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Digital Skilling Program: डिजिटल कौशल कार्यक्रम से एक करोड़ विद्यार्थियों को होगा लाभ, केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने एआईसीटीई में किया प्रोग्राम का शुभारंभ

Tue, 07 Jun 2022 05:13 AM IST
देव कश्यप अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: देव कश्यप Updated Tue, 07 Jun 2022 05:13 AM IST
सार

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि इस डिजिटल कौशल कार्यक्रम में सातवीं कक्षा से लेकर स्नातक प्रोग्राम तक एक करोड़ छात्रों को लाभ मिलेगा। उन्हें इमर्जिंग टेक्नोलॉजीज एरिया में इंटर्नशिप, अप्रेंटिसशिप और रोजगार के माध्यम से स्किलिंग, रीस्किलिंग और अपस्किलिंग से जोड़ा जाएगा।

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Union Minister of Education and Skill Development Dharmendra Pradhan said Government acting as facilitator in creating workforce for future
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान। - फोटो : ANI

विस्तार

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि डिजिटल स्किलिंग प्रोग्राम एक करोड़ डिजिटल वर्क फोर्स तैयार करने में मदद करेगा। वे सोमवार को अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) के डिजिटल कौशल (स्किलिंग) कार्यक्रम के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

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उन्होंने कहा कि इस डिजिटल कौशल कार्यक्रम में सातवीं कक्षा से लेकर स्नातक प्रोग्राम तक एक करोड़ छात्रों को लाभ मिलेगा। उन्हें इमर्जिंग टेक्नोलॉजीज एरिया में इंटर्नशिप, अप्रेंटिसशिप और रोजगार के माध्यम से स्किलिंग, रीस्किलिंग और अपस्किलिंग से जोड़ा जाएगा।
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इसमें उन्हें माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, आईबीएम, एडब्ल्यूएस जैसी शीर्ष बहुराष्ट्रीय कंपिनयां सहयोग करेंगी। इसमें छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) ब्लॉकचैन, बिग डेटा और क्लाउंड कंप्यूटिंग जैसे उभरती प्रौद्योगिकी के बारे में जानने और भविष्य में काम करने के आधार पर तैयार किया जाएगा।
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प्रधान ने शिक्षा-तकनीक निर्माताओं से भारतीय भाषाओं में शिक्षण सामग्री तैयार करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि "जब ‘ह्यूमन कैपिटल’ की बात आती है तब भारत में व्यापक संभावनाएं नजर आती हैं, विशेष रूप से आगे आने वाले मजबूत जनसांख्यिकीय लाभांश को देखते हुए। यह कार्यक्रम सही आवेदकों को कौशल प्रशिक्षकों से और उभरती प्रौद्योगिकी के विभिन्न पाठ्यक्रम को एक साथ जोड़ने में कारगर है। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ब्लॉकचेन, बिग डेटा, डेटा एनालिटिक्स, साइबर सुरक्षा और क्लाउड कंप्यूटिंग शामिल है। पीएम मोदी के 'आत्मनिर्भर भारत' के सपने को पूरा करने के लिए एक सक्रिय कदम है।’’

भारत में मौजूदा 40 करोड़ी ‘वर्क फोर्स’ में से 15-20 करोड़ ‘व्हाइट कॉलर वर्कर’ तैयार करने की जरूरत है। आज, जीवन का हर पहलू प्रौद्योगिकी और डिजिटलीकरण से जुड़ा हुआ है। सभी खरीद, ऑर्डर और भुगतान अब ऑनलाइन होते हैं। वहीं, कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा, "भारत एक दशक में तकनीकी शिक्षा के लिए एक उभरता  देश बना है। इसने विनिर्माण और व्यवसाय संचालन में कई मौके उपलब्ध हैं। कोरोनाकाल के बाद  डिजिटलीकरण में बढ़ोतरी हुई है। भारत के पास ट्रिलियन-डॉलर की डिजिटल अर्थव्यवस्था का स्वागत करने का एक बड़ा अवसर है, जिसके लिए हमें नए क्षेत्रों में कुशल प्रतिभा की आवश्यकता है।’’ 


यह कंपनियां करेंगी सहयोग
डिजिटल स्किलिंग प्रोग्राम’ में भाग लेने वाली प्रमुख कंपनियों में माइक्रोसॉफ्ट, एडब्लूएस, एआई, एड्यूस्किल, गिटहब, माइल्स एडुकेशन, गूगल, वीएम वेयर, स्मार्ट ब्रीज, माईटाट, अमारा राजा, आईडीएस आईएनसी, आईबीएम, अडोब, सेल्सफोर्स, जिएग्लर, एयरोस्पेस, सेलोनिक्स, नैसकॉम, जीएमआर, रेडहैट, पाई-स्क्वायर और निपुणा शामिल हैं।

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