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Atiq Ahmed Murder: उमेश पाल की हत्या से असद के एनकाउंटर और अतीक-अशरफ की हत्या तक, अब तक क्या-क्या हुआ?
Sat, 15 Apr 2023 11:51 PM IST
हिमांशु मिश्रा
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु मिश्रा
Updated Sat, 15 Apr 2023 11:51 PM IST
सार
उमेश की हत्या से लेकर अब तक क्या-क्या हुआ है? कितने लोग एनकाउंटर में मारे जा चुके हैं? कितने आरोपी अभी फरार हैं? अतीक और अशरफ के साथ क्या हुआ? आइए जानते हैं...
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अतीक अहमद
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की शनिवार को गोली मारकर हत्या कर दी गई। हत्या उस वक्त हुई जब जेल में बंद दोनों भाइयों को प्रयागराज के काल्विन अस्पताल में मेडिकल के लिए ले जाया जा रहा था। इससे पहले गुरुवार को ही उमेश पाल और उनके दोनों गनर्स पर गोली चलाने वाले आरोपी असद अहमद और उसका साथी गुलाम एनकाउंटर में ढेर कर दिया गया। असद माफिया अतीक अहमद का तीसरे नंबर का बेटा था। वहीं, गुलाम अतीक का बेहद करीबी शूटर था।
गुरुवार को ही अतीक और उसके भाई अशरफ को उमेश पाल की हत्या की साजिश रचने के आरोपी में प्रयागराज की सीजेएम कोर्ट ने सात दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया था। आज हम आपको बताएंगे कि उमेश पाल की हत्या से लेकर अब तक क्या-क्या हुआ है? कितने लोग एनकाउंटर में मारे जा चुके हैं? कितने आरोपी अभी फरार हैं? अतीक और अशरफ के साथ अब तक क्या-क्या हुआ? आइए जानते हैं...
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गुरुवार को ही अतीक और उसके भाई अशरफ को उमेश पाल की हत्या की साजिश रचने के आरोपी में प्रयागराज की सीजेएम कोर्ट ने सात दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया था। आज हम आपको बताएंगे कि उमेश पाल की हत्या से लेकर अब तक क्या-क्या हुआ है? कितने लोग एनकाउंटर में मारे जा चुके हैं? कितने आरोपी अभी फरार हैं? अतीक और अशरफ के साथ अब तक क्या-क्या हुआ? आइए जानते हैं...
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Prayagraj News : उमेश पाल हत्याकांड। फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला।
पहले जान लीजिए 24 फरवरी के दिन क्या हुआ था?
2005 में हुई विधायक राजू पाल की हत्या के मामले में उमेश पाल मुख्य गवाह थे। 24 फरवरी शुक्रवार को करीब साढ़े चार बजे उमेश कार से वापस सुलेमसराय, धूमनगंज स्थित अपने घर के लिए चल दिए। जैसे ही गेट पर गाड़ी रोककर उमेश उतरे, पहले से घात लगाए बदमाशों ने उन्हें गोली मार दी। उमेश गोली लगने से गिरने के बाद उठकर घर के भीतर भागे। साथ में उनकी सुरक्षा में लगे दोनों सिपाही भी उन्हें बचाने के लिए घर के अंदर भागे। लेकिन, हमलावरों ने दुस्साहस का परिचय देते हुए घर के अंदर घुसकर स्वचालित हथियारों से लगातार गोलियां बरसाईं। इस दौरान बदमाशों ने बम भी चलाए। बम और गोलियों की बौछार से इलाका थर्रा गया। हमलावर वहां से फरार हो गए। उमेश पाल, सिपाही संदीप और राघवेंद्र लहूलुहान पड़े थे।
तीनों को एसआरएन हॉस्पिटल ले जाया गया। जहां डाक्टरों ने करीब एक घंटे बाद उमेश पाल को मृत घोषित कर दिया गया। आजमगढ़ निवासी सुरक्षागार्ड संदीप निषाद की भी अस्पताल में मृत्यु हो गई। शुक्रवार रात में ही पुलिस ने माफिया अतीक के दो नाबालिग बेटों को घर से हिरासत में लिया।
2005 में हुई विधायक राजू पाल की हत्या के मामले में उमेश पाल मुख्य गवाह थे। 24 फरवरी शुक्रवार को करीब साढ़े चार बजे उमेश कार से वापस सुलेमसराय, धूमनगंज स्थित अपने घर के लिए चल दिए। जैसे ही गेट पर गाड़ी रोककर उमेश उतरे, पहले से घात लगाए बदमाशों ने उन्हें गोली मार दी। उमेश गोली लगने से गिरने के बाद उठकर घर के भीतर भागे। साथ में उनकी सुरक्षा में लगे दोनों सिपाही भी उन्हें बचाने के लिए घर के अंदर भागे। लेकिन, हमलावरों ने दुस्साहस का परिचय देते हुए घर के अंदर घुसकर स्वचालित हथियारों से लगातार गोलियां बरसाईं। इस दौरान बदमाशों ने बम भी चलाए। बम और गोलियों की बौछार से इलाका थर्रा गया। हमलावर वहां से फरार हो गए। उमेश पाल, सिपाही संदीप और राघवेंद्र लहूलुहान पड़े थे।
तीनों को एसआरएन हॉस्पिटल ले जाया गया। जहां डाक्टरों ने करीब एक घंटे बाद उमेश पाल को मृत घोषित कर दिया गया। आजमगढ़ निवासी सुरक्षागार्ड संदीप निषाद की भी अस्पताल में मृत्यु हो गई। शुक्रवार रात में ही पुलिस ने माफिया अतीक के दो नाबालिग बेटों को घर से हिरासत में लिया।
अतीक अहमद और उसका परिवार
- फोटो : अमर उजाला
मामले में नामजद आरोपी किसे बनाया गया?
हत्याकांड के अगले दिन 25 फरवरी को माफिया अतीक के साथ ही कई के शूटरों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई। उमेश पाल की पत्नी जया पाल ने माफिया अतीक अहमद, उसकी पत्नी शाइस्ता परवीन, बरेली जेल में बंद भाई पूर्व विधायक अशरफ, मोहम्मद मुस्लिम, गुलाम, अतीक के बेटों और अतीक के अन्य सहयोगियों के खिलाफ साजिश, हत्या सहित अन्य गंभीर धाराओं में धूमनगंज थाने में मामला दर्ज कराया। तहरीर पर पुलिस ने धारा 147, 148, 149, 302, 307, 120बी, 506, 34, विस्फोटक अधिनियम 1908 (3), आपराधिक कानून संशोधन अधिनियम 1932 (7) के तहत मुकदमा दर्ज किया था।
यह भी पढ़ें- UP: 'मेन बात यह है कि गुड्डू मुस्लिम..' हत्या से पहले अशरफ और अतीक के ये थे आखिरी शब्द, 14 सेकंड में खेल खत्म
हत्याकांड के अगले दिन 25 फरवरी को माफिया अतीक के साथ ही कई के शूटरों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई। उमेश पाल की पत्नी जया पाल ने माफिया अतीक अहमद, उसकी पत्नी शाइस्ता परवीन, बरेली जेल में बंद भाई पूर्व विधायक अशरफ, मोहम्मद मुस्लिम, गुलाम, अतीक के बेटों और अतीक के अन्य सहयोगियों के खिलाफ साजिश, हत्या सहित अन्य गंभीर धाराओं में धूमनगंज थाने में मामला दर्ज कराया। तहरीर पर पुलिस ने धारा 147, 148, 149, 302, 307, 120बी, 506, 34, विस्फोटक अधिनियम 1908 (3), आपराधिक कानून संशोधन अधिनियम 1932 (7) के तहत मुकदमा दर्ज किया था।
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अतीक अहमद की फैमिली ट्री
- फोटो : अमर उजाला
अतीक की पत्नी फरार, बेटा मारा गया
हत्याकांड में पहला नामजद आरोपी माफिया अतीक अहमद है। अतीक पहले से ही अन्य मामलों में गुजरात के साबरमती जेल में बंद है। वहीं, अतीक का भाई अशरफ भी घटना से पहले से बरेली जेल में बंद है। प्रयागराज की सीजेएम कोर्ट ने दोनों को सात दिनों की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
अतीक की पत्नी पत्नी शाइस्ता परवीन घटना के बाद से ही फरार है और अब तक उसका कोई सुराग पुलिस के हाथों नहीं लग सका। शाइस्ता के साथ ही मोहम्मद मुस्लिम का नाम भी एफआईआर में था। ये भी फरार है। वारदात में शामिल रहा अतीक का बेटा असद भी डेढ़ महीने से फरार चल रहा था। हालांकि, गुरुवार को उसे यूपी एसटीएफ ने एनकाउंटर में ढेर कर दिया। असद के साथ हत्याकांड के अन्य आरोपी गुलाम को भी पुलिस ने मार गिराया।
यह भी पढ़ें- Atiq Killed: अखिलेश बोले- ये अपराध की पराकाष्ठा, ओवैसी ने कहा- एनकाउंटर का जश्न मनाने वाले हत्या के जिम्मेदार
हत्याकांड में पहला नामजद आरोपी माफिया अतीक अहमद है। अतीक पहले से ही अन्य मामलों में गुजरात के साबरमती जेल में बंद है। वहीं, अतीक का भाई अशरफ भी घटना से पहले से बरेली जेल में बंद है। प्रयागराज की सीजेएम कोर्ट ने दोनों को सात दिनों की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
अतीक की पत्नी पत्नी शाइस्ता परवीन घटना के बाद से ही फरार है और अब तक उसका कोई सुराग पुलिस के हाथों नहीं लग सका। शाइस्ता के साथ ही मोहम्मद मुस्लिम का नाम भी एफआईआर में था। ये भी फरार है। वारदात में शामिल रहा अतीक का बेटा असद भी डेढ़ महीने से फरार चल रहा था। हालांकि, गुरुवार को उसे यूपी एसटीएफ ने एनकाउंटर में ढेर कर दिया। असद के साथ हत्याकांड के अन्य आरोपी गुलाम को भी पुलिस ने मार गिराया।
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Prayagraj News : कड़ी सुरक्षा में माफिया अतीक को कोर्ट में पेश किया गया।
- फोटो : अमर उजाला
इन आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है पुलिस
- 26 फरवरी को पुलिस ने हत्याकांड का साजिशकर्ता सदाकत खान गोरखपुर से पकड़ा गया। आरोप है कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय के मुस्लिम हास्टल स्थित सदाकत खान के कमरे में हत्याकांड का षड्यंत्र रचा गया था।
- 28 फरवरी को सिविल लाइंस के ईट ऑन रेस्टोरेंट के मालिक नफीस अहमद को पुलिस ने हिरासत में लिया। वारदात में इस्तेमाल क्रेटा कार नफीस की निकली। हालांकि, उसने इस कार को कुछ समय पहले अपने एक रिश्तेदार को बेच दिया था।
- 10 मार्च को माफिया अतीक अहमद के भाई पूर्व विधायक अशरफ से बरेली जिला जेल में अवैध तरीके से मुलाकात कराने के मामले में दो गुर्गों फुरकान और राशिद को गिरफ्तार किया। इनकी गिरफ्तारी सर्विलांस रिकॉर्ड और सीसीटीवी के जरिये हुई।
- 15 मार्च को हत्याकांड में पांच लाख के एक इनामी शूटर की गर्लफ्रेंड को पुलिस ने नैनी इलाके से हिरासत में लिया। हत्याकांड से पहले युवती शूटर से प्रतिदिन लंबी बात करती थी। पुलिस को शूटर की सीडीआर से युवती के बारे में जानकारी मिली थी।
- 18 मार्च को वारदात में प्रयुक्त क्रेटा कार के मौजूदा मालिक रुखसार अहमद पकड़ा गया। जीटीबी नगर करेली में ट्रैवल एजेंसी चलाने वाला रुखसार घटना के बाद से घर में ताला लगाकर परिवार समेत फरार हो गया था।
- 21 मार्च को पुलिस ने अतीक के दो करीबियों की निशानदेही पर अतीक के चकिया कर्बला स्थित दफ्तर पर छापेमारी की, जिसमें 74 लाख रुपये, 10 पिस्टल, 112 कारतूस के साथ पांच लोग पकड़े गए। पांचों को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
असद अहमद को एनकाउंटर में किया गया ढेर
- फोटो : अमर उजाला
इन आरोपियों का हो चुका है एनकाउंटर
- 27 फरवरी को उमेश पाल हत्याकांड में पुलिस को पहली बड़ी कामयाबी मिली। प्रयागराज के धूमनगंज थाना क्षेत्र के सुलेमसराय में हत्याकांड में शामिल अरबाज को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया। पुलिस के मुताबिक, अरबाज ही क्रेटा कार चला रहा था, जिस पर सवार होकर शूटर उमेश पाल की हत्या करने के लिए आए थे। अरबाज पर पुलिस कमिश्नर ने 50 हजार का इनाम घोषित किया था।
- 06 मार्च को हत्याकांड में शामिल दूसरे शूटर उस्मान चौधरी को पुलिस ने एनकाउंटर में ढेर कर दिया। यह वही शूटर था जो पास की दुकान पर खड़े होकर सामान खरीदने का नाटक कर रहा था और उमेश पाल के पहुंचते ही उनके ऊपर गोलियों की बौछार करने लगा था।
- 13 अप्रैल को हत्याकांड के बड़े आरोपी असद अहमद और गुलाम अहमद को यूपी एसटीएफ ने झांसी में एनकाउंटर के दौरान मार गिराया। असद अतीक अहमद का बेटा था।
Prayagraj News : अतीक के करीबी माशूकउद्दीन के मकान को ध्वस्त करता बुलडोजर।
- फोटो : अमर उजाला।
कितने के घरों पर बुलडोजर चले?
- एक मार्च से पुलिस ने आरोपियों के घरों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की। इस दिन अतीक की पत्नी शाइस्ता चकिया में जिस घर में रहती थी, पुलिस ने उसे बुलडोजर से जमींदोज कर दिया। यह मकान जफर अहमद के नाम पर था। घर से जर्मन मेड एयर रायफल भी बरामद हुई। अगले दिन पीडीए ने माफिया अतीक अहमद के करीबी गन हाउस मालिक सफदर अली के बेटों के मकान पर बुलडोजर चलवा दिया। इस मकान का भी नक्शा पास नहीं था।
- तीन मार्च को प्रशासन ने धूमनगंज में असरौली प्रधान माशूक के नवनिर्मित घर को ढहाया। वहीं, कौशाम्बी के सरायअकील थाना क्षेत्र के भाखंदा गांव में अतीक के शूटर और 18 साल से फरार अब्दुल कवि के घर को भी ढहाया गया। दूसरी ओर प्रयागराज विकास प्राधिकरण ने उस मकान को ध्वस्त कर दिया जिसमें अतीक की पत्नी बच्चों के साथ रहती थी। यह मकान खुल्दाबाद थाना क्षेत्र के कसारी मसारी में स्थित था।
- 20 मार्च को उमेश की हत्या के बाद से फरार चल रहे शूटर गुलाम के घर और दुकान पर बुलडोजर चला। यह कार्रवाई प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) ने की। गुलाम पर पांच लाख का इनाम है।
Prayagraj News : ईडी ने अतीक के अधिवक्ता खान सौलत हनीफ के घर पर भी छापेमारी की।
- फोटो : अमर उजाला।
ईडी ने भी शुरू की कार्रवाई, 100 करोड़ की बेनामी संपत्तियों का हुआ खुलासा
उमेश पाल हत्याकांड में पूछताछ के लिए प्रयागराज लाए गए माफिया अतीक अहमद के आर्थिक साम्राज्य पर 12 अप्रैल को एक बड़ी चोट हुई। उस पर दर्ज मनी लांड्रिंग केस की जांच में जुटी प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने बसपा के पूर्व विधायक आसिफ जाफरी समेत उसके 15 करीबियों के ठिकानों पर एकसाथ छापे मारे। इनमें शहर के नामचीन बिल्डर संजीव अग्रवाल, कार शोरूम मालिक दीपक भार्गव और चायल के पूर्व विधायक आसिफ जाफरी के अलावा अतीक के एकाउंटेंट भी शामिल हैं।
इस दौरान एक करोड़ नकद, गहने व संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज बरामद हुए। साथ ही अबतक की छानबीन में 100 करोड़ की बेनामी संपत्तियों का भी खुलासा हुआ है। कार्रवाई देर शाम तक जारी थी। प्रवर्तन निदेशालय की अलग-अलग टीमें सुबह अतीक के करीबियों के ठिकानों पर धमक पड़ीं। करेली, लूकरगंज, धूमनगंज के साथ ही सिविल लाइंस स्थित माफिया के करीबियों के ठिकानों पर पहुंचकर अफसरों ने कार्रवाई शुरू की तो हड़कंप मच गया। टीमों ने चिह्नित लोगों के घरों के साथ ही कार्यालयों पर भी छापा मारा। यहां सबसे पहले पूरे परिसर को कब्जे में ले लिया गया। प्रवेशद्वार बंद कर दिए गए और बाहर सीआरपीएफ के जवान तैनात कर दिए गए। इसके बाद तलाशी ली गई।
उमेश पाल हत्याकांड में पूछताछ के लिए प्रयागराज लाए गए माफिया अतीक अहमद के आर्थिक साम्राज्य पर 12 अप्रैल को एक बड़ी चोट हुई। उस पर दर्ज मनी लांड्रिंग केस की जांच में जुटी प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने बसपा के पूर्व विधायक आसिफ जाफरी समेत उसके 15 करीबियों के ठिकानों पर एकसाथ छापे मारे। इनमें शहर के नामचीन बिल्डर संजीव अग्रवाल, कार शोरूम मालिक दीपक भार्गव और चायल के पूर्व विधायक आसिफ जाफरी के अलावा अतीक के एकाउंटेंट भी शामिल हैं।
इस दौरान एक करोड़ नकद, गहने व संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज बरामद हुए। साथ ही अबतक की छानबीन में 100 करोड़ की बेनामी संपत्तियों का भी खुलासा हुआ है। कार्रवाई देर शाम तक जारी थी। प्रवर्तन निदेशालय की अलग-अलग टीमें सुबह अतीक के करीबियों के ठिकानों पर धमक पड़ीं। करेली, लूकरगंज, धूमनगंज के साथ ही सिविल लाइंस स्थित माफिया के करीबियों के ठिकानों पर पहुंचकर अफसरों ने कार्रवाई शुरू की तो हड़कंप मच गया। टीमों ने चिह्नित लोगों के घरों के साथ ही कार्यालयों पर भी छापा मारा। यहां सबसे पहले पूरे परिसर को कब्जे में ले लिया गया। प्रवेशद्वार बंद कर दिए गए और बाहर सीआरपीएफ के जवान तैनात कर दिए गए। इसके बाद तलाशी ली गई।