{"_id":"6234aacaf063c908f01ae713","slug":"ukraine-crisis-indian-student-naveen-deadbody-will-reach-bengaluru-on-march-21-indian-embassy-in-kyiv-issued-advisory","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूक्रेन संकट: भारतीय छात्र नवीन का शव 21 मार्च को बेंगलुरु पहुंचेगा, कीव में भारतीय दूतावास ने जारी की एडवायजरी","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
यूक्रेन संकट: भारतीय छात्र नवीन का शव 21 मार्च को बेंगलुरु पहुंचेगा, कीव में भारतीय दूतावास ने जारी की एडवायजरी
Fri, 18 Mar 2022 09:22 PM IST
अभिषेक दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Fri, 18 Mar 2022 09:22 PM IST
सार
24 फरवरी को रूस ने यूक्रेन में एक विशेष सैन्य अभियान शुरू किया था। रूस को यूक्रेन में अपने सैन्य अभियानों को रोकने के लिए अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के भारी दबाव का सामना करना पड़ रहा है। आईसीजे ने भी रूस को हमले रोकने का आदेश जारी किया है।
विज्ञापन
रूस-यूक्रेन युद्ध
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
यूक्रेन में रूस के हमलों के बीच जान गंवाने वाले भारतीय छात्र नवीन शेखरप्पा ज्ञानगौडरम का शव 21 मार्च को भारत पहुंचेगा। नवीन का शव 21 मार्च को बेंगलुरु पहुंचेगा। कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। नवीन खारकीव मेडिकल यूनिवर्सिटी में अंतिम वर्ष का छात्र था।
विज्ञापन
इस बीच यूक्रेन स्थित भारतीय दूतावास ने शुक्रवार को एक और एडवाइजरी जारी की। इसमें बताया गया है कि दूतावास में कामकाज जारी है। साथ ही एडवाइजरी में विवरण जारी कर युद्ध के फंसे भारतीयों को दूतावास से संपर्क करने की सलाह दी गई है।
विज्ञापन
दूतावास ने ट्वीट किया, ''भारतीय दूतावास में कामकाज जारी है। दूतावास से ईमेल के माध्यम से संपर्क किया जा सकता है। ईमेल आईडी consl.kyiv@mea.gov.in बताई गई। साथ ही मदद के लिए व्हाट्सएप पर भी संपर्क करने के बारे में बताया गया। नंबर +380933559958, +919205290802, +917428022564 जारी किए गए। इन पर 24 घंटे संपर्क किया जा सकता है।
विज्ञापन
बड़ी तादाद में भारतीयों की हुई देश वापसी
इससे पहले यूक्रेन में संघर्ष के बाद भारत सरकार ने 22,500 भारतीय नागरिकों सुरक्षित घर वापस लाने में सफलता हासिल की थी। आपरेशन गंगा के तहत निकाले गए लोगों में ज्यादातर मेडिकल छात्र थे। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने ब्रीफिंग के दौरान यूक्रेन की स्थिति पर भारत के रुख को दोहराया था। उन्होंने यह भी कहा था कूटनीति और बातचीत के माध्यम से ही मसले का हल निकाला जा सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन और राष्ट्रपति जेलेंस्की के साथ अपनी बातचीत में भी इस पर जोर दिया था।
रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध जारी
24 फरवरी को रूस ने यूक्रेन में एक विशेष सैन्य अभियान शुरू किया था। रूस को यूक्रेन में अपने सैन्य अभियानों को रोकने के लिए अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के भारी दबाव का सामना करना पड़ रहा है। आईसीजे ने भी रूस को हमले रोकने का आदेश जारी किया है।