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यूपी बोर्ड : अब अगले वर्ष से हर विषय की होगी सिर्फ एक परीक्षा
विजय सक्सेना, अमर उजाला, इलाहाबाद
Updated Sun, 18 Feb 2018 05:43 AM IST
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यूपी बोर्ड
- फोटो : SOCIAL MEDIA
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माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) अप्रैल से शुरू होने वाले सत्र में एनसीईआरटी पाठ्यक्रम लागू कर रहा है। इसके बाद वर्ष 2019 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के सभी विषयों की एक-एक परीक्षा होगी। ऐसा होने पर हाईस्कूल की परीक्षाएं 10 से 12 दिन में जबकि इंटरमीडिएट की परीक्षाएं अधिकतम 15 दिन में पूरी हो जाएंगी। इसका फायदा इंटरमीडिएट के विद्यार्थियों को ज्यादा होगा। उन्हें एक ही प्रश्न पत्र के लिए तैयारी करनी होगी।
खास यह कि इसमें नौंवी और 11वीं के प्रश्न नहीं पूछे जाएंगे। 10वीं और 12वीं जो पाठ्यक्रम पढ़ाया जाएगा, बोर्ड परीक्षा में उसी से संबंधित सवाल शामिल किए जाएंगे, जबकि अभी तक बोर्ड परीक्षा में नौवीं और 11वीं के भी पाठ्यक्रम को शामिल करके प्रश्न पत्र तैयार होते हैं। नए शैक्षिक सत्र के लिए एनसीईआरटी की किताबों का प्रकाशन भी शुरू हो गया है और यह किताबें मार्च के अंत तक बाजार में उपलब्ध हो जाएंगी।
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खास यह कि इसमें नौंवी और 11वीं के प्रश्न नहीं पूछे जाएंगे। 10वीं और 12वीं जो पाठ्यक्रम पढ़ाया जाएगा, बोर्ड परीक्षा में उसी से संबंधित सवाल शामिल किए जाएंगे, जबकि अभी तक बोर्ड परीक्षा में नौवीं और 11वीं के भी पाठ्यक्रम को शामिल करके प्रश्न पत्र तैयार होते हैं। नए शैक्षिक सत्र के लिए एनसीईआरटी की किताबों का प्रकाशन भी शुरू हो गया है और यह किताबें मार्च के अंत तक बाजार में उपलब्ध हो जाएंगी।
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इन विषयों में एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम
परीक्षा देते परीक्षार्थी
- फोटो : अमर उजाला
यूपी बोर्ड ने नौवीं से 12 तक कुल 18 विषयों की 31 किताबों को एनसीईआरटी पाठ्यक्रम के तहत तैयार कराया है। नौंवी में विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान, 10वीं में विज्ञान एवं गणित, 11वीं में गणित, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान, अर्थशास्त्र, नागरिक शास्त्र, भूगोल, समाजशास्त्र एवं इतिहास तथा 12वीं में गणित, भौतिक विभाग, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान को शामिल किया गया है। इस विषयों के साथ इंटर के अन्य सभी विषयों का भी एक-एक प्रश्न पत्र तैयार होगा।
70 की लिखित, 30 अंकों की प्रायोगिक परीक्षा
एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम लागू होने के बाद हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के सभी विषयों की सौ-सौ अंकों की एक-एक परीक्षा होगी। संगीत और कंप्यूटर को छोड़कर शेष विषयों की लिखित परीक्षा 70 अंक की जबकि प्रायोगिक परीक्षा 30 अंकों की होगी। संगीत की लिखित एवं प्रायोगिक परीक्षा 50-50 अंक की तथा कंप्यूटर की लिखित परीक्षा 60 एवं प्रायोगिक परीक्षा 40 अंक की होगी।
अभी तक हाईस्कूल में सभी विषयों की एक-एक परीक्षा होती है जबकि इंटरमीडिएट में हर विषय के दो प्रश्न पत्र की परीक्षा होती है। लिखित परीक्षा 35-35 अंक की जबकि प्रायोगिक परीक्षा 30 अंक की होती है लेकिन अगले वर्ष ऐसा नहीं होगा। इससे फायदा यह होगा कि कॉपियों का मूल्यांकन भी काफी कम समय में पूरा हो जाएगा और परिणाम भी काफी जल्दी घोषित किया जा सकेगा।
70 की लिखित, 30 अंकों की प्रायोगिक परीक्षा
एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम लागू होने के बाद हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के सभी विषयों की सौ-सौ अंकों की एक-एक परीक्षा होगी। संगीत और कंप्यूटर को छोड़कर शेष विषयों की लिखित परीक्षा 70 अंक की जबकि प्रायोगिक परीक्षा 30 अंकों की होगी। संगीत की लिखित एवं प्रायोगिक परीक्षा 50-50 अंक की तथा कंप्यूटर की लिखित परीक्षा 60 एवं प्रायोगिक परीक्षा 40 अंक की होगी।
अभी तक हाईस्कूल में सभी विषयों की एक-एक परीक्षा होती है जबकि इंटरमीडिएट में हर विषय के दो प्रश्न पत्र की परीक्षा होती है। लिखित परीक्षा 35-35 अंक की जबकि प्रायोगिक परीक्षा 30 अंक की होती है लेकिन अगले वर्ष ऐसा नहीं होगा। इससे फायदा यह होगा कि कॉपियों का मूल्यांकन भी काफी कम समय में पूरा हो जाएगा और परिणाम भी काफी जल्दी घोषित किया जा सकेगा।