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तमिलनाडु में दो समूहों के खिलाफ छापे में 450 करोड़ रुपये की अघोषित आय का हुआ खुलासा
Mon, 30 Nov 2020 03:55 AM IST
Kuldeep Singh
एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली
Published by: Kuldeep Singh
Updated Mon, 30 Nov 2020 03:55 AM IST
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आयकर विभाग
- फोटो : PTI
आयकर विभाग ने तमिलनाडु स्थित आईटी सेज डेवलपर, इसके पूर्व निदेशक और स्टेनलेस स्टील सप्लायर के ठिकानों पर छापा मारकर 450 करोड़ रुपये की अघोषित आय का पता लगाया।
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आयकर विभाग ने 27 नवंबर को चेन्नई, मुंबई, हैदराबाद और कुड्डालोर में 16 परिसरों पर की कार्रवाई
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने रविवार को बताया कि छापे की कार्रवाई 27 नवंबर को चेन्नई, मुंबई, हैदराबाद और कुड्डालोर में 16 परिसरों पर की गई। सीबीडीटी ने एक बयान में कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी विशेष आर्थिक जोन (सीबीडीटी) के पूर्व निदेशक के मामले में आयकर अधिकारियों ने उनके और उनके पारिवारिक सदस्यों द्वारा पिछले तीन साल में 100 करोड़ रुपये अर्जित करने का खुलासा किया है।
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छापे यह भी पता चला कि आईटी सेज डेवलपर ने निर्माणाधीन प्रोजेक्ट में फर्जी काम के लिए करीब 160 करोड़ रुपये का दावा भी किया। साथ ही चल रहे प्रोजेक्ट में फर्जी कंसल्टेंसी शुल्क के खाते में करीब 30 करोड़ रुपये और अस्वीकार्य हित खर्च के नाम पर 20 करोड़ रुपये के लगाने का दावा किया।
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सीबीडीटी ने यह भी पाया कि डेवलपर ने शेयर खरीद लेनदेन भी किया और ये शेयर पूर्ववर्ती शेयरधारकों, एक रेजीडेंट और एक अनिवासी कंपनी द्वारा बेचे गए थे। इससे मॉरीशस के जरिए वित्तीय वर्ष 2017-18 में करीब 2,300 करोड़ का निवेश किया लेकिन इस बिक्री लेनदेन का पूंजीगत लाभ विभाग को सूचना नहीं दी गई। वहीं चेन्नई स्थित स्टेनलेस स्टील सप्लायर के मामले में पाया गया कि समूह ने तीन तरह की बिक्री की।
यह घोषित, अघोषित और आंशिक घोषित प्रकार की थी। अघोषित और आंशिक घोषित बिक्री की वैल्यू हर साल कुल बिक्री का 25 फीसदी से अधिक था। समूह ने बिक्री सुविधा शुल्क विभिन्न उपभोक्ताओं को मुहैया कराए और इन लेनदेन पर उसने 10 प्रतिशत से अधिक कमीशन हासिल किया। अघोषित आय का आकलन किया जा रहा है और यह तकरीबन 100 करोड़ रुपये है।