UP Budget: 7.5 लाख करोड़ रुपये से सधेंगीं यूपी की 80 सीटें! योगी के बजट ने ऐसे दी लोकसभा चुनाव में सियासी धार
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कुछ दिन पहले केंद्र सरकार के अंतरिम बजट के बाद सोमवार को आए यूपी सरकार के योगी बजट ने लोकसभा चुनाव को मजबूती से साधा है। आर्थिक मामलों के जानकारों से लेकर सियासत को करीब से समझने वाले भी मानते हैं कि प्रदेश के लिहाज से योगी बजट मुफीद बना है। इस बजट में किसानों से लेकर महिलाओं, युवाओं और गरीबों को कुछ इस तरह से साधा गया है, उससे लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी मजबूती के साथ जनता के बीच जाने वाली है। यूपी का यह बजट साढ़े सात लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का है। जबकि बजट में 24 हजार करोड़ रुपये की नई योजनाएं भी शामिल हैं। हालांकि विपक्ष ने इस बजट पर हमला बोला है।
उत्तर प्रदेश सरकार का सोमवार को पेश किया गया बजट प्रधानमंत्री मोदी की 'चार जातियों' के लिहाज से सियासी तौर पर मजबूत माना जा रहा है। दरअसल प्रधानमंत्री की ओर से जिन-चार जातियों का उल्लेख हाल में किया गया, उसमें किसान, महिला, युवा और गरीब शामिल हैं। आर्थिक जानकार प्रोफेसर मदन मोहन चतुर्वेदी बताते हैं कि जिस तरह से योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश के लिए बजट आवंटित किया है, उससे विकास की रफ्तार और तेज होनी तय है। वह कहते हैं इस बजट में उन सभी लोगों के लिए वह सब कुछ है, जो एक राज्य को आगे बढ़ाने में सबसे आवश्यक होता है। प्रोफेसर चतुर्वेदी कहते हैं कि किसी भी देश या राज्य को आगे बढ़ाने के लिए कनेक्टिविटी सबसे महत्वपूर्ण होती है। आर्थिक संसाधन को बढ़ाने के लिए किया जाने वाला इंफ्रास्ट्रक्चर भी बेहद महत्वपूर्ण है। योगी सरकार ने इन बिंदुओं पर ध्यान देते हुए मजबूत बजट आवंटित किया है। वह कहते हैं कि पर्यटन के नजरिए से उत्तर प्रदेश पूरी दुनिया में आने वाले वक्त में और महत्वपूर्ण स्थान पर पहुंचने वाला है, इसलिए सरकार ने उसे भी ध्यान में रखकर पूरा डेवलपमेंट का खाका तैयार किया है। इसके अलावा किसानों, महिलाओं, युवाओं और के लिहाज से पूरा बजट तैयार किया गया है।
राजनीतिक जानकार ओमप्रकाश मिश्रा बताते हैं कि इस बजट को अगर आने वाले लोकसभा चुनाव के नजरिए से देखा जाए, तो भारतीय जनता पार्टी इससे बड़ी सियासत साधने वाली है। इसमें स्वास्थ्य के लिहाज से राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के लिए तकरीबन साढ़े नौ हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की व्यवस्था बनाई गई है। वह कहते हैं इसमें उत्तर प्रदेश के गरीब, युवा किसान, महिलाओं और मजदूरों को फायदा होगा। आने वाले लोकसभा के चुनाव में यह बजट महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला है। इसके अलावा किसानों पर फोकस करते हुए योगी सरकार ने कई योजनाओं में एक चौथाई से लेकर तीन गुना ज्यादा बजट तक की बढ़ोत्तरी की है। जिसमें प्रधानमंत्री कुसुम योजना के लिए दोगुना बजट प्रस्तावित किया गया। बल्कि किसानों को सिंचाई से लेकर खेत सुरक्षा योजना और कृषि शिक्षा समेत उनके अनुसंधान में बजट बढ़ाकर किसानों पर फोकस किया गया है। ओम प्रकाश मिश्रा कहते हैं कि आने वाले लोकसभा चुनाव में इस बजट का बड़ा असर पड़ता हुआ दिखना तय हो रहा है।
इस बजट में प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए एक ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी का लक्ष्य पाने का पूरा खाका तैयार किया गया है। प्रदेश सरकार ने युवाओं और प्रोफेशनल ट्रेनिंग करने वालों के माध्यम से इसे अपनाने का भी लक्ष्य रखा है। इसके लिए आईटीआई जैसे प्रशिक्षण संस्थानों को बेहतर करने और इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए टाटा जैसी प्रमुख संस्थाओं के साथ समन्वय किया गया है। राज्य तकनीकी शिक्षक संघ से जुड़े हरिओम श्रीवास्तव बताते हैं कि इस तरह की व्यवस्था से न सिर्फ छात्रों को रोजगार मिलेगा बल्कि उनका भविष्य भी बेहतर होगा। राज्य सरकार ने महिलाओं और बच्चों के लिए हाथ से पुष्टाहार कार्यक्रम के लिए 5100 करोड़ रुपये से ज्यादा का प्रावधान किया है। राजनीतिक जानकार मिश्र कहते हैं कि महिलाओं और उनके परिवारों पर फोकस करते हुए राज्य सरकार ने बेहतर बजट बनाया है, जो लोकसभा चुनाव के लिहाज से पूरी तरह मुफीद है।
पर्यटन के लिहाज से भी उत्तर प्रदेश को आने वाले समय में बड़े पंख लगने वाले हैं। आर्थिक मामलों के जानकार और कानपुर विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र के पूर्व प्रवक्ता केएन सिंह बताते हैं, पर्यटन के नजरिए से भी राज्य सरकार ने बहुत कुछ साधने की कोशिश की है। प्रोफेसर सिंह कहते हैं कि उत्तर प्रदेश में जनवरी 2023 से अक्तूबर 2023 तक 37 करोड़ 90 लाख से अधिक पर्यटकों के आने की जानकारी बजट में साझा की गई है। कहते हैं कि यह बहुत बड़ी संख्या होती है और इसको अगर राज्य सरकार बेहतर तरीके से हैंडल करें, तो उत्तर प्रदेश की तस्वीर पूरी तरीके से बदल सकती है। वह कहते हैं कि सरकार ने निश्चित तौर पर इस पर ध्यान दिया है और पर्यटन के लिए मजबूत बजट भी जारी किया है।
राजनीतिक जानकारों की मानें, तो केंद्र सरकार के अंतरिम बजट में भले ही कोई बहुत बड़ी घोषणाएं न हुई हों, लेकिन अस्सी लोकसभा वाली सीटों वाले यूपी में बजट ने सभी सियासी समीकरण साध लिए हैं। वरिष्ठ पत्रकार बृजेंद्र शुक्ला कहते हैं कि इस बजट में महिलाओं से लेकर किसानों और युवाओं से लेकर गरीबों के लिए काफी कुछ समाया हुआ है। उनका मानना है कि कुछ समय बाद होने वाले लोकसभा के चुनावों में उत्तर प्रदेश के इस बजट का सियासी असर पड़ना तय माना जा रहा है। हालांकि योगी सरकार के इस बजट पर समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने निशाना साधा है। अखिलेश यादव ने कहा कि डबल इंजन की सरकार में न तो युवाओं के पास रोजगार हैं, न ही राज्य की सड़कें बनी हैं। जिलों में मरीजों को इलाज नहीं मिल पा रहा है। यादव ने ईज ऑफ डूइंग में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि पीडीए के लोगों की एफआईआर तक नहीं लिखी जा रही हैं।