फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Upto Rs one Lakh Income Tax deduction on CRPF employees ration money and detachment allowance

जवानों की गुहार: सीआरपीएफ योद्धाओं की ‘रोटी’ पर लगा टैक्स, सिपाही से कमांडेंट तक झेल रहे हैं ‘राशन मनी’ का नुकसान

Thu, 18 Mar 2021 01:49 PM IST
Harendra Chaudhary जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली
जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Thu, 18 Mar 2021 01:49 PM IST
सार

दिल्ली हाईकोर्ट ने अप्रैल 2019 में आदेश दिया कि सीआरपीएफ में सिपाही से लेकर कमांडेंट स्तर तक सभी को राशन मनी मिलेगा। भले ही वे किसी भी जगह पर तैनात हैं...

विज्ञापन
Upto Rs one Lakh Income Tax deduction on CRPF employees ration money and detachment allowance
सीआरपीएफ - फोटो : Amar Ujala (File)

विस्तार

देश के सबसे बड़े केंद्रीय अर्धसैनिक बल 'सीआरपीएफ' में सिपाही से लेकर कमांडेंट स्तर तक के योद्धाओं के पौष्टिक खाने पर टैक्स लग गया है। सेना एवं दूसरे सशस्त्र बलों में ऐसा देखने को नहीं मिलता। सीआरपीएफ अधिकारियों का कहना है कि उन्हें राशन मनी का केस जीतने के बाद जो एरियर मिला है, उसमें करीब एक लाख रुपये बतौर आयकर काट लिए गए हैं।

विज्ञापन


डिटेचमेंट अलाउंस भी पूरा नहीं दिया जा रहा है। खास बात है कि दिल्ली हाईकोर्ट ने अपने आदेश में राशन मनी पर टैक्स लगाने जैसी कोई बात नहीं कही है। सीआरपीएफ डीजी कुलदीप सिंह ने कहा है, अभी केंद्रीय गृह मंत्रालय से इस पर कोई आदेश नहीं मिले हैं।
विज्ञापन


बता दें कि देश के सबसे बड़े केंद्रीय अर्धसैनिक बल में पहले सभी कार्मियों को राशन मनी नहीं मिलती थी। एसएसबी, बीएसएफ और आईटीबीपी को तभी राशन मनी दी जाती थी, जब इनके जवानों की तैनाती सेना के साथ होती थी। छत्तीसगढ़ में अगर ये बल तैनात हैं तो भी इन्हें राशन मनी से वंचित रखा जा रहा था। सीआरपीएफ को किसी भी जगह पर ये भत्ता नहीं मिलता था।
विज्ञापन
विज्ञापन


बाद में सीआरपीएफ की तरफ से कहा गया कि नियमानुसार सिपाही से लेकर इंस्पेक्टर तक राशन मनी दी जाएगी। सहायक कमांडेंट, डिप्टी कमांडेंट, सेकंड इन कमांड और कमांडेंट को भी राशन मनी नहीं दी गई। इसके विरोध में सीआरपीएफ अधिकारी दिल्ली हाईकोर्ट चले गए।

कैडर अधिकारियों का कहना है, कई जगहों पर जवानों को यह कह कर उन्हें वित्तीय फायदों से वंचित रखा गया कि वे डिटेचमेंट अलाउंस या राशन मनी में से कोई एक ले लें। मजबूरी के चलते जवानों को जो भी अधिक दिखता, वे उसे ले लेते थे। दिल्ली हाईकोर्ट ने अप्रैल 2019 में आदेश दिया कि सीआरपीएफ में सिपाही से लेकर कमांडेंट स्तर तक सभी को राशन मनी मिलेगा। भले ही वे किसी भी जगह पर तैनात हैं। किसी जवान या अधिकारी को यह कहकर किसी एक वित्तीय फायदे से वंचित नहीं किया जा सकता कि उसे तो पहले से ही दूसरा फायदा मिल रहा है।

सभी योग्य कर्मियों को उनका डिटेचमेंट अलाउंस और राशन मनी का भुगतान किया जाएगा। अदालत के इस फैसले के मुताबिक, सिपाही, हवलदार, एएसआई, एसआई, इंस्पेक्टर, सहायक कमांडेंट, डिप्टी कमांडेंट, सेकंड इन कमांड और कमांडेंट को ये दोनों फायदे मिलेंगे। आजकल राशन मनी के तौर पर करीब 3,750 रुपये प्रति महीना मिलते हैं। राशन मनी का पिछला भुगतान साल 1998 से देय होगा।

सीआरपीएफ की 75वीं बटालियन के सेकंड इन कमांड विक्रम सिंह ने इस बाबत दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी। अदालत ने उनके द्वारा रखे गए साक्ष्यों को ठीक पाया और यह आदेश दिया कि सभी योग्य कर्मियों को डिटेचमेंट अलाउंस और राशन मनी दोनों मिलेगा। पहले यदि कोई कर्मी पूरा डिटेचमेंट अलाउंस ले लेता था, तो उसे राशन मनी भत्ता नहीं मिलता था। याचिकाकर्ता विक्रम सिंह ने अदालत के समक्ष यही मुद्दा उठाया था कि इन दोनों भत्तों का आपस में कोई संबंध नहीं है। सूत्र बताते हैं कि निचले स्तर पर सभी कर्मियों को राशन मनी भत्ता नहीं मिल रहा है।

बल के तीन-चार हजार अधिकारियों को चार से पांच लाख रुपये का एरियर दिया गया है, लेकिन इस राशि में से एक लाख रुपये तक का आयकर काट लिया गया। अधिकारियों के अलावा सिपाही से लेकर इंस्पेक्टर तक जिन्हें राशन मनी मिल रही है, उन्हें आयकर चुकाने के बाद बड़ा आर्थिक नुकसान हो रहा है। वजह, राशन मनी को वेतन के साथ जोड़कर दिया जा रहा है, जबकि यह सेलरी हेड का पार्ट नहीं है। राशन मनी प्रतिपूरक फंड के तहत दी जाती है।


इस बाबत सीआरपीएफ के नवनियुक्त डीजी कुलदीप सिंह ने गुरुवार को सीजीओ स्थित मुख्यालय में कहा, राशन मनी पर लग रहे आयकर को लेकर सवाल उठते रहते हैं। इस बारे में केंद्रीय गृह मंत्रालय के साथ बातचीत की गई है। सिपाही से लेकर इंस्पेक्टर तक सभी को राशन मनी दी जा रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed