{"_id":"64da3541f29f053922047326","slug":"us-congressman-ro-khanna-said-india-g20-presidency-appropriate-recognition-of-its-rise-as-world-power-2023-08-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"India: रो खन्ना बोले- जी-20 अध्यक्षता विश्व शक्ति के रूप में उदय की पहचान, UNSC में स्थायी सदस्यता की वकालत की","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
India: रो खन्ना बोले- जी-20 अध्यक्षता विश्व शक्ति के रूप में उदय की पहचान, UNSC में स्थायी सदस्यता की वकालत की
Mon, 14 Aug 2023 07:38 PM IST
देव कश्यप
पीटीआई, नई दिल्ली।
पीटीआई, नई दिल्ली।
Published by: देव कश्यप
Updated Mon, 14 Aug 2023 07:38 PM IST
सार
भारत की यात्रा पर आए अमेरिकी कांग्रेस के सदस्य खन्ना ने यह भी कहा कि चीन को भारत के साथ अपनी सीमाओं का सम्मान करना चाहिए और अगर नई दिल्ली को किसी भी सुरक्षा चुनौती का सामना करना पड़ता है तो वाशिंगटन पुरजोर समर्थन करेगा।
विज्ञापन
भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद रो खन्ना (फाइल फोटो)।
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद रो खन्ना ने सोमवार को कहा कि भारत को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) का स्थायी सदस्य होना चाहिए और उसकी जी-20 की अध्यक्षता एक विश्व शक्ति के रूप में उसके उदय की उचित मान्यता है। समाचार एजेंसी पीटीआई को दिए एक विशेष साक्षात्कार में खन्ना ने कहा कि रूस के साथ अपने ऐतिहासिक संबंधों को देखते हुए भारत यूक्रेन में न्यायसंगत शांति लाने में सहायक भूमिका निभा सकता है।
विज्ञापन
भारत की यात्रा पर आए अमेरिकी कांग्रेस के सदस्य खन्ना ने यह भी कहा कि चीन को भारत के साथ अपनी सीमाओं का सम्मान करना चाहिए और अगर नई दिल्ली को किसी भी सुरक्षा चुनौती का सामना करना पड़ता है तो वाशिंगटन पुरजोर समर्थन करेगा। खन्ना और सांसद माइकल वॉल्ट्ज भारत में अमेरिकी कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं। ये दोनों भारत एवं भारतीय अमेरिकियों पर द्विदलीय अमेरिकी कॉकस के सह-अध्यक्ष हैं।
विज्ञापन
यूएनएससी में भारत की स्थायी सदस्यता की वकालत की
भारत की जी-20 की अध्यक्षता को बहुत ही महत्वपूर्ण बताते हुए खन्ना ने कहा कि देश की बढ़ती वैश्विक छवि को देखते हुए उसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में होना चाहिए। उन्होंने कहा, "भारत को यूएनएससी में होना चाहिए। आइए दुनिया की शक्ति और अर्थव्यवस्था में बदलाव को देखते हुए इसे लेकर बहुत स्पष्ट रहें। इसलिए यह तथ्य कि भारत जी-20 का नेतृत्व कर रहा है, विश्व शक्ति के रूप में भारत के उदय की उचित मान्यता है।"
विज्ञापन
अमेरिका-भारत के संबंध पहले कभी इतने मजबूत नहीं रहे: रो खन्ना
खन्ना ने इस बात पर भी जोर दिया कि रक्षा और महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों के क्षेत्रों में भारत और अमेरिका के बीच घनिष्ठ संबंध रिश्ते को और मजबूत करेंगे। उन्होंने कहा, भारत-अमेरिका संबंध कभी इतने मजबूत नहीं रहे। यह संबंध रक्षा सहयोग, आर्थिक सहयोग, प्रौद्योगिकी सहयोग और जलवायु सहयोग पर बन रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका की हाल की यात्रा को बहुत सफल बताया।
पीएम मोदी की अमेरिका यात्रा को बताया सफल
उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री की अमेरिकी यात्रा सफल रही। हमारा प्रतिनिधिमंडल उस पर काम कर रहा है। राष्ट्रपति जो बाइडन सितंबर में यहां आ रहे हैं। हम इसे 21वीं सदी के सबसे महत्वपूर्ण रिश्तों में से एक बनाने जा रहे हैं। राष्ट्रपति बाइडन अगले महीने जी-20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए नई दिल्ली आने वाले हैं।
समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में भारत-अमेरिका के बढ़ते सहयोग की प्रशंसा की
उन्होंने समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में भी भारत-अमेरिका के बढ़ते सहयोग की प्रशंसा की। अमेरिकी सांसद ने कहा, मुझे यह देखकर बहुत प्रसन्नता हुई कि भारतीय नौसेना यह सुनिश्चित करने के लिए अमेरिकी नौसेना के साथ अभ्यास कर रही है कि अरब सागर जहाजों के निर्बाध आवागमन के लिए सुरक्षित रहे।
धार्मिक स्वतंत्रता पर अमेरिकी विदेश विभाग की हालिया रिपोर्ट पर दिया यह बयान
अमेरिका और भारत दोनों के सामने मौजूद चुनौतियों का जिक्र करते हुए उन्होंने अल्पसंख्यकों के अधिकारों का सम्मान करने और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करने की आवश्यकता को रेखांकित किया।धार्मिक स्वतंत्रता पर अमेरिकी विदेश विभाग की हालिया रिपोर्ट के बारे में पूछे जाने पर, जिसमें अल्पसंख्यकों पर कथित हमलों के लिए भारत की आलोचना की गई है, खन्ना ने कहा कि वह रिपोर्ट पर कायम हैं।
उन्होंने कहा, हम दोनों अपूर्ण लोकतंत्र हैं। हमारे पास घरेलू स्तर पर भी अपनी चुनौतियां हैं। भारत में अपनी चुनौतियां हैं और महत्वपूर्ण बात यह है कि हम अल्पसंख्यक अधिकारों के लिए काम करते हैं, उचित पुलिस क्षमता और पुलिस सुधार करते हैं ताकि सभी के साथ समान व्यवहार किया जाए हम यह सुनिश्चित करते हैं। उन्होंने आगे कहा कि हम सभी आस्थाओं और सभी लोगों का जश्न मनाते हैं।'
यूक्रेन संकट पर कही यह बात
उन्होंने कहा, मैं अमेरिका में इस पर काम करता हूं और हमें यह सुनिश्चित करने के लिए अच्छे दोस्त और अच्छे सहयोगी के रूप में काम करने की जरूरत है कि दोनों देशों में ऐसा हो। यूक्रेन संकट पर खन्ना ने कहा, यूक्रेन में शांति होनी चाहिए और उसकी संप्रभुता बहाल होनी चाहिए। युद्धविराम होना चाहिए। मेरा मानना है कि रूस के साथ ऐतिहासिक संबंधों को देखते हुए भारत सरकार शांति स्थापित करने में सहायक भूमिका निभा सकती है।