{"_id":"68fe2c7b4c5dfc869c0efe46","slug":"us-looking-at-expanding-strategic-relationship-with-pak-but-it-will-not-be-at-expense-of-ties-with-india-usss-2025-10-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"US-India Ties: नरम पड़े अमेरिका के तेवर! रुबियो बोले- पाकिस्तान से मजबूत संबंध भारत से दोस्ती की कीमत पर नहीं","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
US-India Ties: नरम पड़े अमेरिका के तेवर! रुबियो बोले- पाकिस्तान से मजबूत संबंध भारत से दोस्ती की कीमत पर नहीं
Sun, 26 Oct 2025 07:43 PM IST
पवन पांडेय
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: पवन पांडेय
Updated Sun, 26 Oct 2025 07:43 PM IST
सार
US-India Ties: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने उन चिंताओं पर प्रतिक्रिया दी है कि पाकिस्तान के साथ अमेरिका के रणनीतिक संबंध मजबूत होने से भारत उससे दूर हो जाएगा। मार्को रुबियो ने कहा, पाकिस्तान के साथ हमारे रिश्ते भारत-अमेरिका के गहरे, ऐतिहासिक और अहम साझेदारी को कम नहीं कर सकते हैं।
विज्ञापन
भारत-अमेरिका संबंधों पर बोले मार्को रुबियो
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अमेरिका पाकिस्तान के साथ अपने रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने का अवसर देख रहा है, लेकिन यह भारत के साथ उसके ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण संबंधों के नुकसान पर नहीं होगा। यह बात अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कही है।
भारत-पाकिस्तान संबंधों पर रूबियो का बयान
मार्को रुबियो सोमवार को मलयेशिया में आसियान सम्मेलन में भाग लेने से पहले भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मिलने वाले हैं। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि भारत को इसकी साफ वजहों से चिंता हो सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका का पाकिस्तान के साथ संबंध भारत के साथ संबंधों को प्रभावित नहीं करेगा।
यह भी पढ़ें - Burevestnik Missile: रूस की परमाणु इंजन वाली ‘बुरेवेस्तनिक’ मिसाइल का सफल परीक्षण, 15 घंटे तक हवा में रही
विज्ञापन
भारतीय कूटनीति परिपक्व है - अमेरिकी विदेश मंत्री
मार्को रुबियो ने कहा, 'भारत को समझना चाहिए कि हमें कई देशों के साथ संबंध रखने की जरूरत है। हम पाकिस्तान के साथ अपने रणनीतिक संबंधों को बढ़ाने का अवसर देखते हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय कूटनीति परिपक्व है और भारत के कुछ ऐसे संबंध हैं जो अमेरिका के पास नहीं हैं। यह एक परिपक्व और व्यावहारिक विदेश नीति का हिस्सा है।
'भारत के साथ ऐतिहासिक और गहरे संबंध'
मार्को रूबियो ने दोहराया कि अमेरिका-पाकिस्तान संबंधों में जो भी कदम उठाए जा रहे हैं, वह अमेरिका और भारत के बीच गहरे, ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण संबंधों के नुकसान पर नहीं हैं।
भारत के रूसी तेल पर खरीदारी और अमेरिकी दृष्टिकोण
पत्रकारों ने पूछा कि क्या भारत अपने रूस से तेल की खरीद कम कर अमेरिकी व्यापार सौदे के लिए तैयार होगा। इस पर रूबियो ने कहा कि भारत पहले ही अपनी तेल खरीद को विविध करने की इच्छा जता चुका है। उन्होंने कहा, 'यदि वे अपनी तेल खरीद में विविधता लाते हैं, तो वे जितना हमसे खरीदेंगे, उतना किसी और से भी खरीदेंगे। लेकिन मैं कोई व्यापार सौदा तय नहीं कर रहा हूं।'
यह भी पढ़ें - Trump: थाईलैंड और कंबोडिया ने संघर्ष विराम समझौते पर किए हस्ताक्षर, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप भी रहे मौजूद
अमेरिका-पाकिस्तान संबंधों में हालिया बदलाव
अमेरिका-पाकिस्तान संबंध पिछले छह महीनों में सुधरे हैं, खासकर मई में भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य टकराव के बाद। उस समय अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर से मुलाकात की। भारत ने राष्ट्रपति ट्रंप के यह दावा खारिज किया कि उन्होंने दोनों देशों के बीच संघर्ष समाप्त कराया, जबकि पाकिस्तान ने इसे मान्यता दी।
विज्ञापन
भारत-पाकिस्तान संबंधों पर रूबियो का बयान
मार्को रुबियो सोमवार को मलयेशिया में आसियान सम्मेलन में भाग लेने से पहले भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मिलने वाले हैं। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि भारत को इसकी साफ वजहों से चिंता हो सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका का पाकिस्तान के साथ संबंध भारत के साथ संबंधों को प्रभावित नहीं करेगा।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें - Burevestnik Missile: रूस की परमाणु इंजन वाली ‘बुरेवेस्तनिक’ मिसाइल का सफल परीक्षण, 15 घंटे तक हवा में रही
विज्ञापन
भारतीय कूटनीति परिपक्व है - अमेरिकी विदेश मंत्री
मार्को रुबियो ने कहा, 'भारत को समझना चाहिए कि हमें कई देशों के साथ संबंध रखने की जरूरत है। हम पाकिस्तान के साथ अपने रणनीतिक संबंधों को बढ़ाने का अवसर देखते हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय कूटनीति परिपक्व है और भारत के कुछ ऐसे संबंध हैं जो अमेरिका के पास नहीं हैं। यह एक परिपक्व और व्यावहारिक विदेश नीति का हिस्सा है।
'भारत के साथ ऐतिहासिक और गहरे संबंध'
मार्को रूबियो ने दोहराया कि अमेरिका-पाकिस्तान संबंधों में जो भी कदम उठाए जा रहे हैं, वह अमेरिका और भारत के बीच गहरे, ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण संबंधों के नुकसान पर नहीं हैं।
भारत के रूसी तेल पर खरीदारी और अमेरिकी दृष्टिकोण
पत्रकारों ने पूछा कि क्या भारत अपने रूस से तेल की खरीद कम कर अमेरिकी व्यापार सौदे के लिए तैयार होगा। इस पर रूबियो ने कहा कि भारत पहले ही अपनी तेल खरीद को विविध करने की इच्छा जता चुका है। उन्होंने कहा, 'यदि वे अपनी तेल खरीद में विविधता लाते हैं, तो वे जितना हमसे खरीदेंगे, उतना किसी और से भी खरीदेंगे। लेकिन मैं कोई व्यापार सौदा तय नहीं कर रहा हूं।'
यह भी पढ़ें - Trump: थाईलैंड और कंबोडिया ने संघर्ष विराम समझौते पर किए हस्ताक्षर, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप भी रहे मौजूद
अमेरिका-पाकिस्तान संबंधों में हालिया बदलाव
अमेरिका-पाकिस्तान संबंध पिछले छह महीनों में सुधरे हैं, खासकर मई में भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य टकराव के बाद। उस समय अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर से मुलाकात की। भारत ने राष्ट्रपति ट्रंप के यह दावा खारिज किया कि उन्होंने दोनों देशों के बीच संघर्ष समाप्त कराया, जबकि पाकिस्तान ने इसे मान्यता दी।