{"_id":"6aa551ea6787b2f620043a5f","slug":"pm-modi-xi-jinping-bilateral-meeting-brics-summit-india-china-cooperation-top-points-2026-09-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"पीएम मोदी-जिनपिंग की द्विपक्षीय बैठक: शी बोले- एक-दूसरे की ताकत से सीखें भारत-चीन; प्रधानमंत्री ने कही ये बात","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
पीएम मोदी-जिनपिंग की द्विपक्षीय बैठक: शी बोले- एक-दूसरे की ताकत से सीखें भारत-चीन; प्रधानमंत्री ने कही ये बात
Sat, 12 Sep 2026 06:51 PM IST
देवेश त्रिपाठी
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: देवेश त्रिपाठी
Updated Sat, 12 Sep 2026 06:51 PM IST
सार
नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई। मुलाकात में दोनों नेताओं ने भारत और चीन के बीच सहयोग को आगे बढ़ाने से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। प्रधानमंत्री ने ब्रिक्स की भारतीय अध्यक्षता के दौरान चीन की ओर से मिले सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
विज्ञापन
पीएम मोदी और जिनपिंग की द्विपक्षीय बैठक
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच शनिवार को द्विपक्षीय बैठक हुई। ब्रिक्स शिखर सम्मलेन से इतर हुई इस बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रिक्स में भारत की अध्यक्षता के दौरान समर्थन और सहयोग के लिए चीन का आभार जताया। पीएम मोदी ने शी जिनपिंग का स्वागत करते हुए कहा, 'आपका गर्मजोशी से स्वागत करते हुए मुझे बहुत खुशी हो रही है। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में आपकी सकारात्मक बातों के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद। अब हमारे पास द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा करने का अवसर है।'
वहीं, इस बैठक के दौरान शी जिनपिंग ने कहा कि चीन और भारत एक-दूसरे की ताकत से सीख सकते हैं और साझा विकास हासिल कर सकते हैं। उन्होंने दोनों देशों से व्यापक ब्रिक्स सहयोग के उच्च गुणवत्ता वाले विकास के लिए मिलकर काम करने का भी आग्रह किया। चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग ने पीएम मोदी से कहा कि चीन भारत के साथ अपने संबंधों को 'रणनीतिक और दीर्घकालिक दृष्टिकोण' से देखता है।
द्विपक्षीय बैठक में क्या बोले शी जिनपिंग?
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने चीन और भारत से आग्रह किया है कि वे ब्रिक्स देशों के बीच बेहतर सहयोग को बढ़ावा देने के लिए मिलकर काम करें। चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, शी ने नई दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक के दौरान यह बात कही।
विज्ञापन
शी ने कहा, 'चीन-भारत संबंध विकसित हुए हैं और दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों के दीर्घकालिक विकास को ध्यान में रखते हुए उन्हें रणनीतिक दृष्टिकोण से देखा है।' उन्होंने कहा कि चीन और भारत अलग-अलग हैं, लेकिन दोनों देश साझा विकास हासिल करने के लिए एक-दूसरे का समर्थन और सहयोग करने में सक्षम रहे हैं। शी ने कहा, 'मुझे नई दिल्ली ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने और आपसे फिर मिलने की बहुत खुशी है। भारत में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की सफलता के लिए मैं आपको हार्दिक बधाई देता हूं।'
दोनों देशों की मानवता के साझा भविष्य के प्रति जिम्मेदारियां : जिनपिंग
चीनी राष्ट्रपति ने कहा कि 12 वर्षों में यह उनकी दूसरी नई दिल्ली यात्रा है। इस दौरान दोनों नेताओं की 20 से अधिक बार मुलाकात हुई है और इन बैठकों से 'महत्वपूर्ण सहमतियों की एक श्रृंखला' बनी है। दुनिया के सबसे अधिक आबादी वाले देशों और वैश्विक दक्षिण के सदस्य के रूप में चीन और भारत की साझा स्थिति का उल्लेख करते हुए शी ने कहा कि दोनों देशों की मानवता के साझा भविष्य के प्रति महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां हैं।
उन्होंने कहा कि चीन और भारत एक-दूसरे की ताकत से सीख सकते हैं और साझा विकास हासिल कर सकते हैं। साथ ही उन्होंने दोनों देशों से व्यापक ब्रिक्स सहयोग के उच्च गुणवत्ता वाले विकास के लिए मिलकर काम करने का आग्रह किया। शी ने कहा, 'चीन और भारत दुनिया के सबसे अधिक आबादी वाले देश हैं और वैश्विक दक्षिण का हिस्सा हैं। मानवता के साझा भविष्य के लिए हमारी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां हैं।'
ब्रिक्स देशों ने सर्वसम्मति से अपनाया नई दिल्ली घोषणापत्र
इससे पहले ब्रिक्स देशों ने 2026 की नई दिल्ली घोषणापत्र को सर्वसम्मति से अपनाया। घोषणापत्र में पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ते तनाव पर गहरी चिंता जताते हुए सभी पक्षों से अधिकतम संयम बरतने और ऐसी कार्रवाइयों से बचने का आह्वान किया गया, जिससे स्थिति और बिगड़ सकती है।
घोषणापत्र में कहा गया, 'हम संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उद्देश्यों और सिद्धांतों के अनुरूप नागरिकों और नागरिक बुनियादी ढांचे की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह करते हैं। इसमें राज्यों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान भी शामिल है।'
ब्रिक्स ने क्षेत्र में स्थायी शांति, सुरक्षा और स्थिरता के लिए दीर्घकालिक समझ विकसित करने की दिशा में संवाद और कूटनीति के जरिए प्रयास बढ़ाने की अपील की। समूह ने अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार वैश्विक व्यापार, आपूर्ति शृंखलाओं और ऊर्जा की सुचारू आवाजाही बनाए रखने के लिए मिलकर काम करने की जरूरत पर जोर दिया।
शी ने कहा- पश्चिम एशिया में शांति के लिए ब्रिक्स देश मिलकर काम करें
इससे पहले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए शी ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी युद्ध से पूरे क्षेत्र के लोगों को गंभीर नुकसान हुआ है और यह अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साझा हितों के खिलाफ है। चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग के अनुसार, शी ने संबंधित पक्षों से राजनीतिक समाधान की दिशा में बने रहने और स्थायी एवं व्यापक युद्धविराम के लिए काम करने का आह्वान किया।
शी ने कहा, 'चीन मध्य पूर्व में शांति और स्थिरता लाने में अपनी उचित भूमिका निभाने के लिए ब्रिक्स के साथी देशों के साथ काम करेगा।' ब्रिक्स घोषणा में आईएईए के सुरक्षा उपायों के तहत आने वाली शांतिपूर्ण परमाणु सुविधाओं और नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमलों को लेकर भी गंभीर चिंता जताई गई। इसमें कहा गया कि सशस्त्र संघर्ष के दौरान भी परमाणु सुरक्षा, संरक्षा और सुरक्षा उपायों को बनाए रखा जाना चाहिए।
विज्ञापन
वहीं, इस बैठक के दौरान शी जिनपिंग ने कहा कि चीन और भारत एक-दूसरे की ताकत से सीख सकते हैं और साझा विकास हासिल कर सकते हैं। उन्होंने दोनों देशों से व्यापक ब्रिक्स सहयोग के उच्च गुणवत्ता वाले विकास के लिए मिलकर काम करने का भी आग्रह किया। चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग ने पीएम मोदी से कहा कि चीन भारत के साथ अपने संबंधों को 'रणनीतिक और दीर्घकालिक दृष्टिकोण' से देखता है।
विज्ञापन
द्विपक्षीय बैठक में क्या बोले शी जिनपिंग?
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने चीन और भारत से आग्रह किया है कि वे ब्रिक्स देशों के बीच बेहतर सहयोग को बढ़ावा देने के लिए मिलकर काम करें। चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, शी ने नई दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक के दौरान यह बात कही।
विज्ञापन
शी ने कहा, 'चीन-भारत संबंध विकसित हुए हैं और दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों के दीर्घकालिक विकास को ध्यान में रखते हुए उन्हें रणनीतिक दृष्टिकोण से देखा है।' उन्होंने कहा कि चीन और भारत अलग-अलग हैं, लेकिन दोनों देश साझा विकास हासिल करने के लिए एक-दूसरे का समर्थन और सहयोग करने में सक्षम रहे हैं। शी ने कहा, 'मुझे नई दिल्ली ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने और आपसे फिर मिलने की बहुत खुशी है। भारत में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की सफलता के लिए मैं आपको हार्दिक बधाई देता हूं।'
दोनों देशों की मानवता के साझा भविष्य के प्रति जिम्मेदारियां : जिनपिंग
चीनी राष्ट्रपति ने कहा कि 12 वर्षों में यह उनकी दूसरी नई दिल्ली यात्रा है। इस दौरान दोनों नेताओं की 20 से अधिक बार मुलाकात हुई है और इन बैठकों से 'महत्वपूर्ण सहमतियों की एक श्रृंखला' बनी है। दुनिया के सबसे अधिक आबादी वाले देशों और वैश्विक दक्षिण के सदस्य के रूप में चीन और भारत की साझा स्थिति का उल्लेख करते हुए शी ने कहा कि दोनों देशों की मानवता के साझा भविष्य के प्रति महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां हैं।
उन्होंने कहा कि चीन और भारत एक-दूसरे की ताकत से सीख सकते हैं और साझा विकास हासिल कर सकते हैं। साथ ही उन्होंने दोनों देशों से व्यापक ब्रिक्स सहयोग के उच्च गुणवत्ता वाले विकास के लिए मिलकर काम करने का आग्रह किया। शी ने कहा, 'चीन और भारत दुनिया के सबसे अधिक आबादी वाले देश हैं और वैश्विक दक्षिण का हिस्सा हैं। मानवता के साझा भविष्य के लिए हमारी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां हैं।'
ब्रिक्स देशों ने सर्वसम्मति से अपनाया नई दिल्ली घोषणापत्र
इससे पहले ब्रिक्स देशों ने 2026 की नई दिल्ली घोषणापत्र को सर्वसम्मति से अपनाया। घोषणापत्र में पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ते तनाव पर गहरी चिंता जताते हुए सभी पक्षों से अधिकतम संयम बरतने और ऐसी कार्रवाइयों से बचने का आह्वान किया गया, जिससे स्थिति और बिगड़ सकती है।
घोषणापत्र में कहा गया, 'हम संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उद्देश्यों और सिद्धांतों के अनुरूप नागरिकों और नागरिक बुनियादी ढांचे की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह करते हैं। इसमें राज्यों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान भी शामिल है।'
ब्रिक्स ने क्षेत्र में स्थायी शांति, सुरक्षा और स्थिरता के लिए दीर्घकालिक समझ विकसित करने की दिशा में संवाद और कूटनीति के जरिए प्रयास बढ़ाने की अपील की। समूह ने अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार वैश्विक व्यापार, आपूर्ति शृंखलाओं और ऊर्जा की सुचारू आवाजाही बनाए रखने के लिए मिलकर काम करने की जरूरत पर जोर दिया।
शी ने कहा- पश्चिम एशिया में शांति के लिए ब्रिक्स देश मिलकर काम करें
इससे पहले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए शी ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी युद्ध से पूरे क्षेत्र के लोगों को गंभीर नुकसान हुआ है और यह अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साझा हितों के खिलाफ है। चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग के अनुसार, शी ने संबंधित पक्षों से राजनीतिक समाधान की दिशा में बने रहने और स्थायी एवं व्यापक युद्धविराम के लिए काम करने का आह्वान किया।
शी ने कहा, 'चीन मध्य पूर्व में शांति और स्थिरता लाने में अपनी उचित भूमिका निभाने के लिए ब्रिक्स के साथी देशों के साथ काम करेगा।' ब्रिक्स घोषणा में आईएईए के सुरक्षा उपायों के तहत आने वाली शांतिपूर्ण परमाणु सुविधाओं और नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमलों को लेकर भी गंभीर चिंता जताई गई। इसमें कहा गया कि सशस्त्र संघर्ष के दौरान भी परमाणु सुरक्षा, संरक्षा और सुरक्षा उपायों को बनाए रखा जाना चाहिए।