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59 हजार करोड़ की स्कॉलरशिप योजना को मंजूरी, चार करोड़ एससी छात्रों को मिलेगा लाभ

Wed, 23 Dec 2020 07:51 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली/जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली/जम्मू Published by: गौरव पाण्डेय Updated Wed, 23 Dec 2020 07:51 PM IST
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Union Cabinet approved post matric scholarship scheme and other decisions
केंद्रीय मंत्री थावरचंद गहलोत - फोटो : एएनआई

केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार को 59 हजार करोड़ रुपये की पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप योजना को अनुमति दे दी। इस योजना से पांच साल में चार करोड़ एससी (अनुसूचित जाति) छात्र-छात्राओं को फायदा पहुंचेगा। यह जानकारी केंद्रीय कैबिनेट की बैठक के बाद आयोजित की गई प्रेस वार्ता में केंद्रीय मंत्री थावरचंद गहलोत ने दी। गहलोत ने कहा कि केंद्र सरकार इसमें 35,534 करोड़ रुपये खर्च करेगी और बाकी की राशि राज्य सरकारें वहन करेंगी।

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इसके तहत केंद्र सरकार 60 प्रतिशत और शेष 40 प्रतिशत धनराशि राज्य सरकारें उपलब्ध करायेंगे। इससे अनुसूचित जाति वर्ग के चार करोड़ से अधिक छात्रों को लाभ होगा।  सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावर चंद गहलोत ने संवाददाताओं के बताया कि अनुसूचित जाति से संबंधित छात्रों के लिए मैट्रिकोत्तर छात्रवृत्ति (पीएमएस-एससी)"की केंद्र प्रायोजित योजना को बड़े परिवर्तनों के साथ मंजूरी दी गई है ताकि छात्र अपनी उच्चतर शिक्षा को सफलतापूर्वक पूरा कर सकें।
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इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप को लेकर आज लिया गया कैबिनेट का फैसला एससी समुदाय के युवा छात्र-छात्राओं के लिए शिक्षा तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित करेगा। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं को उच्च गुणवत्ता और सस्ती शिक्षा मुहैया कराना हमारी सरकार का महत्वपूर्ण संकल्प है।

डीटीएच सेवा प्रदाताओं के लिए दिशा-निर्देशों में संशोधन को मंजूरी
डीटीएच सेवा प्रदान करने के लिए दिशा-निर्देशों में संशोधन को मंजूरी दी जिससे अब 20 साल के लिए लाइसेंस जारी किए जा सकेंगे ।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई ।

बैठक के बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने संवाददाताओं को बताया कि दिशा-निर्देशों में संशोधन करने से डीटीएच क्षेत्र में 100 फीसदी प्रत्यक्ष विदेश निवेश (एफडीआई) का मार्ग प्रशस्त हो जायेगा ।

उन्होंने बताया कि वाणिज्य मंत्रालय ने डीटीएच क्षेत्र में 100 फीसदी प्रत्यक्ष विदेश निवेश की बात कही थी लेकिन सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के दिशा निर्देशों के कारण ऐसा नहीं हो पा रहा था, अत: इन दिशा निर्देशों में सुधार की जरूरत थी ।

जावड़ेकर ने बताया कि दिशा-निर्देशों में संशोधन से अब इस क्षेत्र में 100 फीसदी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश हो सकेगा। अब तक इस क्षेत्र में 49 फीसदी प्रत्यक्ष विदेश निवेश हो सकता था । मंत्रालय के अनुसार, इन संशोधनों से डीटीएच के लिए लाइसेंस वर्तमान 10 वर्ष की बजाए अब 20 वर्ष की अवधि के लिए जारी किए जायेंगे । लाइसेंस शुल्क वर्तमान वार्षिक आधार के स्थान पर अब त्रैमासिक आधार पर एकत्र किया जायेगा ।

इसके अलावा डीटीएच संचालकों को उनके द्वारा दिखाए जाने वाले कुल अनुमति प्राप्त प्लेटफार्म चैनलों की क्षमता से अधिकतम 5 फीसदी के संचालन की अनुमति दी जाएगी ।

दिल्ली में अनधिकृत कॉलोनियों पर बड़ा फैसला

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दिल्ली में अनधिकृत कॉलोनियों, जे जे कॉलोनियों और दिल्ली के ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि भूमि पर निर्माण के संबंध में दंडात्मक कार्रवाई से और तीन वर्षो के लिये सुरक्षा प्रदान करने वाले अध्यादेश को बुधवार को मंजूरी दी । 

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली (विशेष प्रावधान) संशोधन अध्यादेश इस संबंध में 2011 में बनाए गए पहले कानून का विस्तार है। सरकार ने इसे 2014 में तीन वर्षों के लिए और फिर 2017 में भी तीन वर्षो के लिए बढ़ाया था ।

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बताया कि साल 2017 में फिर से बनाए गए कानून की अवधि जल्द समाप्त होने वाली थी और संसद का शीतकालीन सत्र आयोजित नहीं किया जाना है, ऐसे में तीन वर्ष और इस कानून की मियाद को बढ़ाने (दिसंबर 2023 तक) के लिए अध्यादेश लाना जरूरी था। 

उन्होंने कहा कि दिल्ली की अनधिकृत कॉलोनियों, जे जे कॉलोनियों और दिल्ली के ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि भूमि पर निर्माण को इस आध्यादेश से सुरक्षा प्राप्त होगी। मंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद यह लागू होगा।

भारत- अफगानिस्तान के बीच संशोधित वायु सेवा समझौते पर हस्ताक्षर को मंजूरी 

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को भारत और अफगानिस्तान के बीच संशोधित वायु सेवा समझौते पर हस्ताक्षर को अपनी मंजूरी प्रदान कर दी । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने यह जानकारी दी।

सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, संशोधित वायु सेवा समझौता दोनों देशों के बीच नागरिक उड्डयन संबंधों में एक महत्वपूर्ण घटना है। इससे दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, पर्यटन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान में वृद्धि की संभावना है जिससे नागरिक उड्डयन क्षेत्र का विकास होगा।

इससे दोनों पक्षों के बीच बिना किसी रुकावट के अधिक संपर्क का माहौल बनेगा। और उन्हें बेहतर हिफाजत और सुरक्षा सुनिश्चित होने के साथ ही व्यावसायिक अवसर उपलब्ध होंगे।

भारत और फिलीपींस के बीच संशोधित वायु सेवा समझौते पर हस्ताक्षर को मंजूरी  

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को भारत और फिलीपींस के बीच संशोधित वायु सेवा समझौते पर हस्ताक्षर को मंजूरी प्रदान कर दी।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई । केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने यह जानकारी दी ।

सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, संशोधित वायु सेवा समझौता दोनों देशों के बीच नागरिक उड्डयन संबंधों में एक महत्वपूर्ण घटना है। इससे दोनों पक्षों के बीच बिना किसी रुकावट के अधिक संपर्क का माहौल बनेगा जिससे बेहतर हिफाजत और सुरक्षा सुनिश्चित होने के साथ ही व्यावसायिक अवसर भी उपलब्ध होंगे। इससे दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, पर्यटन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान में वृद्धि की संभावना है।

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