फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Union Minister of State for Home Nityanand Rai says No any definitive pattern but NIA filing nearly 60 cases each year since 2018

राज्यसभा: 2018 से हर साल लगभग 60 मामले दर्ज कर रही एनआईए, गृह मंत्रालय ने पेश किए आंकड़े

Wed, 30 Mar 2022 08:03 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Wed, 30 Mar 2022 08:03 PM IST
सार

माकपा नेता जॉन ब्रिटास के सवाल का जवाब देते हुए गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने आंकड़े साझा करते हुए बताया कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने 2017 से 2021 तक पिछले पांच वर्षों में 277 मामले दर्ज किए हैं।
 

विज्ञापन
Union Minister of State for Home Nityanand Rai says No any definitive pattern but NIA filing nearly 60 cases each year since 2018
एनआईए - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

गृह मंत्रालय ने बुधवार को राज्यसभा में राष्ट्रीय जांच एजेंसी द्वारा जांच किए जा रहे मामलों के आंकड़े साझा किए। एक सवाल का जवाब देते हुए केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने उच्च सदन में कहा कि केंद्र की आतंकवाद विरोधी एजेंसी, राष्ट्रीय जांच एजेंसी द्वारा 2018 से हर साल लगभग 60 मामले दर्ज किए जा रहे हैं। 

विज्ञापन


माकपा नेता जॉन ब्रिटास द्वारा पूछे गए एक प्रश्न का लिखित जवाब देते हुए केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कुछ आंकड़े भी साझा किए। गृह मंत्रालय द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के मुताबिक, राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने 2017 में 36 मामले दर्ज किए। इसके बाद साल 2018 में 59, 2019 में 62, 2020 में 59 और 2021 में 61 मामले दर्ज किए गए। 
विज्ञापन


माकपा नेता जॉन ब्रिटास के सवाल कि क्या यह सच है कि एनआईए द्वारा जांच किए जा रहे मामलों की संख्या हर साल बढ़ रही है? का जवाब देते हुए गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने आंकड़े साझा करते हुए बताया कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने 2017 से 2021 तक पिछले पांच वर्षों में 277 मामले दर्ज किए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ये आंकड़े किसी स्थायी पैटर्न का सुझाव नहीं देते हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


राय ने आगे बताया कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) का गठन मुंबई में हुए आतंकी हमले (26/11) के बाद 2008 के एनआईए एक्ट के तहत किया गया था। इसकी स्थापना भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता, राज्यों की सुरक्षा, विदेशी राज्यों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंधों और इन विषयों से संबंधित मामलों की जांच और मुकदमा चलाने के लिए की गई थी। शुरू में इसकी मुख्य भूमिका भारत में आतंकी घटनाओं की जांच करना थी और इसे केंद्रीय स्तर के आतंकवाद विरोधी कानूनों की प्रवर्तन एजेंसी के रूप में नामित किया गया था। इसे संबंधित राज्यों से बिना विशेष अनुमति लिए राज्य में आतंकवादी घटनाओं से निपटने के लिए सशक्त बनाया गया था और यदि ऐसी घटनाएं सैन्य छावनियों में हों, तो उसे भी इसमें शामिल किया गया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed