फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Union Health Secretary Rajesh Bhushan writes letters to 8 States and UT on strengthening COVID19 surveillance

Covid-19: केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने राज्यों-यूटी को लिखा पत्र, कोरोना की कड़ी निगरानी और एहतियात बरतने को कहा

Fri, 21 Apr 2023 05:11 PM IST
देव कश्यप एएनआई, नई दिल्ली।
एएनआई, नई दिल्ली। Published by: देव कश्यप Updated Fri, 21 Apr 2023 05:11 PM IST
सार

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कोविड-19 निगरानी को मजबूत करने के लिए आठ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिव, प्रधान सचिव और स्वास्थ्य सचिव को पत्र लिखा है।

विज्ञापन
Union Health Secretary Rajesh Bhushan writes letters to 8 States and UT on strengthening COVID19 surveillance
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण। - फोटो : ANI (फाइल फोटो)

विस्तार

विज्ञापन

देश में लगातार बढ़ते कोरोना के मामलों को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय सतर्क हो गया है। इसी बीच केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने शुक्रवार को सात राज्यों और एक केंद्रशासित प्रदेश को पत्र लिखा।

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने सात राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के मुख्य सचिव, प्रधान सचिव और स्वास्थ्य सचिव को पत्र लिखकर कोविड-19 निगरानी को मजबूत करने और संक्रमण के किसी भी उभरते प्रसार को नियंत्रित करने के लिए चिंता के किसी भी क्षेत्र में पूर्वव्यापी कार्रवाई करने को कहा। जिन राज्यों और केंद्रशासित प्रदेश को पत्र भेजा गया है उनमें तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, राजस्थान और दिल्ली शामिल हैं।

विज्ञापन


उन्होंने पत्र में इस बात को रेखांकित किया है कि कोविड-19 अभी भी खत्म नहीं हुआ है। राजेश भूषण ने पत्र में उनसे किसी भी स्तर पर ढिलाई के खिलाफ सतर्क रहने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि ढिलाई महामारी प्रबंधन में अब तक किए गए लाभ को कम कर सकता है। गौरतलब है कि देश में मार्च के बाद से कोविड-19 के मामलों में लगातार वृद्धि देखी जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि वैसे तो कोविड-19 के मरीजों के अस्पतालों में भर्ती होने और उनकी मृत्यु की दर कम है लेकिन जिन राज्यों या जिलों में बड़ी संख्या में मामले सामने आए हैं, वे संक्रमण के संभावित स्थानीय प्रसार का संकेत हो सकते हैं, फलस्वरूप प्रारंभिक अवस्था में ही उन्हें फैलने से रोकने के लिए इन राज्यों और जिलों पर कड़ी नजर रखने एवं आवश्यक उपाय करने की जरूरत है।

आवश्यक होने पर पूर्वव्यापी कार्रवाई करनी चाहिए: केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव
भूषण ने कहा, स्थिति की सटीक निगरानी में सहायता के लिए डाटा का समय पर और नियमित रूप से अपडेट सुनिश्चित करना भी महत्वपूर्ण है। यह आवश्यक है कि राज्य को कड़ी निगरानी रखनी चाहिए और किसी भी क्षेत्र में संक्रमण के किसी भी उभरते प्रसार को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक होने पर पूर्वव्यापी कार्रवाई करनी चाहिए। नियमित निगरानी और अनुवर्ती कार्रवाई महत्वपूर्ण हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य अस्पताल संबंधी संचालनगत तैयारियों, दवाओं एवं स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चत करें जिसके लिए विभिन्न वित्तीय पैकेज में सभी राज्यों को पर्याप्त वित्तीय सहयोग पहले ही दिया गया है।

उन्होंने सभी जिलों में आरटी-पीसीआर और एंटीजन टेस्ट (Antigen Test) की अनुशंसित हिस्सेदारी को बनाए रखते हुए परीक्षण के पर्याप्त स्तर (विशेष रूप से उभरते हुए हॉटस्पॉट, आईएलआई और एसएआरआई मामलों में) को बनाए रखने पर ध्यान देने का भी आग्रह किया। भूषण ने कहा कि जिन क्षेत्रों में ज्यादा पॉजिटिव मामले सामने आ रहे हैं या मामलों के नए समूहों की रिपोर्ट दर्ज की जा रही है उन क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए और प्रयोगशालाओं के INSACOG नेटवर्क के माध्यम से संपूर्ण जीनोमिक अनुक्रमण के लिए भेजे गए कोविड-पॉजिटिव नमूनों की संख्या बढ़ानी चाहिए।

24 घंटे में दर्ज किए गए 11692 नए मामले
भारत में लगातार दो दिन नए मामलों में बढ़ोतरी देखी गई थी। हालांकि शुक्रवार को सात फीसदी की कमी दर्ज की गई। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार 11 हजार से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं, जबकि गुरुवार को यह संख्या 12 हजार से अधिक थी। वहीं सक्रिय मरीजों की संख्या भी लगातार बढ़ती जा रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों से पता चलता है कि देश में शुक्रवार सुबह तक कोरोना के सक्रिय मामले 66 हजार 170 तक पहुंच गए। यानी इतने लोग संक्रमित होने के बाद या तो अस्पताल में भर्ती हैं या घर पर ही अपना इलाज करा रहे हैं।


सरकारी आंकड़ों में कहा गया है कि 24 घंटे में 11,692 नए मामले सामने आए हैं, जिसके बाद कोरोना मामले की संख्या 4.48 करोड़ दर्ज की गई। आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार को 28 मौतें हुईं। इससे मरने वालों की संख्या बढ़कर 5,31,258 हो गई है। बता दें, कोरोना सबसे ज्यादा केरल को प्रभावित कर रहा है। केरल में नौ मौतें हुई हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, देश में सात महीने में सबसे ज्यादा मौतें (40) गुरुवार को हुई थीं। वहीं, बीमारी से ठीक होने वालों की संख्या में इजाफा हुआ है। 4,42,72,256 लोगों ने कोरोना महामारी से जंग जीत ली है। वहीं, मृत्यु दर 1.18 प्रतिशत, जबकि रिकवरी दर 98.67 प्रतिशत दर्ज की गई। मंत्रालय की वेबसाइट के अनुसार, राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान के तहत देश में अब तक कोविड टीके की 220.66 करोड़ खुराकें दी जा चुकी हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed