फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Unauthorised hawkers a mammoth problem; need proactive measures, says Bombay HC

Maharashtra: बॉम्बे हाईकोर्ट की बड़ी टिप्पणी, 'अनधिकृत रेहड़ी वाले सबसे बड़ी समस्या, उचित समाधान की जरूरत'

Tue, 30 Jul 2024 04:43 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: पवन पांडेय Updated Tue, 30 Jul 2024 04:43 PM IST
सार

Maharashtra: मंगलवार को बॉम्बे हाईकोर्ट ने मुंबई में रोड जाम की समस्या पर चिंता जताते हुए कहा कि- रोड और फुटपाथ पर अनधिकृत रेहड़ी और फेरी वाले सबसे बड़ी समस्या हैं, और इस पर सक्रिय समाधान निकालने की जरूरत है। 

विज्ञापन
Unauthorised hawkers a mammoth problem; need proactive measures, says Bombay HC
Bombay High court - फोटो : ANI

विस्तार

देश की आर्थिक नगरी मुंबई में भीड़-भाड़ इतनी देखने को मिलती है, कि आप न ध्यान रखें तो रास्ता जरूर भूल जाएंगे। वहीं बॉम्बे हाईकोर्ट ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि इस वजह अनाधिकृत रेहड़ी और फेरी वाले हैं। न्यायमूर्ति एम एस सोनक और न्यायमूर्ति कमल खता की खंडपीठ ने कहा कि उनकी चिंता यह है कि किसी को भी परेशानी नहीं होनी चाहिए।
विज्ञापन


किसी को भी परेशानी न हो- बॉम्बे हाईकोर्ट
अपनी टिप्पणी में अदालत ने कहा कि, किसी को भी परेशानी न हो... जनता को परेशानी न हो... दुकान मालिकों को परेशानी न हो... कानूनी और वैध लाइसेंस वाले फेरीवालों को भी परेशानी न हो। बता दें कि पिछले साल, उच्च न्यायालय ने शहर में अवैध और अनधिकृत फेरीवालों और विक्रेताओं की समस्या का खुद संज्ञान लिया था।
विज्ञापन


महाराष्ट्र सरकार और बीएमसी ने पेश किया हलफनामा
वहीं इस मामले में बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) और महाराष्ट्र सरकार ने मंगलवार को अपने हलफनामे पेश किए, जिसमें उन्होंने अदालत को अनधिकृत फेरीवालों और विक्रेताओं के खिलाफ उठाए गए कदमों के बारे में बताया और यह सुनिश्चित करने के लिए कि वे समस्या को फिर से न होने दें, क्या करने का प्रस्ताव रखते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


बीएमसी के वकील अनिल सिंह ने कहा कि अदालत के पहले के निर्देशों के अनुसार, शहर में 20 क्षेत्रों की पहचान की गई थी और यह सुनिश्चित करने के लिए नियमित निगरानी रखी गई थी कि फेरीवाले बिना अनुमति के अपनी दुकानें न लगाएं। 

लाइसेंस वालों को भी किया जाता है परेशान- हॉकर्स यूनियन
इस पर अदालत ने कहा कि समय और जगह के प्रबंधन से मदद मिलेगी, पीठ ने आगे कहा कि, ये समस्या बहुत बड़ी है। इसलिए, कुछ सक्रिय उपाय किए जाने चाहिए। वहीं हॉकर्स यूनियन की ओर से पेश वरिष्ठ वकील गायत्री सिंह ने अदालत को बताया कि वैध लाइसेंस रखने वाले फेरीवालों और विक्रेताओं को भी अधिकारियों की तरफ से जबरन हटा दिया जाता है।

जिनके पास लाइसेंस है उनको सुरक्षा दी जाए- हाईकोर्ट
इस पर, अदालत ने कहा, हम समझते हैं कि आप (वैध लाइसेंस रखने वाले फेरीवालों) की अपनी कठिनाइयां हैं। जिनके पास अनुमति है, उन्हें पूरी सुरक्षा दी जानी चाहिए। जिनके पास अनुमति नहीं है, वे बाकी सभी पर हावी हो जाते हैं। पीठ ने यूनियन को हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया और मामले की अगली सुनवाई गुरुवार को तय की।


रेलवे स्टेशन के आसपास 150 मी. एरिया प्रतिबंधित
जबकि बीएमसी ने अपने हलफनामे में कहा कि सभी वार्ड में हर दिन जांच की जाती है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई भी फेरीवाला अपेक्षित अनुमति के बिना स्टॉल न लगाए। इसमें कहा गया है कि उपनगरीय रेलवे स्टेशनों के आसपास 150 मीटर के क्षेत्र को फेरीवालों से मुक्त रखा गया है और कुछ जगहों पर फेरीवालों के लिए क्षेत्र निर्धारित किए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed