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Hindi News ›   India News ›   UP Elections: Voters still like akhilesh in comparison to Mayawati as CM

यूपी चुनाव सर्वे: सपा-बीजेपी के बीच कड़ी टक्कर, हाथी की चाल धीमी

Mon, 22 Aug 2016 09:05 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली Updated Mon, 22 Aug 2016 09:05 PM IST
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UP Elections: Voters still like akhilesh in comparison to Mayawati as CM
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव - फोटो : amar ujala

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पूर्व यूपी की राजनीति की गरमी बढ़ गयी है। यूपी की जनता की सोच को भांपने के लिए एबीपी न्यूज के लिए लोकनीति और सीएसडीएस ने सर्वे किया है।

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इस सर्वे के मुताबिक अखिलेश यादव और मायावती में लोकप्रियता के मामले में कड़ा मुकाबला है लेकिन अखिलेश यादव से राज्य की 61 फीसदी जनता संतुष्ट है। हालांकि सर्वे के मुताबिक सीटों में सपा और बीजेपी में कड़ी टक्कर है। बीजेपी की सीटों में भारी बढ़ोत्तरी होती नजर आ रही है। हालांकि सपा अभी भी सबसे बड़े दल के रूप में यूपी में आ रही है।
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सर्वे को 23 जुलाई से 7 अगस्त के बीच उत्तर प्रदेश की 403 में से 65 विधानसभा सीटों पर सर्वे किया गया। 256 पोलिंग बूथ पर ये सर्वे किया गया जिसमें 4 हजार 452 वोटरों की राय ली गई हर वोटर से आमने – सामने बात की गई।
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सर्वे में पूछा गया कि मुख्यमंत्री की पहली पसंद कौन है?
जवाब में सबसे पहले नंबर पर हैं अखिलेश यादव। अखिलेश यादव को 24 फीसदी वोटरों ने पसंद किया है । बड़ी बात ये है कि बीएसपी प्रमुख मायावती भी अखिलेश को कड़ी टक्कर दे रही हैं। मायावती 24 फीसदी वोटरों की पहली पसंद हैं।

अखिलेश और मायावती यूपी की प्रमुख सत्ताधारी समाजवादी पार्टी और  प्रमुख विपक्षी दल बीएसपी का चेहरा हैं। जबकि बीजेपी ने अब तक सीएम का नाम तय नहीं किया है। सर्वे में वोटरों को सीएम पद की पसंद के विकल्प नहीं दिए गए थे। लेकिन तीसरे नंबर पर हैं केंद्र सरकार में गृह मंत्री राजनाथ सिंह।

सात फीसदी वोटर राजनाथ को सीएम देखना चाहते हैं। वहीं चौथे नंबर पर यूपी में बीजेपी के फायरब्रांड नेता योगी आदित्यनाथ हैं। पांच फीसदी लोगों की पसंद हैं योगी आदित्यनाथ और पांचवें नंबर पर हैं मुलायम सिंह यादव। तीन बार राज्य की कमान संभाल चुके मुलायम को चार फीसदी वोटर फिर से सीएम देखना चाहते हैं। छठे नंबर पर वरुण गांधी हैं राज्य के तीन फीसदी वोटर मुख्यमंत्री की कुर्सी पर देखना चाहते हैं।

किस क्षेत्र में कौन आगे?

UP Elections: Voters still like akhilesh in comparison to Mayawati as CM
Mayawati

किस दल को कितनी सीटें मिलने की संभावना?
सर्वे के मुताबिक यदि अभी चुनाव हुए तो सपा को 141 से 151 सीटें मिल सकती हैं। बीजेपी के हिस्से 124 से 134 सीटें और बीएसपी को 103 से 113 सीटें मिलने की संभावना है। कांग्रेस को 8 से 14 सीटें मिल सकती हैं जबकि अन्य के हिस्से 6 से 12 सीटें आ सकती हैं।


किस क्षेत्र में कौन आगे?
उत्तर प्रदेश में किस क्षेत्र में कौन सी पार्टी आगे है? सर्वे में जिन लोगों से बात की गई उसके मुताबिक पश्चिमी यूपी में बीजेपी गठबंधन आगे दिख रही है जबकि बीएसपी दूसरे नंबर पर रह सकती है। 

रोहिलखंड के इलाके में समाजवादी पार्टी बड़े अंतर के साथ आगे रह सकती है। यहां पर बीएसपी के दूसरे नंबर पर जाने के आसार हैं। अवध में समाजवादी पार्टी बनाम बीएसपी का सीधा मुकाबला लग रहा है और बीजेपी यहां तीसरे नंबर पर जा सकती है। 

दोआब-बुदंलेखंड इलाके में जिन लोगों से बात हुई उनके मुताबिक कांटे की टक्कर लग रही है। कोई भी पार्टी स्पष्ट रूप से आगे नहीं है। और पूर्वी यूपी में बीजेपी गठबंधन को बहुमत मिल सकता है जबकि समाजवादी पार्टी दूसरे नंबर पर रह सकती है।

सर्वे में पूछा गया कि सवर्ण मतदाता किसके साथ हैं?

UP Elections: Voters still like akhilesh in comparison to Mayawati as CM
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह व प्रदेश अध्यक्ष केशव मौर्य - फोटो : amar ujala

उत्तर प्रदेश में अभी चुनाव हुए तो राज्य के 18 फीसदी सवर्ण किसके साथ जाएंगे? वो कौन सी पार्टी है जो सवर्ण वोटरों की मदद से सत्ता के करीब पहुंच सकती है? एबीपी न्यूज के लिए लोकनीति और सीएसडीएस ने 65 विधानसभाओं में 4 हजार 452 लोगों से ये सवाल पूछा तो जो जवाब मिला उसके मुताबिक भारतीय जनता पार्टी को सबसे ज्यादा सवर्ण वोट मिलने का अनुमान है। 

सर्वे के मुताबिक यूपी में अभी चुनाव हुए तो भारतीय जनता पार्टी को 55 प्रतिशत सवर्णों के वोट मिलेंगे जबकि सत्ताधारी समाजवादी पार्टी को 15 फीसदी सवर्ण वोट मिलने का अनुमान है। तीसरे नंबर पर है बहुजन समाज पार्टी जिसे 9 फीसदी सवर्ण वोट मिलने का अनुमान है। 

सर्वे के मुताबिक सवर्णों का भरोसा जीतने में कांग्रेस सबसे पीछे है जिसे सिर्फ 5 प्रतिशत सवर्ण वोट मिलने का अनुमान जताया गया है। जबकि अन्य को 17 प्रतिशत वोट सवर्ण वोट मिलने का अनुमान है। 

इस बार यादव किसके साथ?
उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी को सत्ता के सिंहासन तक पहुंचाने में बड़ी भूमिका है पिछड़े वर्ग की। यूपी की कुल आबादी का सबसे बड़ा हिस्सा यानी करीब 40 फीसदी पिछड़ा वर्ग है। पिछड़ा वर्ग में भी यादव वोटर समाजवादी पार्टी के कट्टर समर्थक माने जाते हैं।

यूपी में करीब 10 प्रतिशत यादव वोटर हैं। एबीपी न्यूज के लिए लोकनीति और सीएसडीएस के सर्व में ये पता लगाने की कोशिश की गई कि अभी चुनाव हुए तो यादव वोटर किसके साथ जाएगा। 

सर्वे के नतीजों के मुताबिक यूपी में 16 प्रतिशत यादव बीजेपी के साथ हैं। जबकि यादवों का सबसे बड़ा समर्थन अब भी समाजवादी पार्टी के लिए है जिसे 68 प्रतिशत यादवों के वोट मिलने का अनुमान है। बहुजन समाज पार्टी को 5 प्रतिशत और कांग्रेस को 4 प्रतिशत यादव वोटरों को साथ मिल सकता है और अन्य को 7 प्रतिशत।


मुस्लिम किसके साथ?

उत्तर प्रदेश में 18 फीसदी मुस्लिम वोटरों का रुझान किस पार्टी की तरफ है? इस सर्वे में हमने मुस्लिम वोटरों से ये जानने की कोशिश की। सर्वे में जिन लोगों से बात की गई उनके मुताबिक सिर्फ चार फीसदी मुस्लिम वोटर बीजेपी के साथ जाते दिख रहे हैं जबकि 62 फीसदी मुस्लिम वोटर सत्ताधारी समाजवादी पार्टी के साथ जा सकते हैं।

वहीं बीएसपी के साथ 18 फीसदी मुस्लिम वोटर जा सकता है। कांग्रेस के हिस्से में इस सर्वे में सिर्फ 8 फीसदी मुस्लिम वोटर दिख रहे हैं। जबकि 8 फीसदी मुस्लिम वोटर पार्टी के साथ जा सकते हैं। हाल के दिनों में मायावती ने मुस्लिम नेताओं पर भरोसा जताया है।

मायावती 128 मुस्लिमों को टिकट भी दे चुकी है। लेकिन इस सर्वे के मुताबिक अब भी मुस्लिम वोटरों का भरोसा समाजवादी पार्टी पर दिख रहा है। समाजवादी पार्टी मुस्लिम-यादव गठजोड़ के सहारे सियासत करती है सर्वे में 62 फीसदी मुस्लिम वोटरों का रुझान इस फॉर्मूले पर फिट बैठता दिख रहा है।

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