Union Cabinet Meeting Today: एथेनॉल की कीमत में इजाफा, फिर से बहाल की गई सांसद निधि
Union Cabinet Meeting Today: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को केंद्रीय कैबिनेट की बैठक आयोजित हुई। इस बैठक मे एथेनॉल खरीद के लिए तंत्र और पैकेजिंग के लिए जूट के इस्तेमाल जैसे फैसलों पर मुहर लगाई गई। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने बैठक के बाद इसमें लिए गए फैसलों के बारे में जानकारी दी।
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Union Cabinet Meeting Today: केंद्र सरकार ने बुधवार को पेट्रोल में मिलाने के लिए गन्ने से बनने वाले एथेनॉल की कीमतों में 1.47 रुपये प्रति लीटर तक का इजाफा करने का फैसला किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली आर्थिक मामलों पर केंद्रीय समिति ने दिसंबर 2021 से शुरू हो रहे आपूर्ति वर्ष के लिए एथेनॉल की कीमतों को बढ़ाने का निर्णय लिया है।
अनुराग ठाकुर ने कहा कि कैबिनेट ने एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल कार्यक्रम के तहत सार्वजनिक क्षेत्र की तेल मार्केटिंग कंपनियों द्वारा एथेनॉल की खरीद के लिए तंत्र को अनुमति दे दी है। इसके साथ ही कैबिनेट ने शर्करा सत्र 2020-21 के लिए अलग-अलग कच्चे माल से बनने वाले एथेनॉल की कीमतों को बढ़ाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी।
इसके तहत सी हैवी शीरे से बनने वाले एथेनॉल की कीमत 45.69 से बढ़ाकर 46.66 रुपये प्रति लीटर और बी हैवी से बनने वाले एथेनॉल की कीमत 57.61 से बढ़ाकर 59.08 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है। वहीं, गन्ने के रस, चीनी/चीनी सिरप से बनने वाले एथेनॉल की कीमत 62.65 रुपये से बढ़ाकर 63.45 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है।
ठाकुर ने कहा कि भारत की योजना साल 2025 तक पेट्रोल में एथेनॉल का मिश्रण बढ़ाकर 20 फीसदी करने का लक्ष्य है। पेट्रोल में एथेनॉल की अधिक मात्रा मिलाने से भारत को अपने तेल आयात बिल में कटौती करने का मौका मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार के इस कदम से गन्ना किसानों और चीनी मिलों को भी काफी लाभ पहुंचेगा।
जूट के थैलों में होगी अब खाद्यान्न की पैकिंग
इसके साथ ही केंद्रीय कैबिनेट ने जूट पैकेजिंग मैटेरियल अधिनियम, 1987 के तहत जूट वर्ष 2021-22 के लिए जूट पैकेजिंग सामग्रियों के लिए आरक्षण मानकों को अनुमति भी प्रदान कर दी। केंद्रीय मंत्री ठाकुर ने बताया कि यह अनुमति मिलने के बाद 100 फीसदी अनाज और 20 फीसदी चीनी की पैकिंग जूट के थैलों में ही की जाएगी।
केंद्र ने सांसद निधि की बहाल, वर्ष 2021-22 के लिए मिलेंगे दो करोड़
केंद्र सरकार ने बुधवार को सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास कार्यक्रम (एमपीलैड्स) निधि फिर से बहाल कर दी है। यह निधि वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए बचे हुए हिस्से के लिए बहाल किया गया है और 2025-26 तक जारी रहेगी। 2021-22 के लिए प्रत्येक सांसद को 2-2 करोड़ रुपये की किस्त आवंटित की जाएगी। इसके बाद सांसदों को हर साल पांच करोड़ की राशि मिलेगी। उन्हें यह राशि ढाई-ढाई करोड़ की दो किस्तों में जारी की जाएंगी।
दरअसल, सांसद निधि पर कोविड-19 महामारी की वजह से रोक लगी थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट की बैठक के बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा, पिछले साल अप्रैल में सरकार ने कोरोना महामारी की वजह से 2020-21 और 2021-22 की सांसद निधि पर रोक लगाते हुए कहा था कि इसका उपयोग महामारी से निपटने और चिकित्सकीय सुविधाओं के विस्तार के लिए किया जाएगा।
सात सत्रों के लिए कपास की खरीद को 17409 करोड़ रुपये मंजूर किए
सरकार ने भारतीय कपास निगम (सीसीआई) को 2014-15 से 2020-21 तक कपास के सात सत्रों के लिए 17,408.85 करोड़ रुपये के ‘प्रतिबद्ध मूल्य समर्थन’ को मंजूरी दे दी। आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने यह फैसला लिया। सीसीईए ने कपास के सत्र (अक्तूबर-सितंबर) 2014-15 से 2020-21 के दौरान कपास के लिए एमएसपी संचालन के तहत नुकसान की भरपाई के लिए खर्च की भी मंजूरी दे दी है।
सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि सीसीआई और अधिकृत एजेंसियों ने 2019-20 में कपास की 123 लाख गांठ और 2020-21 में 100 लाख गांठ की खरीद की। वार्षिक उत्पादन 350-360 लाख गांठ होने का अनुमान है। एक दूसरे फैसले में मंत्रिमंडल ने जूट वर्ष 2021-22 के लिए जूट पैकेजिंग सामग्री के लिए आरक्षण संबंधी मानदंडों को मंजूरी दे दी। इस फैसले से जूट उद्योग से जुड़े 3,70,000 मजदूरों को राहत मिलेगी।