असम: उल्फा(स्व) ने दो युवाओं को उतारा मौत के घाट, पुलिस व सेना पर लगाया था दोनों से जासूसी करवाने का आरोप
सूत्रों का कहना है कि उल्फा(स्व) ने जासूसी के आरोप में दो युवाओं संजीव शर्मा और धनजीत दास की गोली मारकर हत्या कर दी। हालांकि, इस संबंध में पुलिस या राज्य सरकार की ओर से कोई बयान जारी नहीं किया गया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
असम से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां के उग्रवादी संगठन यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम 'उल्फा' (स्वाधीन) ने शनिवार को दो युवाओं को मौत के घाट उतार दिया। इन युवाओं पर जासूसी का आरोप था। सूत्रों के मुताबिक, शनिवार सुबह करीब आठ बजे दोनों को गोली मार दी गई। मृतकों के नाम संजीव शर्मा और धनजीत दास हैं।
पुलिस पर लगाया था जासूसी कराने का आरोप
कुछ दिन पहले उल्फा ने इन दोनों युवाओं को जासूसी करते हुए पकड़ा था। इसके बाद एक वीडियो जारी किया गया था। इसमें असम पुलिस पर संगीन आरोप लगाए गए थे। इस वीडियो में दोनों युवाओं के हवाले से कहा गया था कि, उन्हें असम पुलिस ने उल्फा में शामिल होने के लिए भेजा था। ताकि, उल्फा के शिविर की गुप्त सूचनाएं पुलिस तक पहुंचाई जा सकें। हालांकि, अभी तक इस मामले में पुलिस और राज्य सरकार की ओर से कोई बयान जारी नहीं किया गया है।
परिजनों को नहीं दिया शव
उल्फा ने दोनों युवाओं को मौत के घाट उतारने के बाद उनका शव परिजनों को भी नहीं सौंपा। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि संगठन की ओर से दोनों युवाओं का अंतिम संस्कार कर दिया गया है। इससे पहले दोनों युवाओं का एक और वीडियो जारी हुआ था, इसमें वह यह कहते हुए दिखाई पड़े थे कि उन्होंने पैसों के लालच, पुलिस और सेना के बहकावे में आकर यह कृत्य किया है। इस वीडियो में दोनों की ओर से यह भी कहा गया था कि अगर वे पकड़े जाते हैं तो सेना और पुलिस की कोई जिम्मेदारी नहीं होगी।