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नितिन गडकरी ने कहा- दो साल के अंदर ढांचागत निर्माण में अमेरिका-ब्रिटेन की कतार में होगा देश

Mon, 24 Aug 2020 02:23 AM IST
Jeet Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Jeet Kumar Updated Mon, 24 Aug 2020 02:23 AM IST
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union minister nitin gadkari says that india will be in line with developed countries in infrastructural construction in two years
Nitin Gadkari - फोटो : ANI

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने रविवार को कहा कि अहम ढांचागत निर्माण के लिए भारत एक समन्वित रुख के साथ काम कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि देश में चल रहे रणनीतिक पुलों और सुरंगों से लेकर 22 ग्रीन एक्सप्रेस-वे के निर्माण के बाद हम अगले दो साल में अमेरिका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया जैसे विकसित देशों की कतार में आकर उन्हें टक्कर देंगे।

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सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री गडकरी ने एक इंटरव्यू में कहा, देश के भागों में कई रणनीतिक सुरंग और पुल बन रहे हैं। इसके अलावा 3.10 लाख करोड़ रुपये की लागत से 22 ग्रीन एक्सप्रेस-वे का निर्माण हो रहा है। इनमें से 7500 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेस-वे अगले दो साल के अंदर चालू कर देने की योजना है।
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उन्होंने कहा कि अब नए राजमार्गों का निर्माण करते समय ही ऑप्टिक फाइबर, इलेक्ट्रिसिटी ट्रांसमिशन लाइन और गैस पाइप लाइनों को बिछाकर उनके क्षमता के पूरे उपयोग की योजनाएं बन रही हैं।
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गडकरी ने कहा कि ऊर्जा मंत्रालय ट्रांसमिशन लाइन के लिए  योजना बनाएगा, जबकि सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ऑप्टिकल फाइबर के लिए अपनी मंजूरी देगा। निर्माणाधीन बड़ी सड़कों पर गैस पाइपलाइन बिछायी जा सकती है। ऐसी योजनाएं प्रस्तावित 22 ग्रीन एक्सप्रेस-वे के लिए बनाई गई हैं। इनमें से दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे समेत एक लाख करोड़ रुपये के सात ग्रीन एक्सप्रेस-वे पर काम भी चालू हो गया है।  

जम्मू-कश्मीर की जेड-मोड़ सुरंग पर निर्माण कार्य जल्द
केंद्रीय मंत्री गडकरी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में रणनीतिक अहमियत के बावजूद छह साल से अटकी जेड-मोड़ सुरंग परियोजना को मैंने मंजूरी दे दी है। उन्होंने कहा कि 2,379 करोड़ रुपये की लागत वाली इस सुरंग का निर्माण कार्य जल्द चालू हो जाएगा।

बता दें कि जोजिला सुरंग के साथ जेड-मोड़ सुरंग को कुछ इस तरह तैयार किया जा रहा है कि जम्मू-कश्मीर के विभिन्न भागों के लिए हर मौसम में सड़क संपर्क की सुविधा उपलब्ध हो सके। गडकरी ने कहा कि जोजिला सुरंग पर भी काम दो महीने में शुरू हो जाएगा।

इससे जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के बीच साल में बारह महीने संपर्क सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। यह सुरंग सामरिक अहमियत वाले करीब 11578 फुट ऊंचाई पर जोजिला दर्रे पर बनेगी, जो श्रीनगर-कारगिल-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग का हिस्सा है और सर्दियों में भारी बर्फबारी के दौरान बंद हो जाता है। 
 
जल्द ही 24 के बजाय 13 घंटे में तय होगी दिल्ली-मुंबई में दूरी 
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर काम तेजी से जारी है। देश के इस सबसे लंबे 1320 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेस-वे के कारा दिल् ी से मुंबई का सफर 24 घंटे से घटकर 13 घंटे रह जाएगा।  

चंबल एक्सप्रेस-वे कानपुर से जा सकेंगे कोटा तक
गडकरी ने कहा कि मध्य प्रदेश में 8250 करोड़ रुपये की लागत से चंबल एक्सप्रेस-वे के निर्माण की वार्ता भी काफी आगे बढ़ चुकी है। यह अपनी तरह की पहली परियोजना है, जो राज्य सरकार के साथ मिलकर बनाया जा रहा है।

गडकरी ने कहा, स्वर्ण चतुर्भुज के दिल्ली-कोलकाता कॉरिडोर, उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर, पूर्व-पश्चिम कॉरिडोर और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे को आपस में जोड़ने वाला यह एक्सप्रेस-वे कानपुर से कोटा के लिए मध्य प्रदेश से होकर जाने वाले वैकल्पिक मार्ग का काम करेगा। कोटा में यह दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे में जुड़ जाएगा।

उन्होनें कहा, यह एक्सप्रेस-वे मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों के गरीब और जनजातीय लोगों की जिंदगी बदलने वाला साबित होगा। 

अयोध्या से जनकपुर तक बन रहा है हाईवे

गडकरी ने बताया कि अयोध्या को नेपाल के जनकपुर (माता सीता के जन्म स्थल) के साथ सीधा जोड़ने वाले राम जानकी मार्ग का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। बिहार में 2700 करोड़ रुपये से इस मार्ग का 370 किमी बनना है। इसमें से 1300 करोड़ की लागत से 220 किमी हिस्सा जून 2021 तक पूरा हो जाएगा।  

चारधाम परियोजना अगले साल मई तक होगी पूरी
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में मौजूद चार धामों केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री से पूरा साल संपर्क बनाए रखने के लिए चल रही 12 हजार करोड़ रुपये की चारधाम परियोजना अगले साल मई-जून तक पूरी करने की कोशिश चल रही है।

उन्होंने कहा कि वन विभाग की मंजूरी और अन्य अड़चनों के बावजूद इस लक्ष्य को पूरा कर लेने की संभावना है। उन्होंने बताया कि कैलाश मानसरोवर मार्ग का 80 फीसदी काम पूरा हो चुका है। शेष बचा काम भी अप्रैल 2021 तक पूरा कर लिया जाएगा।

बता दें कि करीब 80 किमी लंबा सामरिक जटिलता वाली यह सड़क उत्तराखंड में चीन की सीमा से सटे करीब 17 हजार फुट की ऊंचाई पर मौजूद लिपुलेख दर्रे को धारचूला शहर से जोड़ता है। इससे कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने वाले श्रृद्धालुओं के लिए सफर आसान हो जाएगा।  

रणनीतिक सुरंग, पुल और कई एक्सप्रेस-वे समेत प्रमुख बुनियादी ढाचें पर जो काम हो रहे हैं, उनसे मुझे भरोसा है कि अगले दो साल में आप एक बदला हुआ भारत देखेंगे। हम अमेरिका, ब्रिटेन और जर्मनी में सड़क, सुरंग और पुलों के क्षेत्र में जो काम देखते हैं, उसी प्रकार का काम अपने देश में देखेंगे।
- नितिन गडकरी, केंद्रीय मं
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