फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   US banned raw materials to make corona vaccines

Corona vaccine : वैक्सीन बनाने के लिए अमेरिका ने कच्चे माल पर लगाई पाबंदी

Sat, 06 Mar 2021 07:30 AM IST
Jeet Kumar अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली। Published by: Jeet Kumar Updated Sat, 06 Mar 2021 07:30 AM IST
सार

  • अमेरिका की अस्थायी रोक से वैक्सीन उत्पादन पर पड़ सकता है बड़ा असर
  • सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया के सीईओ अदर पूनावाला ने उठाया मुद्दा
  • विश्व बैंक की ओर से आयोजित चर्चासत्र में बोले अदर पूनावाला

विज्ञापन
US banned raw materials to make corona vaccines
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

कोरोना वायरस से बचाव के लिए दुनिया का हर देश टीकाकरण पर जोर दे रहा है लेकिन आगामी दिनों में टीकाकरण पर एक बड़ा संकट खड़ा हो सकता है। वैक्सीन बनाने में जिन वस्तुओं का इस्तेमाल किया जाता है उनके कच्चे माल की आपूर्ति पर अमेरिका ने पाबंदी लगा दी है।

विज्ञापन


हालांकि यह पाबंदी स्थायी नहीं है लेकिन इससे अगले कुछ समय में वैक्सीन उत्पादन पर असर जरूर पड़ सकता है। नोवावैक्स कंपनी की वैक्सीन के लिए यह समस्या और भी ज्यादा जटिल है क्योंकि इस वैक्सीन का उत्पादन पूरी तरह से अमेरिका से मिलने वाले कच्चे माल पर निर्भर करता है।
विज्ञापन


दुनिया को 80 फीसदी वैक्सीन उपलब्ध कराने वाले पुणे स्थित सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया के सीईओ अदर पूनावाला ने अमेरिका की पाबंदी को लेकर सवाल खड़े किए हैं। विश्व बैंक की ओर से आयोजित चर्चा सत्र में अदर पूनावाला ने यह मुद्दा उठाते हुए बताया कि अमेरिकी कानून की वजह से आने वाले दिनों में काफी अड़चनें पैदा हो सकती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने बताया कि वैक्सीन को बनाने के लिए बैग, फिल्टर, कैप और उसकी पैकिंग में इस्तेमाल वस्तुओं को निर्यात किया जाता है। दुनिया में सबसे ज्यादा इन वस्तुओं का उत्पादन अमेरिका में ही होता है। चूंकि इस वक्त पूरी दुनिया को काफी मात्रा में वैक्सीन चाहिए। इसलिए इतनी मांग को पूरा करने की क्षमता अमेरिका के पास है लेकिन कुछ ही समय पहले अमेरिका ने पाबंदी लगाई है।

सीईओ के अनुसार कोविड-19 महामारी के इस वक्त में जहां हर देश एक दूसरे के सहयोग से आगे बढ़ रहा है। ऐसे में सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया भी दुनिया के कई देशों की जरूरत को पूरा करने के लिए रात दिन वैक्सीन का उत्पादन कर रहा है लेकिन अमेरिका का फैसला काफी नुकसान दे सकता है।

वर्तमान में वैक्सीन को पर्याप्त भंडारण और कच्चा माल उपलब्ध है लेकिन इससे अगले कुछ सप्ताह तक ही काम चलाया जा सकता है। अगर जल्द ही अमेरिका ने यह फैसला वापस नहीं लिया तो शायद कुछ सप्ताह बाद वैक्सीन उत्पादन को कम या रोकना पड़ सकता है।

हालांकि भारत में इस वक्त कोविशील्ड और कोवाक्सिन को लेकर टीकाकरण चल रहा है। इनका पर्याप्त भंडारण पहले से मौजूद है। साथ ही इनके उत्पादन में ज्यादा कच्चे माल का इस्तेमाल नहीं होता है लेकिन लंबे समय तक पाबंदी रहने से दिक्कत जरूर हो सकती है।

जानकारी के अनुसार सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया कोविशील्ड के अलावा नोवावैक्स कंपनी का कोरोना वैक्सीन भी बना रहा है जिसमें अमेरिका से आने वाले कच्चे माल का इस्तेमाल ज्यादा किया जा रहा है।

पूनावाला ने कहा कि नोवावैक्स वैक्सीन का प्रमुख निर्माता होने की वजह से उनको इन वस्तुओं की जरूरत है। अगर हमें पूरी दुनिया के लिए वैक्सीन का निर्माण की बात करें तो हमें इन महत्वपूर्ण कच्चे माल को लेकर दिक्कतें पैदा हो सकती हैं।

दरअसल बाइडेन प्रशासन ने अमेरिका में टीकाकरण कार्यक्रम को गति देने के लिए डिफेंस प्रोडक्शन एक्ट लागू करने का एलान किया है। इसके बाद कच्चे माल के निर्यात को लेकर वैक्सीन उत्पादन कंपनियां सवाल खड़े कर रही हैं।


पूनावाला ने कहा कि इसके लिए बाइडेन प्रशासन ने चर्चा करने की जरूरत है। पूनावाला ने कहा कि भारत की ओर से टीके को इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी मिलने के बाद सीरम ने पिछले दो महीनों में एक्ट्राजेनेका वैक्सीन की 9 करोड़ खुराक विदेशों में भेज चुके हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed