चिन्मयानंद मामला: सुप्रीम कोर्ट में पेश छात्रा ने सुनाई आपबीती, नहीं लौटना चाहती यूपी
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पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता स्वामी चिन्मयानंद के खिलाफ उत्पीड़न के आरोप लगाने के बाद गुमशुदा हुई कानून की छात्रा को लेकर उत्तर प्रदेश पुलिस शुक्रवार को उच्चतम न्यायालय पहुंची। उच्चतम न्यायालय ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि उन्होंने लड़की के साथ बातचीत की और वह अब उत्तर प्रदेश वापस नहीं जाना चाहती है। आपबीती सुनाते हुए लड़की ने कहा कि वह अपनी जान बचाने के लिए दोस्त के साथ राजस्थान में रह रही थी।
उच्चतम न्यायालय ने कहा कि लड़की अपने माता पिता के दिल्ली आने तक यहीं रहना चाहती है। न्यायालय ने कहा, मामले के तथ्यों को ध्यान में रखते हुए, हम पुलिस आयुक्त दिल्ली को निर्देशित करते हैं कि वे छात्रा के माता-पिता को उससे मिलने आने के लिए आरामदायक यात्रा के लिए पुलिस की एक टीम भेजें।
Supreme Court also says 'Considering the facts of the case, we direct the Commissioner of Police, Delhi to send a team of police for their (parents of the law student) comfortable travel to meet the girl.' https://t.co/1zH0OnhG9L
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) August 30, 2019
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सुरक्षा के मद्देनजर लड़की दो दिन दिल्ली में रहेगी। मां-बाप के आने तक दिल्ली में ही रहेगी। दिल्ली पुलिस की टीम शाहजहांपुर जाकर मां-बाप को लेकर आए। लड़की ने जिम्मेदारी से जवाब दिए हैं। मां-बाप से मिलने के बाद हम दो दिन बाद मामले की दोबारा सुनवाई करेंगे। कोर्ट ने कहा कि अगली सुनवाई तक लड़की से कोई भी मुलाकात नहीं कर सकता।
राजस्थान से बरामद
बता दें कि इस छात्रा को पुलिस ने राजस्थान से बरामद किया था। न्यायमूर्ति आर भानुमति और न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना की पीठ ने भोजनावकाश से पहले उत्तर प्रदेश पुलिस को निर्देश दिया था कि कानून की इस छात्रा को शुक्रवार को ही न्यायालय में पेश किया जाए। पीठ ने कहा था कि वह चैंबर में इस छात्रा से बातचीत करने के बाद अपना आदेश पारित करेगी।इससे पहले, यूपी सरकार के अधिवक्ता ने पीठ को सूचित किया था कि इस छात्रा को राजस्थान से बरामद किया गया है और पुलिस का दल उसे उसके माता पिता से मिलाने के लिए शाहजहांपुर ले जा रहा है। पीठ को जब यह बताया गया कि पुलिस का दल इस छात्रा को लेकर फतेहपुर सीकरी पहुंचा है और ढाई घंटे में यह उच्चतम न्यायालय पहुंच सकता है, तो पीठ ने पुलिस को ऐसा करने का निर्देश दिया।
वकीलों के एक समूह द्वारा इस घटना के बारे में प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई को लिखे गए पत्र का शीर्ष अदालत ने स्वत: संज्ञान लिया था। शाहजहांपुर पुलिस ने कानून की इस छात्रा का एक वीडियो क्लिप सामने आने पर मंगलवार को चिन्मयानंद के खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज की थी। इस वीडियो क्लिप में छात्रा ने उनपर उत्पीड़न करने का आरोप लगाया था।
इस छात्रा ने इसी क्लिप में अपने और अपने परिवार को जान का खतरा होने की बात भी कही थी। इस छात्रा के पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी जिसमें चिन्मयानंद पर उसका यौन शोषण करने का आरोप लगाया था। भाजपा नेता के वकील ने इस आरोप का प्रतिवाद करते हुए दावा किया था कि यह उन्हें ब्लैकमेल करने की साजिश है।
इस छात्रा के पिता ने आरोप लगाया था कि मुमुक्षु आश्रम के प्रधान भाजपा के इस 72 वर्षीय नेता के इशारे पर ही उनकी पुत्री लापता की गई है। यह युवती आश्रम द्वारा संचालित कॉलेजों में से एक में स्नातकोत्तर की छात्रा है।