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किसी का नाम गलत तो कहीं विषय, यूपी बोर्ड की गलतियों का खामियाजा छात्रों को
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद
Updated Wed, 18 May 2016 12:00 AM IST
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- फोटो : Demo pic
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यूपी बोर्ड की ओर से आनन-फानन में एक साथ परीक्षा परिणाम की घोषणा परीक्षार्थियों पर भारी पड़ रही है। बोर्ड की ओर से जारी अंकपत्र में परीक्षार्थियों के नाम, जन्मतिथि, विषय गलत दर्ज कर दिया है।
ऐसे में परीक्षा पास करने के बाद भी इन छात्रों को आगे की कक्षाओं में प्रवेश कठिन हो जाएगा। बोर्ड परीक्षा के समय जिन परीक्षार्थियों के प्रवेश पत्र में गलत विषय दर्ज कर दिया गया था, उसे केंद्र व्यवस्थापकों ने बोर्ड की अनुमति से संशोधित तो कर दिया परंतु परीक्षा के बाद छात्रों को संशोधित विषय में ही अनुपस्थित दिखा दिया है।
बोर्ड की ओर से अपनी वेबसाइट पर जारी अंकपत्र में बड़ी संख्या में छात्रों को अनुपस्थित दिखा दिया गया है। अनुपस्थित छात्रों को यदि उनके संबंधित विषय में नंबर मिल जाते तो वह अपने विद्यालय एवं जिले की मेरिट के टॉपर होते।
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ऐसे में परीक्षा पास करने के बाद भी इन छात्रों को आगे की कक्षाओं में प्रवेश कठिन हो जाएगा। बोर्ड परीक्षा के समय जिन परीक्षार्थियों के प्रवेश पत्र में गलत विषय दर्ज कर दिया गया था, उसे केंद्र व्यवस्थापकों ने बोर्ड की अनुमति से संशोधित तो कर दिया परंतु परीक्षा के बाद छात्रों को संशोधित विषय में ही अनुपस्थित दिखा दिया है।
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बोर्ड की ओर से अपनी वेबसाइट पर जारी अंकपत्र में बड़ी संख्या में छात्रों को अनुपस्थित दिखा दिया गया है। अनुपस्थित छात्रों को यदि उनके संबंधित विषय में नंबर मिल जाते तो वह अपने विद्यालय एवं जिले की मेरिट के टॉपर होते।
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परीक्षार्थियों के अंकपत्र में जन्मतिथि, विषय, नाम की गड़बड़ी
बोर्ड की गलतियों का आलम यह है कि हाईस्कूल की परीक्षा की गलती इंटरमीडिएट की परीक्षा पास होने तक जारी है। बोर्ड के कर्मचारी परीक्षा के दौरान प्रवेश पत्र में संशोधन को यदि दर्ज कर देते तो मेधावियों को परीक्षा परिणाम के दौरान मायूस नहीं होना पड़ता।
अभिभावकों का कहना है कि हर वर्ष की भांति इस बार भी बोर्ड के कर्मचारियों एवं अधिकारियों की मनमानी से लाखों परीक्षार्थियों के अंकपत्र में गड़बड़ी सामने आई है।
अभिभावकों इसके लिए स्कूल की लापरवाही को भी जिम्मेदार बताया है। बोर्ड के कर्मचारियों की लापरवाही के कारण विषय संशोधन दर्ज नहीं होने से परीक्षा के बाद भी छात्रों का परिणाम अधूरा रह गया। परीक्षार्थियों को अनुपस्थित दिखा दिया गया।
अभिभावकों का कहना है कि हर वर्ष की भांति इस बार भी बोर्ड के कर्मचारियों एवं अधिकारियों की मनमानी से लाखों परीक्षार्थियों के अंकपत्र में गड़बड़ी सामने आई है।
अभिभावकों इसके लिए स्कूल की लापरवाही को भी जिम्मेदार बताया है। बोर्ड के कर्मचारियों की लापरवाही के कारण विषय संशोधन दर्ज नहीं होने से परीक्षा के बाद भी छात्रों का परिणाम अधूरा रह गया। परीक्षार्थियों को अनुपस्थित दिखा दिया गया।