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सीबीआई बनाम सीबीआई: सरकार बोली- इस वजह से छुट्टी पर भेजे गए दोनों शीर्ष अधिकारी

Wed, 24 Oct 2018 12:34 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 24 Oct 2018 12:34 PM IST
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union minister arun jaitley says on cbi vs cbi dispute
वित्तमंत्री अरुण जेटली - फोटो : PTI
सीबीआई बनाम सीबीआई का मामला लगातार बढ़ता जा रहा है। इस मामले पर बुधवार को केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने प्रेस कांफ्रेंस कर सरकार की ओर से पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि सीबीआई देश की मुख्य जांच एजेंसी है और इसकी अखंडता बनाए रखना बहुत जरूरी है। 
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केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस समय सीबीआई में विचित्र और दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति पैदा हुई है। एजेंसी के दो शीर्ष अधिकारियों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए हैं। सीबीआई निदेशक पर विशेष निदेशक ने आरोप लगाया है, जबकि विशेष निदेशक पर सीबीआई निदेशक ने आरोप लगाया है। सीबीआई के दो शीर्ष अधिकारी इस समय आरोपी हैं। अब इसकी जांच कौन करेगा? 
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उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच करना सरकार के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है और न ही इसकी जांच सरकार करेगी। दोनों अधिकारियों पर लगे आरोपों की जांच सीवीसी करेगी। सीवीसी के पास जांच का अधिकार है। भ्रष्टाचार के हर मामले की जांच सीवीसी कर सकती है। 
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जेटली ने कहा कि सीबीआई अधिकारियों ने भी अपनी शिकायत सीवीसी को ही भेजी है। अब चूंकि दोनों शीर्ष अधिकारियों पर ही आरोप लगे हैं, ऐसे में इसकी जांच ये अधिकारी खुद नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने तक दोनों अधिकारी अवकाश पर रहेंगे। 

उन्होंने कहा कि हम इन दोनों अधिकारियों में से किसी को भी दोषी नहीं मान रहे हैं, लेकिन कानून के मुताबिक जब तक जांच पूरी न हो जाए, तब तक उन्हें सीबीआई से बाहर कर दिया गया है। बता दें कि सीबीआई के संकट पर पहली बार सरकार की ओर से कोई बयान आया है। 

छुट्टी पर भेजे गए हैं आलोक वर्मा और राकेश अस्थाना 

सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा और विशेष निदेशक राकेश अस्थाना दोनों को छुट्टी पर भेज दिया गया है। आलोक वर्मा की जगह सीबीआई के संयुक्त निदेशक एम. नागेश्वर राव को एजेंसी का अंतरिम निदेशक नियुक्त किया गया है। उन्होंने अपना कार्यभार भी संभाल लिया है।  

क्या है पूरा मामला 

दरअसल, सीबीआई ने अपने ही विशेष निदेशक (डायरेक्टर) राकेश अस्थाना के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। उनपर एक कारोबारी सतीष बाबू सना से रिश्वत लेने का आरोप है। यह मामला मीट कारोबारी मोइन कुरैशी से जुड़ा हुआ है। 

वहीं, अस्थाना ने भी पलटवार करते हुए सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा पर रिश्वत लेने का आरोप लगाया है। बता दें कि सीबीआई के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब दो शीर्ष अधिकारी ही एक-दूसरे के खिलाफ रिश्वत लेने का आरोप लगा रहे हैं। 


इस मामले में एजेंसी ने सीबीआई के डीएसपी देवेंद्र कुमार को गिरफ्तार किया है। डीएसपी देवेंद्र कुमार को राकेश अस्थाना का चहेता अधिकारी माना जाता है। सीबीआई ने उनके घर पर छापा मारकर 8 मोबाइल फोन और 1 आईपैड जब्त किया है। साथ ही मोइन कुरैशी मामले से जुड़े कुछ दस्तावेज भी बरामद हुए हैं।
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