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यूजीसी ने आईआईएमसी को विश्वविद्यालय का दर्जा देने की सिफारिश की
भाषा, नई दिल्ली
Updated Fri, 03 Aug 2018 04:45 PM IST
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iimc
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय से भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी) को डीम्ड विश्वविद्यालय का दर्जा दिए जाने की सिफारिश की है।
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सूचना और प्रसारण मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले, देश में पत्रकारिता के अग्रणी संस्थानों में से एक आईआईएमसी में पत्रकारिता, विज्ञापन और जनसंपर्क में डिप्लोमा पाठ्यक्रम की पढ़ाई होती है।
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विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने आईआईएमसी के प्रस्ताव का आकलन करने के लिए पिछले साल माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय के कुलपति बी के कुठियाला के नेतृत्व में चार सदस्यीय कमेटी का गठन किया था।
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यूजीसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘‘कमेटी की अनुशंसा और निरीक्षण दल के फीडबैक के आधार पर यूजीसी ने सिफारिश की है कि मंत्रालय को ‘डे नोवो’ श्रेणी के तहत पत्रकारिता संस्थान को आशय पत्र जारी किया जाना चाहिए। इस दर्जे से संस्थान डिप्लोमा की जगह डिग्री प्रदान कर सकेगा।’’
‘डे नोवो’ का संदर्भ ऐसे संस्थान के लिए दिया जाता है जहां ज्ञान के उभरते क्षेत्र में अध्यापन और शोध को बढ़ावा दिया जाता है।
आईआईएमसी को डीम्ड विश्वविद्यालय का दर्जा दिए जाने का विचार नया नहीं है। सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने 2016 में भी योजना को मंजूरी दी थी। आईआईएमसी का पिछले पांच साल में विस्तार हुआ है। दिल्ली और ढेंकानाल के अलावा जम्मू, अमरावती, कोट्टायम और एजल में नया कैंपस खोला गया है।