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केंद्रीय मंत्री ने कहा: अगस्त तक पूरा होगा ब्रू परिवारों को त्रिपुरा में फिर से बसाने का काम, बताई देरी की वजह

Mon, 09 May 2022 05:27 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अगरतला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अगरतला Published by: गौरव पाण्डेय Updated Mon, 09 May 2022 05:27 PM IST
सार

केंद्रीय मंत्री प्रतिमा भौमिक ने कहा कि अगर हमें कोरोना वायरस महामारी का सामना नहीं करना पड़ता तो यह काम तय समय में ही पूरा हो जाता। मिजोरम से विस्थापित ब्रू जनजाति के लोगों को त्रिपुरा में बसाने का काम पहले मार्च 2022 तक पूरा करने की योजना बनाई गई थी।

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Union Minister Pratima Bhoumik says displaced Bru families from Mizoram to be resettled in Tripura by August 2022 news in Hindi
केंद्रीय मंत्री प्रतिमा भौमिक - फोटो : फाइल

विस्तार

मिजोरम से विस्थापित हुए सभी ब्रू परिवारों को त्रिपुरा में फिर से बसाया जाएगा। केंद्रीय मंत्री प्रतिमा भौमिक ने सोमवार को यह एलान करते हुए कहा कि इस काम को इस साल अगस्त तक पूरा कर लिया जाएगा। 

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इससे पहले यह तय हुआ था कि आंतरिक रूप से विस्थापित हुए सभी 37,000 ब्रू आदिवासियों को राज्य में ही स्थायी रूप से 31 मार्च 2022 तक फिर से बसा दिया जाएगा। ये लोग कई वर्षों से राहत त्रिपुरा में शिविरों में रह रहे हैं।
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समाचार एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार भौमिक ने कहा कि हमने ब्रू परिवारों के पुनर्वास की प्रगति की समीक्षा की है। जहां तक उनके पुनर्वास का संबंध है इस मामले में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है।
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केंद्रीय सामाजिक सशक्तिकरण एवं न्याय मंत्री ने कहा कि केवल 500 परिवार ऐसे बचे हैं जिन्हें जमीन मिलनी है और 20 मई तक उन्हें प्लॉट दे दिए जाएंगे। भौमिक ने शनिवार को इसे लेकर एक समीक्षा बैठक की थी।

ब्रू समुदाय के परिवारों के पुनर्वास का काम पिछले साल 20 अप्रैल को शुरू हुआ था। इसके लिए जनवरी 2020 में समुदाय के प्रतिनिधियों, केंद्र और त्रिपुरा व मिजोरम की सरकार के बीच समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे।

कोरोना महामारी ने रोकी रफ्तार
भौमिक ने इस काम में देरी के लिए कोरोना वायरस महामारी को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि अगर महामारी नहीं होती तो ब्रू शरणार्थियों का पुनर्वास तय की गई अवधि में ही पूरा हो जाता।

साल 1997 से हजारों की संख्या में ब्रू जनजाति के लोग कंचनपुर और पानीसाहर में राहत शिविरों में रह रहे हैं। जातीय संघर्षों की वजह से पड़ोसी राज्य (त्रिपुरा) तक पहुंचने के लिए उन्होंने मिजोरम से पलायन किया था।

समझौते के अनुसार ये हैं प्रावधान
जनवरी 2020 में हुए समझौते के अनुसार हर पुनर्वासित ब्रू परिवार को 1200 वर्ग फीट का एक प्लॉट मिलेगा और इस पर घर बनाने के लिए उन्हें सरकार की ओर से डेढ़ लाख रुपये की राशि उपलब्ध कराई जाएगी।

इसके साथ ही समझौते में हर परिवार के लिए चार लाख रुपये की एफडी (सावधि जमा), 5000 रुपये की मासिक राशि, दो साल के लिए मुफ्त मासिक राशन और सभी क्लस्टर गांवों में स्कूलों की गारंटी भी दी गई है।


समझौते के अनुसार पुनर्वास प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद ब्रू परिवार त्रिपुरा के स्थायी नागरिक बन जाएंगे और राज्य में मतदान करने के भी अधिकारी होंगे। भौमिक ने कहा कि हम इसे अगस्त तक पूरा करना चाहते हैं। 
 

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