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US: अमेरिका के एक अधिकारी को भारतीयों पर नस्लवादी टिप्पणी करना पड़ा भारी, कंपनी ने दिखाया बाहर का रास्ता
Wed, 17 Dec 2025 12:11 AM IST
हिमांशु चंदेल
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: हिमांशु चंदेल
Updated Wed, 17 Dec 2025 12:11 AM IST
सार
US AI Executive Fired: सैन फ्रांसिस्को के एक हैकाथॉन की तस्वीर पर भारतीय और दक्षिण एशियाई प्रतिभागियों को लेकर की गई 'इमैजिन द स्मेल' टिप्पणी के बाद अमेरिकी एआई कंपनी क्लाइन ने अपने एआई प्रमुख निक पैश को बर्खास्त कर दिया।
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सैन फ्रांसिस्को के हैकाथॉन की तस्वीर में भारतीय और दक्षिण एशियाई प्रतिभागी
- फोटो : X-@taycaldwell
विस्तार
अमेरिका के टेक उद्योग में नस्लवाद और जवाबदेही को लेकर एक बार फिर तीखी बहस छिड़ गई है। सैन फ्रांसिस्को में आयोजित एक हैकाथॉन की तस्वीर पर भारतीय और दक्षिण एशियाई प्रतिभागियों को लेकर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद एक अमेरिकी एआई कंपनी ने अपने वरिष्ठ अधिकारी को नौकरी से हटा दिया। यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ और देखते ही देखते वैश्विक स्तर पर चर्चा का विषय बन गया।
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दावा है कि ओपन-सोर्स एलएलएम टूल बनाने वाली कंपनी क्लाइन के एआई प्रमुख निक पैश ने एक्स पर साझा एक तस्वीर के नीचे 'इमैजिन द स्मेल' लिखा था। तस्वीर में हैकाथॉन के प्रतिभागी नजर आ रहे थे, जिनमें बड़ी संख्या भारतीय और दक्षिण एशियाई मूल के इंजीनियरों की थी। इस टिप्पणी को नस्लवादी और अपमानजनक बताते हुए सोशल मीडिया पर कड़ी प्रतिक्रिया हुई।
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imagine the smell
— pash (@pashmerepat) December 8, 2025
सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया
टिप्पणी सामने आते ही यूजर्स ने इसे नस्लीय पूर्वाग्रह से जुड़ा बताया। आलोचकों का कहना था कि यह कथन भारतीय और दक्षिण एशियाई समुदाय को नीचा दिखाने वाला है। खास बात यह रही कि टिप्पणी किसी आम यूजर ने नहीं, बल्कि एक वरिष्ठ एआई अधिकारी ने की थी, जिससे मामला और गंभीर हो गया। देखते ही देखते कंपनी पर कार्रवाई का दबाव बढ़ने लगा।
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माफी से इनकार, कंपनी की कार्रवाई
निक पैश ने आलोचना के बावजूद माफी मांगने से इनकार कर दिया। उन्होंने इसे हल्का-फुल्का मजाक बताया और पोस्ट हटाने से भी मना कर दिया। कंपनी के सीईओ सऊद रिज़वान ने शुरुआत में पैश का बचाव करने की कोशिश की और कहा कि हैकाथॉन जैसे भीड़भाड़ वाले आयोजनों में इस तरह की बातें संदर्भ से बाहर निकाल दी गई हैं। हालांकि, बाद में कंपनी ने साफ किया कि माफी से इनकार करना उसके मूल्यों के खिलाफ है और इसी आधार पर पैश को पद से हटा दिया गया।
इमैजिन द स्मेल’ का अर्थ और विवाद
विशेषज्ञों और सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि 'इमैजिन द स्मेल' वाक्यांश लंबे समय से नस्लवादी संकेत के तौर पर इस्तेमाल होता रहा है। इसे भारतीयों और दक्षिण एशियाई लोगों के खिलाफ एक छिपे हुए तंज के रूप में देखा जाता है, जो औपनिवेशिक दौर की रूढ़ छवियों से जुड़ा है। इसी वजह से इस टिप्पणी को केवल मजाक मानने से इनकार किया गया।
बर्खास्तगी के बाद दूसरा विवाद
निक पैश की बर्खास्तगी के बाद विवाद और बढ़ गया। सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने इसे ‘भीड़ का न्याय’ करार दिया और कहा कि एक कथित मजाक के लिए नौकरी से निकालना जरूरत से ज्यादा कार्रवाई है। इसी बहाने कुछ प्लेटफॉर्म पर भारत-विरोधी टिप्पणियां भी देखने को मिलीं, जिससे बहस का दायरा और फैल गया।
इसके जवाब में कई लोगों ने कहा कि टेक उद्योग में काम करने वाले वरिष्ठ पदाधिकारियों को अपने शब्दों की जिम्मेदारी लेनी होगी। उनका तर्क था कि वैश्विक टेक कंपनियां भारतीय प्रतिभाओं पर काफी हद तक निर्भर हैं और ऐसे बयानों से कार्यस्थल का माहौल खराब होता है।
निक पैश ने नौकरी से हटाए जाने के बाद कहा कि उन्हें इस पूरे घटनाक्रम को समझने के लिए समय चाहिए। उन्होंने यह भी लिखा कि कई लोगों ने निजी तौर पर उनका समर्थन किया है। हालांकि, कंपनी ने स्पष्ट कर दिया कि नस्लवादी या अपमानजनक भाषा के लिए कोई जगह नहीं है।
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