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सरकारी सेवा: इतनी उम्र वालों को यूपीएससी बना रही कंसल्टेंट, जिम्मेदारी में भी किया जा रहा बड़ा बदलाव

Jitendra Bhardwaj जितेंद्र भारद्वाज
Updated Sat, 21 Aug 2021 05:36 PM IST
सार

अगर कार्मिक के पास 'विजिलेंस और अनुशासनात्मक' कार्रवाई करने का अनुभव है तो उसे नियुक्ति प्रक्रिया में प्राथमिकता मिलेगी। बता दें कि कोरोनाकाल की शुरुआत यानी पिछले साल से ही केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में कंसल्टेंट भर्ती किए जा रहे हैं...

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Union Public Service Commission recruiting consultants in central ministries and departments
सरकारी कर्मचारी। - फोटो : PTI (File Photo)

विस्तार

संघ लोक सेवा आयोग 'यूपीएससी' भी अब दूसरे केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों की तर्ज पर कंसल्टेंट भर्ती कर रहा है। खास बात ये है कि चाहे कोई निदेशक लगे या निजी सचिव, सभी का पदनाम कंसल्टेंट रहेगा। काम उसे वही सौंपा जाएगा, जिस पद के लिए उसे भर्ती किया गया है। हां, आयु की भरपूर छूट मिलेगी, 64 साल वाले आवेदन कर सकते हैं। जो कार्मिक 31 अगस्त को सरकारी सेवा से रिटायर हो रहे हैं, वे फॉर्म भर सकते हैं।

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अगर कार्मिक के पास 'विजिलेंस और अनुशासनात्मक' कार्रवाई करने का अनुभव है तो उसे नियुक्ति प्रक्रिया में प्राथमिकता मिलेगी। बता दें कि कोरोनाकाल की शुरुआत यानी पिछले साल से ही केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में कंसल्टेंट भर्ती किए जा रहे हैं। केंद्र ने नई भर्ती की बजाए एक साल वाली नियुक्ति प्रक्रिया को अब चलन में ला दिया है। इसी तर्ज पर अब 'यूपीएससी' भी रिटायर लोगों को एक साल के अनुबंध वाली नौकरी पर रखेगा। डिप्टी सेक्रेटरी, अंडर सेक्रेटरी, निजी सचिव एवं निजी सहायक के पदों पर नियुक्ति के लिए यूपीएससी ने आवेदन मांगे हैं। एक साल के कार्यकाल की इस नियुक्ति के लिए डायरेक्टर, डिप्टी सेक्रेटरी या अंडर सेक्रेटरी, निजी सचिव व निजी सहायक के पद से रिटायर हुए लोग आवेदन दे सकते हैं।

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नियुक्ति पाने वालों को बेसिक पेंशन काटकर जो बचेगा, उसके हिसाब से वेतन दिया जाएगा। ‘डीए और एचआरए’ नहीं मिलेगा। ट्रांसपोर्ट अलाउंस की भी गारंटी नहीं है। अगर सरकारी कामकाज से कहीं बाहर जाना पड़ेगा तो ही यह अलाउंस मिल सकता है। बाकी घर से कार्यालय तक आने के लिए अपने संसाधन का इंतजाम करना होगा। एक माह में डेढ़ दिन की छुट्टी मिलेगी। इसके अलावा कभी जरूरी काम आ जाता है तो छुट्टी के दिन भी कार्यालय में बुलाया जा सकता है। यहां पर यूपीएससी ने यह बात स्पष्ट कर दी है कि अगर कर्मी छुट्टी के दिन कार्यालय में आता है तो उसे अतिरिक्त भुगतान नहीं किया जाएगा। सुबह साढ़े नौ से शाम के साढ़े छह बजे तक ड्यूटी करनी होगी। समय निष्ठा का पालन हो, इसके लिए बायोमेट्रिक सिस्टम पर हाजिरी लगेगी।

रिटायरमेंट के बाद दोबारा से नियुक्ति पत्र लेने वाले कर्मियों को जो भी वेतन मिलेगा, वह आयकर के दायरे में आएगा। कार्मिक को गोपनीयता नियमों का कड़ाई से पालन करना होगा। भले ही सब कुछ ठीक चलता रहे, लेकिन 'यूपीएससी' सात दिन के नोटिस पर किसी भी सेवानिवृत्त कर्मी, जिसे एक साल के अनुबंध पर रखा गया है, उसकी सेवा समाप्त कर सकती है। निजी सचिव 'पीएस' और निजी सहायक 'पीए' के पद के लिए आयु सीमा 62 साल रखी गई है। यहां भी पीएस और पीए को कंसल्टेंट ही कहा जाएगा। जो पीएस या पीए 31 अगस्त को रिटायर होंगे, वे अपना आवेदन भेज सकते हैं। सेवा की बाकी शर्तें वही रहेंगी, जो डिप्टी सेक्रेटरी या अंडर सेक्रेटरी के पद के लिए निर्धारित की गई हैं। 

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