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Emin Zhaparova: यूक्रेनी मंत्री ने कहा- भारत विश्वगुरु, चुनौतियों से निपटने में कर सकता है सहयोग
Mon, 10 Apr 2023 02:25 PM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: श्वेता महतो
Updated Mon, 10 Apr 2023 02:25 PM IST
सार
पिछले साल 24 फरवरी को रूस की तरफ से हमला शुरू होने के बाद भारत आने वाली यूक्रेन की पहली नेता झपारोवा ने कहा, प्रधानमंत्री मोदी को यूक्रेन आने का न्योता पहले से ही दिया गया है। राष्ट्रपति जेलेंस्की ने भी भारतीय प्रधानमंत्री को आमंत्रित किया है। उन्होंने कहा कि हम भारत के साथ अपने संबंधों को मजबूत करना चाहते हैं।
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Emine Dzhaparova
- फोटो : Social Media
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विस्तार
भारत एक वैश्विक नेता और विश्वगुरु है जो अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों से निपटने और शांति स्थापना को बढ़ावा देने में मदद कर सकता है। भारत के चार दिन के दौर पर आईं यूक्रेन की उप विदेश मंत्री एमिन झपारोवा ने सोमवार को यह बात कही। पिछले साल सितंबर में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संदेश कि ‘यह युग युद्ध का नहीं है’, का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि यूक्रेन चाहता है कि रूस के साथ उसके विवाद को सुलझाने में भारत सक्रिय भूमिका निभाए।
विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) संजय वर्मा को यूक्रेन के जमीनी हालात की जानकारी देने के बाद संवाददाताओं से संक्षिप्त बातचीत में झपारोवा ने कहा, उन्होंने भारतीय पक्ष को बताया है कि उनका देश रूस के अकारण हमले का सामना करने के लिए किस तरह से संघर्ष कर रहा है। उन्होंने राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के शांति फॉर्मूले और अनाज के लिए शुरू की गई पहल में भारत को भी शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि बातचीत में भारत का होना महत्वपूर्ण है।
भारत की बड़ी भूमिका चाहते हैं
यूक्रेन-रूस संघर्ष को सुलझाने में भारत की भूमिका के सवाल पर झपारोवा ने कहा, जी20 के अध्यक्ष देश के रूप में, वैश्विक दक्षिण के नेता के रूप में, हम वैश्विक मुद्दों, चुनौतियों, आर्थिक चुनौतियों, ऊर्जा चुनौतियों और परमाणु चुनौतियों के समाधान में भारत की बड़ी भूमिका चाहते हैं। रूस के साथ भारत के ऊर्जा संबंधों का उल्लेख करते हुए झपारोवा ने कहा, यूक्रेन अन्य देशों के साथ अपने आर्थिक संबंधों पर भारत को निर्देश देने की स्थिति में नहीं है। हमें लगता है कि भारत को ऊर्जा के साथ ही सैन्य और राजनीतिक संबंधों में विविधता लाने में व्यावहारिक होना चाहिए।
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पीएम मोदी का स्वागत करने के लिए उत्सुक
पिछले साल 24 फरवरी को रूस की तरफ से हमला शुरू होने के बाद भारत आने वाली यूक्रेन की पहली नेता झपारोवा ने कहा, प्रधानमंत्री मोदी को यूक्रेन आने का न्योता पहले से ही दिया गया है। राष्ट्रपति जेलेंस्की ने भी भारतीय प्रधानमंत्री को आमंत्रित किया है। उन्होंने कहा कि हम भारत के साथ अपने संबंधों को मजबूत करना चाहते हैं। झपारोवा ने कहा, हम अपने देश में पीएम मोदी का स्वागत करने लेकर उत्सुक हैं।
बता दें कि रूस-यूक्रेन जंग शुरू होने के बाद से ही प्रधानमंत्री मोदी वैश्विक मंचों पर कह चुके हैं कि यह दौर जंग का नहीं है। इस जंग का असर पूरी दुनिया पर देखने को मिला है। खासकर वैश्विक आपूर्ति चेन बाधित हाेने से वैश्विक कारोबार प्रभावित हुआ है।
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विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) संजय वर्मा को यूक्रेन के जमीनी हालात की जानकारी देने के बाद संवाददाताओं से संक्षिप्त बातचीत में झपारोवा ने कहा, उन्होंने भारतीय पक्ष को बताया है कि उनका देश रूस के अकारण हमले का सामना करने के लिए किस तरह से संघर्ष कर रहा है। उन्होंने राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के शांति फॉर्मूले और अनाज के लिए शुरू की गई पहल में भारत को भी शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि बातचीत में भारत का होना महत्वपूर्ण है।
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भारत की बड़ी भूमिका चाहते हैं
यूक्रेन-रूस संघर्ष को सुलझाने में भारत की भूमिका के सवाल पर झपारोवा ने कहा, जी20 के अध्यक्ष देश के रूप में, वैश्विक दक्षिण के नेता के रूप में, हम वैश्विक मुद्दों, चुनौतियों, आर्थिक चुनौतियों, ऊर्जा चुनौतियों और परमाणु चुनौतियों के समाधान में भारत की बड़ी भूमिका चाहते हैं। रूस के साथ भारत के ऊर्जा संबंधों का उल्लेख करते हुए झपारोवा ने कहा, यूक्रेन अन्य देशों के साथ अपने आर्थिक संबंधों पर भारत को निर्देश देने की स्थिति में नहीं है। हमें लगता है कि भारत को ऊर्जा के साथ ही सैन्य और राजनीतिक संबंधों में विविधता लाने में व्यावहारिक होना चाहिए।
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पीएम मोदी का स्वागत करने के लिए उत्सुक
पिछले साल 24 फरवरी को रूस की तरफ से हमला शुरू होने के बाद भारत आने वाली यूक्रेन की पहली नेता झपारोवा ने कहा, प्रधानमंत्री मोदी को यूक्रेन आने का न्योता पहले से ही दिया गया है। राष्ट्रपति जेलेंस्की ने भी भारतीय प्रधानमंत्री को आमंत्रित किया है। उन्होंने कहा कि हम भारत के साथ अपने संबंधों को मजबूत करना चाहते हैं। झपारोवा ने कहा, हम अपने देश में पीएम मोदी का स्वागत करने लेकर उत्सुक हैं।
बता दें कि रूस-यूक्रेन जंग शुरू होने के बाद से ही प्रधानमंत्री मोदी वैश्विक मंचों पर कह चुके हैं कि यह दौर जंग का नहीं है। इस जंग का असर पूरी दुनिया पर देखने को मिला है। खासकर वैश्विक आपूर्ति चेन बाधित हाेने से वैश्विक कारोबार प्रभावित हुआ है।