फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Union Minister G Kishan Reddy said 74 percent decrease in insurgency in Northeast and civilian deaths down by

North East: केंद्रीय मंत्री बोले- विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा पूर्वोत्तर भारत, उग्रवाद में 74 फीसदी की कमी

Thu, 05 Jan 2023 07:51 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Thu, 05 Jan 2023 07:51 PM IST
सार

केंद्रीय मंत्री जी किशन  रेड्डी ने कहा कि केंद्र सरकार ने पूर्वोत्तर के विकास को प्राथमिकता दी है। मोदी सरकार से पहले पूर्वोत्तर अशांति, बमबारी, बंद आदि के लिए जाना जाता था, लेकिन बीते आठ वर्षों में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में क्षेत्र में शांति स्थापित हुई है। अव पूर्वोत्तर भारत के राज्य विकास की नई इबारत लिख रहे हैं। 

विज्ञापन
Union Minister G Kishan Reddy said 74 percent decrease in insurgency in Northeast and civilian deaths down by
केंद्रीय पर्यटन मंत्री जी. किशन रेड्डी - फोटो : संवाद

विस्तार

बीते आठ सालों में पूर्वोत्तर के राज्यों में  उग्रवाद से संबंधित हिंसा की घटनाओं में 74 फीसदी की कमी आई है। वहीं, सुरक्षा बलों पर हमलों के मामलों में 60 प्रतिशत और नागरिकों की मौत में 89 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी ने गुरुवार को इसकी जानकारी दी। राजधानी दिल्ली में एक प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए केंद्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री (डीओएनईआर) ने बताया कि लगभग 8,000 युवाओं मे उग्रवादी समूहों को छोड़कर आत्मसमर्पण कर दिया है। वे अब समाज की मुख्यधारा में शामिल होकर अपने और अपने परिवारों के बेहतर भविष्य के लिए काम कर रहे हैं। 

विज्ञापन


केंद्रीय मंत्री जी किशन  रेड्डी ने कहा कि केंद्र सरकार ने पूर्वोत्तर के विकास को प्राथमिकता दी है। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते आठ सालों के दौरान 50 से भी ज्यादा बार पूर्वोत्तर का दौरा किया है। वहीं, भाजपा के विभिन्न 74 मंत्रियों ने भी 400 से अधिक बार इस क्षेत्र का जायजा लिया है। उन्होंने आगे कहा कि मोदी सरकार से पहले पूर्वोत्तर अशांति, बमबारी, बंद आदि के लिए जाना जाता था, लेकिन बीते आठ वर्षों में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में क्षेत्र में शांति स्थापित हुई है। अब पूर्वोत्तर भारत के राज्य विकास की नई इबारत लिख रहे हैं। 
विज्ञापन


विकास के पथ पर आगे बढ़ा पूर्वोत्तर
केंद्रीय मंत्री ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि मोदी सरकार के दौरान बीते तीन सालों में पूर्वोत्तर के विद्रोही संगठनों के साथ शांति समझौता भी किया गया है। साल 2019 में त्रिपुरा के नेशनल लिबरेशन फ्रंट जैसे विद्रोही संगठनों के साथ, 2020 में ब्रू समुदाय और बोडो से संबंधित समूहों और 2021 में कार्बी समुदाय के समूहों के साथ शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने यह भी बताया कि असम-मेघालय और असम-अरुणाचल प्रदेश सीमा विवाद भी लगभग सुलझा लिया गया है। शांति बहाली के साथ ही पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास के पथ पर आगे बढ़ गया है।


पूर्वोत्तर भारत के विकास के लिए केंद्र ने खोला खजाना
जी किशन रेड्डी ने यह भी बताया कि पूर्वोत्तर भारत के विकास के लिए केंद्र सरकार ने बजट में बड़ी बढ़ोतरी की है। उन्होंने बताया कि साल 2014 में भाजपा की सरकार आने के बाद से इस क्षेत्र के लिए बजटीय आवंटन में भारी वृद्धि की गई है। उन्होंने बताया कि बीते आठ सालों में इस क्षेत्र के लिए 4 लाख करोड़ रुपये से अधिक आवंटित किए गए हैं। केंद्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं के तहत पिछले चार वर्षों में वास्तविक व्यय 7,534.46 करोड़ रुपये था, जबकि 2025-26 तक अगले चार वर्षों में विकाय योजनाओं पर व्यय के लिए उपलब्ध धनराशि 19,482.20 करोड़ रुपये है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed