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केंद्रीय मंत्री ने मंत्रों से किया न्यूटन के नियम को चैलेंज, पहले कहा था- इंसान नहीं थे बंदर

Wed, 28 Feb 2018 06:50 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 28 Feb 2018 06:50 PM IST
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union minister Satyapal Singh challenge newton law of motion
satyapal singh
इंसान बंदर थे चार्ल्स डार्विन की इस थ्योरी को गलत बताने वाले केंद्रीय मंत्री सत्यपाल सिंह एक बार फिर चर्चा में हैं। उन्होंने कहा है कि भारतीय मंत्रों द्वारा न्यूटन की गति के नियम को पहले ही डिकोड कर लिया गया था।
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महान वैज्ञानिक आइजेक न्यूटन पर मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री सत्यपाल का बयान एक बार फिर चर्चा का विषय बन चुका है। 

उन्होंने कहा कि 'न्यूटन के गति के नियम से पहले ही भारतीय मंत्रों के जरिए गति के नियम को डिकोड कर लिया गया था। ऐसे में परंपरागत जानकारियों को भी एजुकेशन में शामिल किया जाना चाहिए।'
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इंसान नहीं थे बंदर
इससे पहले सत्यपाल ने दावा किया था कि मानव के क्रमिक विकास का डार्विन सिद्धांत वैज्ञानिक रूप से गलत है। उन्होंने स्कूल और कॉलेज के पाठ्यक्रम में इसमें बदलाव की भी हिमायत की थी।
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उनके मुताबिक, हमारे पूर्वजों ने कहीं भी लिखित रूप से या मौखिक तौर पर यह जिक्र नहीं किया है कि उन्होंने किसी बंदर को मानव में बदलते देखा। जब से धरती पर मानव को देखा गया, वह हमेशा से ही मानव था। 


आईपीएस से राजनेता बने सत्यपाल सिंह अखिल भारतीय वैदिक सम्मेलन में हिस्सा लेने यहां पहुंचे थे। उन्होंने कहा, हमने जो भी किताबें पढ़ी हैं या अपने दादा-नाना से कहानियां सुनी हैं, उनमें कहीं भी इसका जिक्र नहीं है। डार्विन ने मानव के क्रमिक विकास का सिद्धांत 19वीं शताब्दी में दिया था। 
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