फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Unique initiative: electric bicycles are being used to make Wardha Hindi University campus pollution-free

अनूठी पहल: वर्धा हिंदी विश्वविद्यालय परिसर को बना रहे प्रदूषण मुक्त, इलेक्ट्रिक साइकिलों का हो रहा इस्तेमाल

Thu, 06 May 2021 06:57 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वर्धा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वर्धा Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Thu, 06 May 2021 06:57 PM IST
सार

122 इलेक्ट्रिक साइकिलों से प्रदूषण मुक्त परिसर की कोशिश, सभी कर्मचारी-अधिकारी साइकिल से पहुंच रहे विश्वविद्यालय
 

विज्ञापन
Unique initiative: electric bicycles are being used to make Wardha Hindi University campus pollution-free
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Social media

विस्तार

देश में ऑक्सीजन की किल्लत, जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग के खतरे के बीच महाराष्ट्र के वर्धा हिंदी विश्वविद्यालय ने अनूठी पहल की है। अब इस विश्वविद्यालय के सभी अध्यापक, अधिकारी व कर्मचारी कार-बाइक के बजाए साइकिल से दफ्तर पहुंच रहे हैं। वर्धा स्थित महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय में प्रदूषण रहित 122 इलेक्ट्रिक साइकिलें खरीदी गई हैं। 'प्रदूषण मुक्त हो परिसर' की संकल्पना को साकार करने की कोशिश की गई है।

विज्ञापन


विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रजनीश कुमार शुक्ल ने परिसर को प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए शिक्षकों व अधिकारियों को बैटरी चलित साइकिलें सौंपी। कुलसचिव कादर नवाज खान ने बताया कि विश्वविद्यालय ने पेट्रोल व डीजल से चलने वाली गाड़ियों के प्रदूषण को कम करने के साथ सामूहिक परिवहन से संक्रमण के खतरे को भी टाला है। साइकिलों की सुलभ चार्जिंग के लिए विश्वविद्यालय परिसर में ही 20 चार्जिंग प्वाइंट भी लगाए जा रहे हैं।
विज्ञापन


वर्षा जल संरक्षण में आत्मनिर्भर बनने के उपाय
'गांव का पानी गांव में', 'खेत का पानी खेत में', 'घर का पानी घर में' की तर्ज पर 'परिसर का पानी परिसर में' की अवधारणा को साकार करते हुए विश्वविद्यालय वर्षा जल संरक्षण के लिए आत्मनिर्भर बनने की ओर अग्रसर है। बहने वाले पानी का उपयोग जिला प्रशासन के सहयोग से विश्वविद्यालय परिसर में पेड़-पौधे की सिंचाई के लिए किया जा रहा है। 212 एकड़ के परिसर के ग्रीन जोन आरक्षित जगहों में हजारों पेड़-पौधे लगाकर हरियाली लाई जा रही है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


परिसर के आसपास पक्षियों के लिए प्याऊ लगवाए गए हैं। विश्वविद्यालय ने कोरोना काल के दौरान गांवों की स्थिति, स्वास्थ्य आदि पर एक दल भेज कर परियोजना के तौर पर सर्वे के माध्यम से 400 पेज की रिपोर्ट महाराष्ट्र सरकार और भारत सरकार को भी सौंपी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed