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व्यापार वार्ता के लिए आज भारत आएगा अमेरिकी दल, जेमिसन ग्रीर के नेतृत्व में समझौते को अंतिम रूप देंगे दोनों देश
Tue, 23 Jun 2026 07:03 AM IST
Devesh Tripathi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Devesh Tripathi
Updated Tue, 23 Jun 2026 07:03 AM IST
सार
केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को कहा, भारत अमेरिका से ऐसा व्यापार ढांचा चाहता है जिससे भारतीय निर्यातकों को वियतनाम और अन्य आसियान देशों की तुलना में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिल सके। अगर 24 जुलाई से पहले समझौता हो जाए तो मुझे खुशी होगी। इसी दिन अमेरिका की ओर से व्यापारिक साझेदारों पर लागू अस्थायी 10 प्रतिशत शुल्क की अवधि समाप्त हो रही है।
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भारत-अमेरिका व्यापार समझौता
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए अमेरिका के शीर्ष व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर मंगलवार को नई दिल्ली पहुंचेंगे। दोनों देशों के बीच यह वार्ता ऐसे समय हो रही है, जब भारत अन्य एशियाई देशों की तुलना में बेहतर व्यापारिक शर्ते हासिल करने की कोशिश कर रहा है।
जेमिसन की भारत यात्रा 17 जून को फ्रांस में जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात के बाद हो रही है। दोनों नेताओं की करीब एक साल बाद हुई इस मुलाकात में व्यापार समझौते को आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई थी। इस साल फरवरी में दोनों देशों के बीच व्यापार को लेकर एक प्रारंभिक समझ बनी थी, लेकिन अमेरिका की ओर से धारा 301 (सेक्शन 301) के तहत चल रही जांच को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
यह जांच कथित अतिरिक्त उत्पादन क्षमता और जबरन श्रम जैसे मुद्दों से जुड़ी है। इस साल फरवरी में दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हुए थे कि भारत व्यापार की बाधाओं को कम करेगा। साथ ही भारत और अधिक अमेरिकी सामान खरीदेगा, जिसके बदले में भारतीय सामान पर 18 प्रतिशत टैरिफ लगाया जाएगा। यह शुल्क बांग्लादेश और वियतनाम जैसे प्रतिस्पर्धी देशों पर लगने वाले टैरिफ से कम था।
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24 जुलाई से पहले समझौता चाहता है भारत
केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को कहा, भारत अमेरिका से ऐसा व्यापार ढांचा चाहता है जिससे भारतीय निर्यातकों को वियतनाम और अन्य आसियान देशों की तुलना में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिल सके। अगर 24 जुलाई से पहले समझौता हो जाए तो मुझे खुशी होगी। इसी दिन अमेरिका की ओर से व्यापारिक साझेदारों पर लागू अस्थायी 10 प्रतिशत शुल्क की अवधि समाप्त हो रही है। भारत यह भी चाहता है कि समझौते के बाद अमेरिका नए शुल्क न लगाए। विशेषज्ञों के मुताबिक, अमेरिका भारत पर कृषि बाजार खोलने, अधिक ऊर्जा और रक्षा उत्पाद खरीदने के लिए भी दबाव बना सकता है।
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जेमिसन की भारत यात्रा 17 जून को फ्रांस में जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात के बाद हो रही है। दोनों नेताओं की करीब एक साल बाद हुई इस मुलाकात में व्यापार समझौते को आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई थी। इस साल फरवरी में दोनों देशों के बीच व्यापार को लेकर एक प्रारंभिक समझ बनी थी, लेकिन अमेरिका की ओर से धारा 301 (सेक्शन 301) के तहत चल रही जांच को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
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यह जांच कथित अतिरिक्त उत्पादन क्षमता और जबरन श्रम जैसे मुद्दों से जुड़ी है। इस साल फरवरी में दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हुए थे कि भारत व्यापार की बाधाओं को कम करेगा। साथ ही भारत और अधिक अमेरिकी सामान खरीदेगा, जिसके बदले में भारतीय सामान पर 18 प्रतिशत टैरिफ लगाया जाएगा। यह शुल्क बांग्लादेश और वियतनाम जैसे प्रतिस्पर्धी देशों पर लगने वाले टैरिफ से कम था।
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24 जुलाई से पहले समझौता चाहता है भारत
केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को कहा, भारत अमेरिका से ऐसा व्यापार ढांचा चाहता है जिससे भारतीय निर्यातकों को वियतनाम और अन्य आसियान देशों की तुलना में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिल सके। अगर 24 जुलाई से पहले समझौता हो जाए तो मुझे खुशी होगी। इसी दिन अमेरिका की ओर से व्यापारिक साझेदारों पर लागू अस्थायी 10 प्रतिशत शुल्क की अवधि समाप्त हो रही है। भारत यह भी चाहता है कि समझौते के बाद अमेरिका नए शुल्क न लगाए। विशेषज्ञों के मुताबिक, अमेरिका भारत पर कृषि बाजार खोलने, अधिक ऊर्जा और रक्षा उत्पाद खरीदने के लिए भी दबाव बना सकता है।