 31 प्रीडेटर ड्रोन सौदे के तहत अमेरिका का प्रस्ताव

Sun, 28 Jul 2024 09:34 PM IST
शिव शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिव शुक्ला Updated Sun, 28 Jul 2024 09:34 PM IST
सार

रक्षा सूत्रों के मुताबिक, परियोजना के हिस्से के रूप में एक उन्नत भारतीय ड्रोन विकसित करने के लिए भारतीय संस्थाओं को परामर्श प्रदान करने का अमेरिका ने प्रस्ताव रखा है। नरेंद्र मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में रक्षा अधिग्रहण परिषद की यह पहली बैठक होगी।

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US to provide consultancy to India to build advanced UAVs under USD 3 billion 31 Predator drone deal
भारत-अमेरिका - फोटो : ANI

विस्तार

भारत और अमेरिका के बीच 3.1 अरब डॉलर के 31 एमक्यू-9बी प्रीडेटर ड्रोन का सौदा होना है। इसके तहत अमेरिका ने स्वदेशी उन्नत मानव रहित हवाई वाहन (यूएवी) विकसित करने के लिए भारतीय संस्थाओं को परामर्श देने का प्रस्ताव रखा है। कल होने वाली रक्षा अधिग्रहण परिषद की बैठक में अमेरिका के इस प्रस्ताव पर मंथन किया जाएगा। 

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रक्षा सूत्रों के मुताबिक, परियोजना के हिस्से के रूप में एक उन्नत भारतीय ड्रोन विकसित करने के लिए भारतीय संस्थाओं को परामर्श प्रदान करने का अमेरिका ने प्रस्ताव रखा है। नरेंद्र मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में रक्षा अधिग्रहण परिषद की यह पहली बैठक होगी। इस बैठक में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह भी शामिल होंगे। सूत्रों ने कहा कि इस परामर्श से अत्यधिक उन्नत ड्रोन के विकास में लगने वाले समय में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है। 
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गौरतलब है कि भारत और अमेरिका पिछले कुछ वर्षों से ड्रोन सौदे के लिए चर्चा कर रहे हैं, जिसके तहत तीनों सेनाओं को 31 प्रीडेटर ड्रोन मिलेंगे, जिसमें नौसेना को 15 और वायु सेना तथा थल सेना और वायु सेना को दो-दो ड्रोन मिलेंगे। ड्रोन सौदा तीनों सेनाओं के स्तर पर किया जा रहा है, जिसमें भारतीय नौसेना अमेरिकी पक्ष के साथ इसके लिए बातचीत का नेतृत्व कर रही है। इस सौदे की अनुमानित लागत 3.99 अरब डॉलर (लगभग 33 हजार करोड़ रुपये) है। इन ड्रोन से समुद्री मार्गों की निगरानी एवं टोही गश्ती क्षमता और भविष्य के खतरों से निपटने में भारत की क्षमता में इजाफा होगा। इस ड्रोन सौदे का एलान जून 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ऐतिहासिक राजकीय यात्रा के दौरान किया गया था।
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इन ड्रोन्स को AGM-114R हेलफायर मिसाइल सेमी-एक्टिव लेजर (SAL) से लैस किया गया है। साथ ही नेविगेशन की इसकी बेहतरीन क्षमताओं के कारण इसे पिछले वेरिएंट की तुलना में अधिक ऊंचाई से लॉन्च किया जा सकता है। वहीं, इन ड्रोन्स में लगाया जाने वाला एलएसडीबी का लेजर सपोर्ट इसे उड़ते हुए लक्ष्यों पर हमला करने में सक्षम बनाता है।  

बेहद खास हैं प्रीडेटर ड्रोन
एमक्यू-9बी रीपर या प्रीडेटर ड्रोन की सबसे बड़ी खासियत ये है कि ये ड्रोन 40 हजार फीट से अधिक ऊंचाई पर करीब 40 घंटे तक उड़ान भर सकता है। यह ड्रोन सर्विलांस और हमले के लिहाज से बेहतरीन है और हवा से जमीन पर सटीक हमले करने में सक्षम हैं। 


यह खास क्यों है?
यह हर प्रकार के मौसम में 40 घंटे से अधिक समय तक उपग्रह के माध्यम से उड़ान भर सकता है। अपनी क्षमताओं की वजह से प्रीडेटर ड्रोन को मानवीय सहायता/आपदा राहत, खोज और बचाव, कानून प्रवर्तन, विरोधी सतह युद्ध, पनडुब्बी रोधी युद्ध, एयरबोर्न माइन काउंटरमेसर, लंबी दूरी की रणनीतिक आईएसआर, ओवर-द-एयर लक्ष्यीकरण, पनडुब्बी रोधी युद्ध में इस्तेमाल किया जा सकता है।

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