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Kerala: केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी के खिलाफ मामला दर्ज, पूरम दिवस पर एंबुलेंस का दुरुपयोग करने का लगा है आरोप

Sun, 03 Nov 2024 12:37 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, त्रिशूर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, त्रिशूर Published by: काव्या मिश्रा Updated Sun, 03 Nov 2024 12:37 PM IST
सार

सीपीआई नेता केपी सुमेश ने केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी के खिलाफ शिकायत करते हुए दावा किया था कि तिरुवंबडी गुट द्वारा त्योहार को अस्थायी रूप से रोकने के बाद केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी सेवा भारती एंबुलेंस में पूरम मैदान में पहुंचे।

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Union Minister Suresh Gopi booked for misusing ambulance on Thrissur Pooram day News in hindi
सुरेश गोपी - फोटो : ANI

विस्तार

त्रिशूर पूरम में बाधा डालने का मामला केरल में राजनीतिक बहस का मुद्दा बन गया है। अब उत्सव में एंबुलेंस का दुरुपयोग करने के आरोप में केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी और अन्य दो के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। एक सीपीआई नेता ने उन पर अप्रैल में हुए उत्सव के दौरान एंबुलेंस का गलत उपयोग करने का आरोप लगाया था।

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दो अन्य के खिलाफ मामला दर्ज
पुलिस ने रविवार को इस संबंध में केंद्रीय पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस और पर्यटन राज्य मंत्री अभिजीत नायर और एक एंबुलेंस चालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 279 (लापरवाही से गाड़ी चलाना) और 34 (सामान्य इरादे से कई लोगों द्वारा किया गया कृत्य) और मोटर वाहन अधिनियम की धारा 179, 184, 188 और 192 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
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यह है मामला
दरअसल, अभिनेता सुरेश गोपी ने भाजपा के टिकट पर त्रिशूर लोकसभा सीट से लोकसभा चुनाव लड़ा था। चुनाव में उन्होंने सीपीआई के वीएस सुनील कुमार और कांग्रेस के के मुरलीधरन को हराया था। हाल ही में सीपीआई नेता केपी सुमेश ने केंद्रीय मंत्री के खिलाफ शिकायत करते हुए दावा किया था कि तिरुवंबडी गुट द्वारा त्योहार को अस्थायी रूप से रोकने के बाद केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी सेवा भारती एंबुलेंस में पूरम मैदान में पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने चिकित्सा आपात स्थिति के लिए बनाई गई एंबुलेंस का इस्तेमाल गैर-चिकित्सा उद्देश्यों के लिए किया। शिकायत में कहा गया है कि गोपी को एक ऐसे प्रतिबंधित क्षेत्र में ले गए, जहां अन्य वाहन प्रतिबंधित थे।
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FIR में क्या कुछ?
पुलिस द्वारा दर्ज की गई एफआईआर में कहा गया है, त्रिशूर लोकसभा क्षेत्र में तत्कालीन भाजपा उम्मीदवार गोपी और अन्य आरोपियों ने चुनाव अभियान की रणनीति के तहत काम किया और पुलिस प्रतिबंधों का उल्लंघन करते हुए तिरुवंबडी देवस्वोम अधिकारियों से बातचीत करने के लिए सेवा भारती के स्वामित्व वाली एक एंबुलेंस में यात्रा की, जिसे केवल मरीजों को ले जाने की अनुमति थी। उन्होंने पूरम के दिन (20 अप्रैल) भीड़ के बीच त्रिशूर राउंड से एंबुलेंस को इस तरह से चलाया कि मानव जीवन को नुकसान पहुंचे और इसी तरह की अन्य घटनाएं हुई हैं।

हालांकि, इससे पहले गुरुवार को सुरेश गोपी ने आरोपों का खंडन किया था। उन्होंने कहा था कि वह अपनी कार से उत्सव स्थल के करीब पहुंचे थे, जिस पर प्रतिद्वंद्वी राजनीतिक दलों के कुछ 'गुंडों' ने हमला कर दिया था। इस पर वहां कुछ युवाओं ने उन्हें बचाया और एंबुलेंस में बैठा दिया, जो संकट में लोगों की मदद के लिए उत्सव स्थल पर खड़ी थी।

इस साल पूरम उत्सव रहा विवादों में
दरअसल इस साल पूरम उत्सव कुछ मामलों और पुलिस हस्तक्षेप के चलते काफी विवादों में रहा था। इस उत्सव के इतिहास में पहली बार कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षणों में से एक आतिशबाजी का प्रदर्शन दिन में हुआ। दिन के उजाले में आतिशबाजी की वजह से इसको लेकर लोगों में कोई उत्साह नहीं दिखा। पूरम विवाद ने तब राज्य में एक राजनीतिक बहस छेड़ दी, जब मुख्यमंत्री विजयन ने कहा था कि पूरम और अन्य अनुष्ठान बाधित नहीं हुए थे।

कांग्रेस और वामपंथी सहयोगी सीपीआई ने आरोप लगाया कि हिंदू भावनाओं को भड़काकर त्रिशूर लोकसभा सीट पर भाजपा की जीत में मदद करने के लिए पूरम को कथित तौर पर बाधित किया गया। इस बीच, त्रिशूर ईस्ट पुलिस ने पूरम को बाधित करने के लिए मामला दर्ज किया है।


सरकार ने दिए थे त्रिस्तरीय जांच के निर्देश
त्रिशूर पूरम उत्सव में व्यवधान पैदा करने की कोशिश मामले की जांच के लिए त्रिस्तरीय जांच के निर्देश दिए थे। केरल में त्रिशूर पूरम उत्सव के दौरान अत्यधिक पुलिस प्रतिबंधों के चलते उत्सव में व्यवधान उत्पन्न हुआ था। जिससे उत्सव में शामिल हुए श्रद्धालु काफी निराश हुए थे। यही वजह है कि सरकार ने इसकी जांच के निर्देश दिए थे। सीपीएम समर्थित निर्दलीय विधायक पीवी अनवर ने आरोप लगाया था कि त्रिशूर में लोकसभा चुनाव में भाजपा को चुनावी लाभ पहुंचाने के लिए एडीजीपी पर प्रसिद्ध मंदिर उत्सव में व्यवधान पैदा करने की साजिश रची थी।

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