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बड़ौत की बेटी ने लिखी मोदी को चिट्ठी, 'हमारे नदियां, तालाब और कुएं हमें लौटा दो...'
ब्यूरो/अमर उजाला, बड़ौत (बागपत)
Updated Fri, 22 Apr 2016 05:53 AM IST
सार
- जल वीरांगना मनस्संज्ञिनी ने शुरू की नदी और पर्यावरण बचाओ मुहिम
- देश के सर्वोच्च पदों पर आसीन लोगों को अपील के रूप में लिखा पत्र
- गांव-गांव जाकर बच्चों को लेकर पांच मई को कूच करेगी दिल्ली
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बड़ौत की बेटी ने लिखी मोदी को चिट्ठी
- फोटो : amar ujala bureau
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विस्तार
हिंडन नदी पुनर्जीवन योजना की ब्रांड एंबेसडर बनी बड़ौत की बेटी मनस्संज्ञिनी ने नदी और पर्यावरण बचाओ मुहिम को आगे बढ़ाते हुए देश के सर्वोच्च पदों पर बैठे लोगों को अपील के रूप में पत्र लिखा है।
मनस्संज्ञिनी ने देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश और सभी मुख्य पार्टियों के अध्यक्षों को इस अपील में लिखा है कि वे हमारी नदियां, तालाब और कुएं हमें उसी हालत में लौटा देने की कृपा करें, जिस हालत में महात्मा गांधी ने हमें आजादी के समय दिए थे।
इस बेटी ने जो, खुद को जल वीरांगना कहलाना पसंद करती है, इन सभी बड़े नेताओं और सम्मानित व्यक्तियों को यह वादा भी किया है कि यदि वे ऐसा करते हैं तो वह गांव-गांव जाकर बच्चों और बड़ों को इस अभियान में शामिल करेगी और वे सब उसके साथ मिलकर भविष्य में अपनी नदियों और तालाबों की रक्षा स्वयं करेंगे।
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मनस्संज्ञिनी ने पत्रकारों को बताया देश भर में जल संकट है और हमारे किसान भी सूखे से मुश्किल में हैं। उसने देश के बड़े-बड़े लोगों को यह अपील की है कि वे इस भयानक समस्या से देश को निकालने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं और वह देश के आम जनों को इस समस्या से जोड़ने की मुहिम चलाएगी।
उन्होंने बताया कि उसे अब दिल्ली और अन्य क्षेत्रों के स्कूलों से भी निमंत्रण आने लगे हैं कि वह वहां के बच्चों को संबोधित करें और उन्हें पर्यावरण और जल संकट के प्रति जागरूक करें। उन्होंने इस संबंध में अपना पहला संबोधित गुड़गांव के रिवली स्कूल में 20 अप्रैल को पृथ्वी दिवस के उपलक्ष्य में किया। मनस्संज्ञिनी स्कूली बच्चों और क्षेत्र के गांव-गांव जाकर बच्चों के समूहों को इकट्ठा करेगी और उन्हें लेकर पांच मई को दिल्ली कूच करेगी। वहां जंतर-मंतर पर ये सैकड़ों बच्चे देश के अग्रणी नेताओं तक अपनी बात पहुंचाएंगे।
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मनस्संज्ञिनी ने देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश और सभी मुख्य पार्टियों के अध्यक्षों को इस अपील में लिखा है कि वे हमारी नदियां, तालाब और कुएं हमें उसी हालत में लौटा देने की कृपा करें, जिस हालत में महात्मा गांधी ने हमें आजादी के समय दिए थे।
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इस बेटी ने जो, खुद को जल वीरांगना कहलाना पसंद करती है, इन सभी बड़े नेताओं और सम्मानित व्यक्तियों को यह वादा भी किया है कि यदि वे ऐसा करते हैं तो वह गांव-गांव जाकर बच्चों और बड़ों को इस अभियान में शामिल करेगी और वे सब उसके साथ मिलकर भविष्य में अपनी नदियों और तालाबों की रक्षा स्वयं करेंगे।
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मनस्संज्ञिनी ने पत्रकारों को बताया देश भर में जल संकट है और हमारे किसान भी सूखे से मुश्किल में हैं। उसने देश के बड़े-बड़े लोगों को यह अपील की है कि वे इस भयानक समस्या से देश को निकालने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं और वह देश के आम जनों को इस समस्या से जोड़ने की मुहिम चलाएगी।
उन्होंने बताया कि उसे अब दिल्ली और अन्य क्षेत्रों के स्कूलों से भी निमंत्रण आने लगे हैं कि वह वहां के बच्चों को संबोधित करें और उन्हें पर्यावरण और जल संकट के प्रति जागरूक करें। उन्होंने इस संबंध में अपना पहला संबोधित गुड़गांव के रिवली स्कूल में 20 अप्रैल को पृथ्वी दिवस के उपलक्ष्य में किया। मनस्संज्ञिनी स्कूली बच्चों और क्षेत्र के गांव-गांव जाकर बच्चों के समूहों को इकट्ठा करेगी और उन्हें लेकर पांच मई को दिल्ली कूच करेगी। वहां जंतर-मंतर पर ये सैकड़ों बच्चे देश के अग्रणी नेताओं तक अपनी बात पहुंचाएंगे।
अगला विश्व युद्ध पानी के लिए होगा: राजेंद्र सिंह
राजेंद्र सिंह
- फोटो : pti
मैग्सेसे अवार्ड विजेता जल पुरुष राजेंद्र सिंह ने कहा कि अगला विश्वयुद्ध पानी के लिए होगा। जल संकट को लेकर हम चिंतित तो हैं पर जल संरक्षण के प्रति लापरवाह हैं।
एसडी मैनेजमेंट एवं एसडी एफएम में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में राजेंद्र सिंह ने कहा कि जल के बिना जीवन संभव नहीं है, यह हम सब जानते हैं। इस जल की सुरक्षा करना जीवन की सुरक्षा करना है। हम जल संकट को लेकर चिंतित तो दिखाई देते हैं, लेकिन जल संरक्षण के प्रति पूरी तरह लापरवाह हैं। लोगों को जल संकट के प्रति जागरूक करने के लिए पांच मई से नई दिल्ली में जल सप्ताह के तहत जंतर मंतर पर कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि आज देश का बड़ा भू भाग सूखे से जूझ रहा है। दुनिया में कई देश जल संकट की चपेट में हैं। बेशकीमती प्राकृतिक संपदा के दोहन करने में मानव की भूमिका सबसे ज्यादा है। उन्होंने भूजल प्रदूषण पर चिंता व्यक्त की। भविष्य में इसके संरक्षण पर बल दिया। मेजर हिमांशु और एसडी के सचिव नीरज कुमार ने लोगों से पौधा रोपण की अपील की।
एसडी मैनेजमेंट एवं एसडी एफएम में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में राजेंद्र सिंह ने कहा कि जल के बिना जीवन संभव नहीं है, यह हम सब जानते हैं। इस जल की सुरक्षा करना जीवन की सुरक्षा करना है। हम जल संकट को लेकर चिंतित तो दिखाई देते हैं, लेकिन जल संरक्षण के प्रति पूरी तरह लापरवाह हैं। लोगों को जल संकट के प्रति जागरूक करने के लिए पांच मई से नई दिल्ली में जल सप्ताह के तहत जंतर मंतर पर कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि आज देश का बड़ा भू भाग सूखे से जूझ रहा है। दुनिया में कई देश जल संकट की चपेट में हैं। बेशकीमती प्राकृतिक संपदा के दोहन करने में मानव की भूमिका सबसे ज्यादा है। उन्होंने भूजल प्रदूषण पर चिंता व्यक्त की। भविष्य में इसके संरक्षण पर बल दिया। मेजर हिमांशु और एसडी के सचिव नीरज कुमार ने लोगों से पौधा रोपण की अपील की।