उन्नाव केस: जिंदा जलाए जाने के बाद भी दौड़ती रही पीड़िता, क्या-क्या हुआ जानिए सबकुछ
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हैदराबाद में पिछले महीने महिला डॉक्टर के साथ हुई घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। लोगों में इस घटना को लेकर गुस्सा और विरोध साफ दिख रहा है, लेकिन ऐसे माहौल में भी महिलाओं के साथ दुष्कर्म और बर्बरता की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। ऐसा ही एक मामला सामने आया है उत्तर प्रदेश के उन्नाव में जहां दुष्कर्म के आरोपियों ने एक युवती को जिंदा जला दिया।
उत्तर प्रदेश के उन्नाव में दो दिन पहले जमानत पर छूटे गैंगरेप के दो आरोपियों ने गुरुवार तड़के पीड़ित युवती को जिंदा जला दिया। पीड़िता 90 फीसदी तक जल चुकी है। उसे गंभीर हालत में एयरलिफ्ट कर इलाज के दिल्ली लाया गया है। दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में पीड़िता का इलाज किया जाएगा। पीड़िता को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराने के लिए लखनऊ पुलिस ने अस्पताल से एयरपोर्ट तक ग्रीन कॉरिडोर बनाया। इसके बाद दिल्ली पहुंचने पर इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से सफदरजंग अस्पताल तक ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। हम आपको बता रहे हैं इस घटना को कैसे अंजाम दिया गया और इस मामले में अबतक क्या क्या हुआ...
दुष्कर्म पीड़िता को पेट्रोल डालकर जिंदा जलाया
उन्नाव के बिहार थाना क्षेत्र के एक गांव में रहने वाली दुष्कर्म पीड़िता को गुरुवार अल सुबह छह युवकों ने पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया। पीड़िता ने बयान दिया है कि गुरुवार सुबह चार बजे वह रायबरेली जाने के लिए ट्रेन पकड़ने बैसवारा बिहार रेलवे स्टेशन जा रही थी। गौरा मोड़ पर गांव के हरिशंकर त्रिवेदी, किशोर शुभम, शिवम, उमेश ने घेर लिया और सिर पर डंडे से और गले पर चाकू से वार किया।इसके बाद पेट्रोल डालकर आग लगा दी। शोर मचाने पर भीड़ को आता देख सभी भाग निकले। पीड़िता ने बताया कि पूर्व में आरोपियों ने उसके साथ दुष्कर्म किया था।
हैवानियत के सात घंटे बाद पकड़े गए सभी आरोपी
पेट्रोल डालकर जलाई गई दुष्कर्म पीड़िता ने इलाज के दौरान एसडीएम को जिन पांच आरोपियों के नाम लिए। उन्हें गिरफ्तार करने के लिए एसपी विक्रांत वीर ने चार अलग-अलग टीमें गठित की। पुलिस ने आरोपी हरिशंकर, शुभम, उमेश व रामकिशोर को उनके घर से दबोच लिया। मुख्य आरोपी शिवम को गांव के बाहर से पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। सभी आरोपियों को घटना के बाद सात घंटे में पुलिस ने पकड़ा।
पुलिस ने पीड़िता को जिला अस्पताल पहुंचाया। जहां पीड़िता की हालत गंभीर देख कानपुर हैलट रेफर कर दिया गया था। कानपुर के बाद पीड़िता को लखनऊ रेफर कर दिया गया। घटना की जानकारी मिलने पर डीएम देवेंद्र पांडे, एसपी विक्रांत वीर समेत कई थानों की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची।
पीड़िता का कहना है कि आरोपी पक्ष मुकदमा वापस लेने के लिए दबाव डाल रहा था और बात न मानने पर उसने इस वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस महानिरीक्षक (कानून-व्यवस्था) प्रवीण कुमार ने लखनऊ में कहा कि इस मामले में बेहद तत्परता से कार्रवाई की जाएगी और फास्ट ट्रैक कोर्ट में मामला चलाकर दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी। इस बीच, मामले की जांच के लिए फोरेंसिक टीम ने उन्नाव में घटनास्थल का दौरा कर साक्ष्य जुटाए।
प्रदेश पुलिस ने ट्वीट कर बताया कि पीड़िता ने शादी का झांसा देकर 19 जनवरी 2018 से 12 दिसंबर 2018 के बीच दुष्कर्म करने के संबंध में एक मुकदमा पंजीकृत कराया था और इस मामले में जेल भेजे गए आरोपी शिवम की गत 25 नवंबर को जमानत हुई थी।
90 प्रतिशत जल चुकी है पीड़िता
लखनऊ सिविल अस्पताल के निदेशक डॉ. डीएस नेगी का कहना है कि पीड़िता 90 प्रतिशत जल चुकी है। इलाज के लिए अपनी पूरी टीम लगा रखी है। पीड़िता सुबह सवा दस बजे सिविल अस्पताल पहुंची थी। सिविल अस्पताल के प्लास्टिक सर्जन डॉ. प्रदीप तिवारी पीड़िता का इलाज किया।
चश्मदीद ने बताया, जलाए जाने के बाद भी दौड़ती रही पीड़िता
गैंगरेप पीड़िता को जिंदा जलाने के मामले में एक चश्मदीद सामने आया है। चश्मदीद रविंद्र प्रकाश के मुताबिक जिंदा जलाए जाने के बाद भी पीड़िता करीब एक किलोमीटर तक दौड़ते हुए उसके पास मदद के लिए पहुंची थी। इसके बाद उसके फोन से पीड़िता ने खुद ही 100 नंबर पर डायल किया और पुलिस को घटना की सूचना दी। पीड़िता से बात के बाद पीआरवी और पुलिस मौके पर पहुंची। रविंद्र प्रकाश ने बताया कि वह दौड़ती हुई चली आ रही थी और बचाओ-बचाओ चिल्ला रही थी। रविंद्र ने कहा उसकी हालत देखकर हम डर गए थे, वह पूरी तरह से जली हुई थी।
2017 में प्रेम प्रसंग से शुरू हुआ था मामला
रोते हुए पिता पीड़िता के पिता ने बताया कि शिवम उनके घर आता था। उस पर भरोसा किया था। मुझे क्या पता था कि एक दिन वो मेरी बेटी को भगा कर ले जाएगा। पिता ने बताया कि, 23 साल की उम्र में उनकी बेटी को गांव के ही शिवम त्रिवेदी ने प्रेमजाल में फंसा लिया था। 2017 में वह युवती को शादी का झांसा देकर रायबरेली ले गया था। पीड़ित युवती द्वारा पहले दिए बयान के मुताबिक वहां आरोपी ने किराए का कमरा लेकर साथ रखा और कई बार दुष्कर्म किया। इस दौरान अश्लील वीडियो बनाकर उसे वायरल करने की धमकी देकर काफी दिनों तक उसका शारीरिक शोषण करता रहा। 19 जनवरी 2018 को आरोपी ने रायबरेली सिविल कोर्ट में वैवाहिक अनुबंध पत्र भी बनवाया। फिर एक महीने तक रायबरेली मेें रखने के बाद उसे उसके गांव छोड़ गया। शादी के दबाव बनाने पर आरोपी उसे जान की धमकी देने लगा।
धमकी के बाद अपने बुआ के यहां चली गई युवती
बकौल युवती आए दिन की धमकियों से वह डर गई और गांव छोड़कर रायबरेली के लालगंज थाना क्षेत्र में अपनी बुआ के यहां रहने लगी। फिर 12 दिसंबर 2018 को आरोपी शिवम त्रिवेदी अपने साथी शुभम के साथ रायबरेली लालगंज पहुंच गया। वहां शादी करने का आश्वासन देकर उसे बाइक से गांव लेकर आ गया। यहां दोनों ने उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता के मुताबिक वह सामूहिक दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए बिहार और रायबरेली के लालगंज थाने के चक्कर लगाती रही, लेकिन दोनों थानों की पुलिस एक दूसरे के अधिकार क्षेत्र का हवाला देकर टाल-मटोल करती रही।
4 और 5 मार्च को दो अलग-अलग थानों में दर्ज हुआ मामला
युवती की कहीं भी रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। इसके बाद उसने वकील के माध्यम से रायबरेली में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट नंबर 12 व उत्तर प्रदेश महिला आयोग की अध्यक्ष को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई। महिला आयोग की अध्यक्ष के आदेश पर बिहार थाना पुलिस ने 4 मार्च 2019 और रायबरेली के लालगंज थाना पुलिस ने 5 मार्च 2019 को शिवम और शुभम के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म, जान से मारने की धमकी समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की।
बिहार थाना पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने के बाद विवेचना लालगंज थाने को स्थानांतरित कर दी। उसके बाद 19 सितंबर 2019 को मुख्य आरोपी शिवम को कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। पांच दिन पहले 30 नवंबर को ही वह जमानत पर जेल से छूटकर आया था। गुरुवार सुबह करीब चार बजे दुष्कर्म पीड़िता अपने मुकदमे की पेशी तारीख के सिलसिले में रायबरेली कचहरी वकील से मिलने जा रही थी। वह अकेले पैदल ही बिहार क्षेत्र के बैसवारा रेलवे हाल्ट स्टेशन जा रही थी, इसी दौरान घर से एक किमी दूर रास्ते में सामूहिक दुष्कर्म के आरोपी शिवम व शुभम समेत पांच लोगों ने उसे घेर लिया और घटना को अंजाम दिया।
महिला आयोग ने मांगा जवाब
उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता को जिंदा जलाए जाने की घटना के बाद गुरुवार को राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने इस मामले को लेकर उत्तर प्रदेश डीजीपी को एक पत्र लिखकर विस्तृत जानकारी मांगी है। उन्होंने कहा कि युवती को अदालत जाते वक्त रास्ते में आग लगा दी गई। ऐसा सिर्फ इसीलिए हुआ क्योंकि न तो युवती को सुरक्षा दी गई थी और न ही उसके साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपियों की जमानत पर अदालत ने किसी तरह की आपत्ती जताई थी।
Rekha Sharma, National Commission for Women on woman was set ablaze in Bihar area of Unnao: She was set ablaze on the way to Court, this has happened as she was neither provided security nor court opposed bail to the accused who raped her. I've written to UP DGP seeking details. pic.twitter.com/oH56NgASRj
— ANI (@ANI) December 5, 2019
मुख्यमंत्री ने कहा- सरकारी खर्च पर होगा पीड़िता का इलाज
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्नाव मामले में पीड़िता का इलाज सरकारी खर्च पर कराए जाने व आरोपियों पर सख्त कार्रवाई करने के प्रशासन को आदेश दिए हैं। साथ ही सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश सरकार मामले की पैरवी कर पीड़िता को शीघ्र न्याय दिलवाएगी। योगी ने इस मामले में कमिश्नर और डीआईजी से गुरुवार शाम तक पूरी रिपोर्ट मांगी है।
पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने सरकार से मांगा इस्तीफा
अखिलेश यादव ने ट्वीट कर कहा कि, उन्नाव की दुष्कर्म पीड़िता को जिंदा जलाये जाने के दुस्साहस की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए प्रदेश की भाजपा सरकार का सामूहिक इस्तीफा होना चाहिए। माननीय न्यायालय से गुहार है कि वो इस घटना की गंभीरता को देखते हुए पीड़िता के समुचित उपचार व सुरक्षा की तत्काल व्यवस्था के निर्देश दे।
उन्नाव की दुष्कर्म पीड़िता को जिंदा जलाये जाने के दुस्साहस की नैतिक ज़िम्मेदारी लेते हुए प्रदेश की भाजपा सरकार का सामूहिक इस्तीफ़ा होना चाहिए.
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) December 5, 2019
माननीय न्यायालय से गुहार है कि वो इस घटना की गंभीरता को देखते हुए पीड़िता के समुचित उपचार व सुरक्षा की तत्काल व्यवस्था के निर्देश दे.
इसके बाद फिर एक ट्वीट कर अखिलेश ने कहा कि, सपा के वरिष्ठ नेतागण ने जाकर उन्नाव की पीड़िता का कुशलक्षेम जाना है। हमें यह जानकार संतोष हुआ कि जनाक्रोश से घबराकर भाजपा सरकार ने पीड़िता को समुचित उपचार के लिए रेफर किया है। हम पीड़िता के जीवन एवं शीघ्रातिशीघ्र स्वास्थ्य लाभ की मंगल कामना करते हैं!
उन्नाव की पीड़िता का कुशलक्षेम जानने पहुँचे सपा के वरिष्ठ नेतागण. ये जानकार संतोष हुआ कि जनाक्रोश से घबराकर भाजपा सरकार ने पीड़िता को समुचित उपचार के लिए रेफर किया है.
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) December 5, 2019
हम पीड़िता के जीवन एवं शीघ्रातिशीघ्र स्वास्थ्य लाभ की मंगल कामना करते हैं! pic.twitter.com/t7Q2DHbUx4
इसके साथ ही कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने ट्वीट कर योगी सरकार पर निशाना साधा। प्रियंका गांधी ने कहा उन्नाव पीड़िता के स्वास्थ्य समाचार से मन आहत है। ईश्वर से प्रार्थना है कि पीड़िता जल्द स्वस्थ हो। कल भाजपा सरकार का बयान था यूपी में सब ठीक है। आज एक बयान और आया। लेकिन कानून व्यवस्था के बारे में झूठी बयानबाजी व झूठा प्रचार करने की जिम्मेदारी सीएम और उप्र सरकार की ही है।
उन्नाव पीड़िता के स्वास्थ्य समाचार से मन आहत है। ईश्वर से प्रार्थना है कि पीड़िता जल्द स्वस्थ हो।
— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) December 5, 2019
कल भाजपा सरकार का बयान था यूपी में सब ठीक है। आज एक बयान और आया। लेकिन क़ानून व्यवस्था के बारे में झूठी बयानबाज़ी व झूठा प्रचार करने की ज़िम्मेदारी CM और उप्र सरकार की ही है।#Unnao