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चाबहार बंदरगाह: ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंधों से प्रभावित नहीं होगी परियोजना, लोकसभा में विदेश मंत्री का जवाब
Fri, 10 Dec 2021 02:56 PM IST
प्रशांत कुमार झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: प्रशांत कुमार झा
Updated Fri, 10 Dec 2021 02:56 PM IST
सार
इन सवालों पर जवाब देते हुए विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा, " आपका दावा पूरी तरह से गलत है। इस समझौते पर 2016 में हस्ताक्षर किए गए थे। हमने 2018 में टर्मिनल पर कब्जा कर लिया था।
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चाबहार बंदरगाह
- फोटो : SOCIAL MEDIA
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विस्तार
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शुक्रवार को लोकसभा में एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंधों से भारत की चाबहार बंदरगाह परियोजना प्रभावित नहीं हुई है और ना आगे होगी। बसपा सदस्य रितेश पांडे के एक सवाल का जवाब देते हुए मंत्री ने यह भी साफ कर दिया कि ईरान में भारत की चाबहार बंदरगाह परियोजना के लिए अमेरिकी प्रतिबंध से कोई लेना देना नहीं हैं।
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प्रश्नकाल के दौरान, पांडे ने सरकार से यह जानने की कोशिश की क्या ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंधों का चाबहार बंदरगाह पर भारत की परियोजना पर कोई असर पड़ा है, और दावा किया कि ईरानी सरकार "सार्वजनिक रूप से कह रही है कि हमारी चाबहार बंदरगाह परियोजना में बहुत देरी हुई है। बसपा सदस्य ने यह भी दावा किया कि वह "जागरूक" हैं कि चीन ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंधों का लाभ उठाकर परियोजना पर काम करने की कोशिश कर रहा है, जैसा कि उसने "रेल लिंक के साथ" किया था, और सरकार से पूछा कि क्या वह "समाधान" पर काम कर रही है।
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विदेश मंत्री ने बसपा सांसद के आरोपों को बताया गलत
इन सवालों पर जवाब देते हुए विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा, " आपका दावा पूरी तरह से गलत है। इस समझौते पर 2016 में हस्ताक्षर किए गए थे। हमने 2018 में टर्मिनल पर कब्जा कर लिया था। हम पहले ही छह क्रेन की आपूर्ति कर चुके हैं। टर्मिनल पूरी तरह काम में है। अमेरिकी प्रतिबंध इस परियोजना के लिए बिल्कुल भी प्रासंगिक नहीं हैं।
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अफगानिस्तान सरकार से करार की जरूरत नहीं- विदेश मंत्री
"चाबहार बंदरगाह संचालन पर हमारे सभी समझौते ईरान तक सीमित हैं। मूल रूप से, एक त्रिपक्षीय समझौता था बंदरगाह संचालन के संदर्भ में, हमें अफगानिस्तान सरकार के साथ कोई समझौता करने की जरूरत नहीं है और मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि बंदरगाह काम कर रहा है ।