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यूपी: अब एनएचएम में करोड़ों का पीएफ घोटाला
ब्यूरो/अमर उजाला, गोरखपुर
Updated Tue, 10 May 2016 04:19 AM IST
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- फोटो : demo pic
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राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) में एक बार फिर बड़ा घोटाला सामने आया है।
गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया समेत पूर्वांचल के 12 जिलों में जिला स्वास्थ्य समिति की तरफ से एनएचएम के तहत संविदा पर तैनात किए गए सैकड़ों डॉक्टर, नर्स और कर्मचारियों का साल भर से भविष्य निधि (पीएफ) ही नहीं जमा किया गया। यह रकम करोड़ों में बताई जा रही है।
चूंकि डीएम इस जिला स्वास्थ्य समिति के पदेन अध्यक्ष होते हैं लिहाजा पीएफ महकमे ने इस रकम की वसूली के लिए इन सभी जिलों के डीएम को नोटिस भेजा है। आशंका जताई जा रही है कि प्रदेश के किसी भी जिले में एनएचएम के तहत तैनात किए गए स्टॉफ का पीएफ नहीं जमा किया जा रहा है।
यही नहीं, इन सभी 12 जिलों से एनएचएम के स्टाफ के भविष्य निधि के अंशदान के साथ ही 25 फीसदी जुर्माना और 12 फीसदी ब्याज यानी 37 फीसदी अतिरिक्त रकम वसूली जाएगी।
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गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया समेत पूर्वांचल के 12 जिलों में जिला स्वास्थ्य समिति की तरफ से एनएचएम के तहत संविदा पर तैनात किए गए सैकड़ों डॉक्टर, नर्स और कर्मचारियों का साल भर से भविष्य निधि (पीएफ) ही नहीं जमा किया गया। यह रकम करोड़ों में बताई जा रही है।
चूंकि डीएम इस जिला स्वास्थ्य समिति के पदेन अध्यक्ष होते हैं लिहाजा पीएफ महकमे ने इस रकम की वसूली के लिए इन सभी जिलों के डीएम को नोटिस भेजा है। आशंका जताई जा रही है कि प्रदेश के किसी भी जिले में एनएचएम के तहत तैनात किए गए स्टॉफ का पीएफ नहीं जमा किया जा रहा है।
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यही नहीं, इन सभी 12 जिलों से एनएचएम के स्टाफ के भविष्य निधि के अंशदान के साथ ही 25 फीसदी जुर्माना और 12 फीसदी ब्याज यानी 37 फीसदी अतिरिक्त रकम वसूली जाएगी।
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12 जिलों को पीएफ महकमे ने जारी किया नोटिस
पीएफ महकमे का कहना है कि समय से रकम नहीं जमा हुई तो कर्मचारी भविष्य निधि अधिनियम के तहत बकाये का आकलन किया जाएगा। इसके बाद संबंधित रकम जमा करने के लिए 15 दिन की मोहलत दी जाएगी। इस दरम्यान भी रकम नहीं जमा की गई तो जिला स्वास्थ्य समिति के संबंधित बैंक खातों को सीज कर उनसे रकम निकाल ली जाएगी।
दरअसल कर्मचारी भविष्य निधि एवं प्रकीर्ण उपबंध अधिनियम 1952 की धारा 16(2) के तहत कें द्र और राज्य सरकार की कुछ सेवाओं को अधिनियम के दायरे से बाहर रखा गया था। एनएचएम भी इसमें शामिल था, मगर एक अप्रैल 2015 से यह सेवा कर्मचारी भविष्य निधि अधिनियम के दायरे में आ गई। बावजूद इसके क्षेत्रीय कर्मचारी भविष्य निधि कार्यालय के तहत आने वाले सभी 12 जिलों के किसी भी एनएचएम स्टाफ का अंशदान नहीं जमा किया गया।
12 फीसदी पीएफ का अंशदान कर्मचारी के वेतन से जमा होता है
12 फीसदी अंशदान, नियोक्ता को अपनी तरफ से जमा करना होता है
1.61 फीसदी (कर्मचारी के वेतन का) प्रशासनिक खर्च भी नियोक्ता को ही जमा करना होता है
समय जुर्माना ब्याज
दो माह तक 5 फीसदी 12 फीसदी
दो से चार माह तक 10 फीसदी 12 फीसदी
चार से छह माह तक 15 फीसदी 12 फीसदी
छह माह से अधिक 25 फीसदी 12 फीसदी
इन जिलों से होगी वसूली
गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया, महराजगंज, बस्ती, सिद्धार्थनगर, खलीलाबाद, बलिया, श्रावस्ती, बलरामपुर, गोंडा, बहराइच
एक अप्रैल 2015 से परिक्षेत्र के 12 जिलों में एनएचएम के तहत तैनात किसी भी डॉक्टर, नर्स या दूसरे स्टाफ के भविष्य निधि का अंशदान नहीं जमा हुआ। इस रकम की वसूली के लिए इन जिलों के जिला स्वास्थ्य समिति को नोटिस भेजकर जुर्माना और ब्याज के साथ अंशदान की पूरी रकम जमा करने को कहा गया है। रकम नहीं जमा करने पर कर्मचारी भविष्य निधि की धारा सात (ए) के तहत बकाये का आकलन होगा। इसके बाद भी रकम नहीं जमा की तो खाता सीज कर बकाये की वसूली की जाएगी।
- वीवीबी सिंह, पीएफ कमिश्नर
दरअसल कर्मचारी भविष्य निधि एवं प्रकीर्ण उपबंध अधिनियम 1952 की धारा 16(2) के तहत कें द्र और राज्य सरकार की कुछ सेवाओं को अधिनियम के दायरे से बाहर रखा गया था। एनएचएम भी इसमें शामिल था, मगर एक अप्रैल 2015 से यह सेवा कर्मचारी भविष्य निधि अधिनियम के दायरे में आ गई। बावजूद इसके क्षेत्रीय कर्मचारी भविष्य निधि कार्यालय के तहत आने वाले सभी 12 जिलों के किसी भी एनएचएम स्टाफ का अंशदान नहीं जमा किया गया।
12 फीसदी पीएफ का अंशदान कर्मचारी के वेतन से जमा होता है
12 फीसदी अंशदान, नियोक्ता को अपनी तरफ से जमा करना होता है
1.61 फीसदी (कर्मचारी के वेतन का) प्रशासनिक खर्च भी नियोक्ता को ही जमा करना होता है
समय जुर्माना ब्याज
दो माह तक 5 फीसदी 12 फीसदी
दो से चार माह तक 10 फीसदी 12 फीसदी
चार से छह माह तक 15 फीसदी 12 फीसदी
छह माह से अधिक 25 फीसदी 12 फीसदी
इन जिलों से होगी वसूली
गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया, महराजगंज, बस्ती, सिद्धार्थनगर, खलीलाबाद, बलिया, श्रावस्ती, बलरामपुर, गोंडा, बहराइच
एक अप्रैल 2015 से परिक्षेत्र के 12 जिलों में एनएचएम के तहत तैनात किसी भी डॉक्टर, नर्स या दूसरे स्टाफ के भविष्य निधि का अंशदान नहीं जमा हुआ। इस रकम की वसूली के लिए इन जिलों के जिला स्वास्थ्य समिति को नोटिस भेजकर जुर्माना और ब्याज के साथ अंशदान की पूरी रकम जमा करने को कहा गया है। रकम नहीं जमा करने पर कर्मचारी भविष्य निधि की धारा सात (ए) के तहत बकाये का आकलन होगा। इसके बाद भी रकम नहीं जमा की तो खाता सीज कर बकाये की वसूली की जाएगी।
- वीवीबी सिंह, पीएफ कमिश्नर