कोरोना संकट में दबाव झेल रहे क्षेत्रों के लिए राहत पैकेज पर विचार कर रही सरकार : गडकरी
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को कहा कि कोरोना वायरस संकट के बीच दबाव झेल रहे क्षेत्रों को समर्थन देने के लिए जितना संभव हो सकेगा सरकारी पूरी गंभीरता के साथ राहत पैकेज जारी करने पर विचार कर रही है। इस बारे में प्रधानमंत्री के स्तर पर निर्णय लिया जाएगा। वहीं, रियल एस्टेट क्षेत्र की समस्याओं के बारे में गडकरी ने कहा कि सरकार क्षेत्र की मदद करना चाहती है और समस्या के निदान के लिए अपने स्तर पर पूरी कोशिश कर रही है।
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वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये जमीन जायदाद क्षेत्र की संस्था नारेडको के साथ चर्चा करते हुए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नीतिन गडकरी ने कहा, मैंने अपने विभाग की तरफ से इस बारे में सुझाव दे दिए हैं, लेकिन इस बारे में अंतिम निर्णय प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री द्वारा लिया जाएगा। गडकरी के पास सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई) का भी प्रभार है।
गडकरी ने कहा कि जो भी निर्णय लिया जाएगा उसे समय के साथ सार्वजनिक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार मजबूती के साथ उद्योगों के पीछे खड़ी है। मंत्री ने कहा, सरकार कई तरह से इस बारे में सोच विचार कर रही है। जो कुछ भी संभव हो सकेगा, सभी क्षेत्रों की मदद में जो कुछ किया जा सकता है उसके बारे में गंभीरता पूर्वक विचार विमर्श किया जा रहा है।
गडकरी ने कहा, इसके अलावा सरकार कृषि और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम क्षेत्र के लिए एक अलग नीति बनाने पर भी विचार कर रही है। कृषि एमएसएमई के अवधारणा के बारे में उन्होंने उद्योगों से कहा कि वह कृषि संबंधित संभावनाओं की तलाश करें। गडकरी ने दोहराया कि चीन के खिलाफ जो पूरी दुनिया में माहौल बना है भारत को आर्थिक रूप से उसका फायदा उठाना चाहिए और निर्यात बढ़ाने के साथ ही आर्थिक वृद्धि दर बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए।
रियल एस्टेट क्षेत्र की समस्याओं के बारे में गडकरी ने कहा कि सरकार क्षेत्र की मदद करना चाहती है और समस्या के निदान के लिये अपने स्तर पर पूरी कोशिश कर रही है। उन्होंने क्षेत्र की कंपनियों से अपनी बात वित्त मंत्री, आवास एवं शहरी विकास मंत्रालय और प्रधानमंत्री कार्यालय के समक्ष रखने को कहा।
गडकरी ने रियल एस्टेट कंपनियों से कहा कि वे नकदी की स्थिति को बेहतर बनाने तथा कर्ज पर ब्याज की बचत करने के लिये नहीं बिक पाए घरों के स्टॉक को उनकी लागत के आधार पर ही बेचने का प्रयास करें। गडकरी ने रियल्टी कंपनियों के संगठन नारेडको के एक वेबिनार को संबोधित करते हुए कहा कि रियल एस्टेट क्षेत्र पहले से ही मांग में कमी की समस्या से जूझ रहा था। कोरोना वायरस महामारी से इस क्षेत्र पर और असर पड़ा है।
उन्होंने घरों की मांग पैदा करने तथा कोरोना वायरस महामारी के कारण उत्पन्न संकट से पार पाने के लिये बिल्डरों को कई सुझाव दिए। इन सुझावों में ग्रामीण क्षेत्रों में कारोबार का विस्तार करना, सड़क निर्माण के क्षेत्र में उतरना और अपनी आवास वित्त कंपनियां बनाना आदि शामिल हैं। गडकरी ने वाहन उद्योग का हवाला देते हुए कहा कि जैसे कई वाहन विनिर्माता कंपनियों ने अपनी वित्तपोषण कंपनियां बनायी हैं, उसी तरह रियल एस्टेट कंपनियां भी बैंकों पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहते हुए घर खरीदारों को कम दर पर कर्ज उपलब्ध कराने के लिये आवास वित्त कंपनियां बनाएं।
गडकरी ने घर खरीदारों के लिये लंबी अवधि के कर्ज पर कम ब्याज दरों की वकालत की, ताकि घर खरीदारों की मासिक किस्तें कम हों। मंत्री ने बिल्डरों से कहा, ‘लालची न बनिये। आपको प्रीमियम दर पर भाव नहीं मिलने वाला है। आपको जो भी कीमत मिल पा रही है, उसी कीमत पर घरों को बेचिए ताकि आपके पास नकदी की उपलब्धता बेहतर हो और ब्याज का व्यय बच सके।’