फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Union Cabinet chaired by Prime Minister Narendra Modi approved the extension of jute packaging norms

Jute Packing: खाद्य पदार्थों और 20% चीनी वाले उत्पादों की जूट पैकिंग अनिवार्य, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दी मंजू

Thu, 23 Feb 2023 05:31 AM IST
वीरेंद्र शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: वीरेंद्र शर्मा Updated Thu, 23 Feb 2023 05:31 AM IST
सार

मंत्रिमंडल के इस फैसले से जूट मिलों और सहायक इकाइयों में कार्यरत 3.7 लाख श्रमिकों को राहत मिलेगी। साथ ही, कई लाख किसान परिवारों की आजीविका को बढ़ावा मिलेगा।

विज्ञापन
Union Cabinet chaired by Prime Minister Narendra Modi approved the extension of jute packaging norms
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

देश में सभी खाद्य पदार्थों और 20 फीसदी चीनी वाले उत्पादों की पैकिंग जूट के बैग में अनिवार्य रूप से करनी होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में जूट वर्ष 2022-23 (1 जुलाई 2022 से 30 जून 2023) के लिए जूट पैकेजिंग मानदंडों के विस्तार को मंजूरी दी गई।
विज्ञापन


मंत्रिमंडल के इस फैसले से जूट मिलों और सहायक इकाइयों में कार्यरत 3.7 लाख श्रमिकों को राहत मिलेगी। साथ ही, कई लाख किसान परिवारों की आजीविका को बढ़ावा मिलेगा। इससे पर्यावरण की रक्षा में भी मदद होगी, क्योंकि जूट एक प्राकृतिक, जैव-निम्नीकरणीय, नवीकरणीय और पुन: इस्तेमाल में आने वाला फाइबर है और सभी स्थिरता मानकों को पूरा करता है। भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए जूट उद्योग महत्वपूर्ण : जूट उद्योग भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है। विशेष रूप से देश के पूर्वी क्षेत्र में, जिसमें पश्चिम बंगाल, बिहार, ओडिशा, असम, त्रिपुरा, मेघालय, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना शामिल हैं।
विज्ञापन


अनाज की पैकिंग के लिए 9,000 करोड़ के बोरों की खरीद : जूट पैकेजिंग सामग्री (जेपीएम) अधिनियम, 1987 जूट किसानों, श्रमिकों और जूट के सामान के उत्पादन में लगे व्यक्तियों के हितों की रक्षा करता है। विशेष रूप से, जूट उद्योग के कुल उत्पादन का 75 फीसदी जूट की बोरियां हैं, जिसमें से 85 फीसदी की आपूर्ति भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) और राज्य खरीद एजेंसियों (एसपीए) को की जाती है और शेष को सीधे निर्यात/बेचा जाता है। सरकार अनाज की पैकिंग के लिए हर साल लगभग 9,000 करोड़ रुपये के जूट बोरे खरीदती है, जिससे जूट किसानों और श्रमिकों के उत्पादन के लिए गारंटीकृत बाजार सुनिश्चित होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed