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उद्धव ने फडणवीस पर कसा तंज, कहा- पवार से सीखा कम विधायकों में कैसे बनती है सरकार

Wed, 25 Dec 2019 04:39 PM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: देव कश्यप Updated Wed, 25 Dec 2019 04:39 PM IST
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Uddhav Thackeray Dig Devendra Fadnavis Sharad Pawar Taught Us how to form government with less seats
उद्धव ठाकरे (फाइल फोटो) - फोटो : पीटीआई

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने बुधवार को पुणे में अपने पुराने सहयोगी और पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर तंज कसा। देवेंद्र फडणवीस ने कहा था कि भाजपा महाराष्ट्र में सबसे बड़ी पार्टी है। फडणवीस के इस बयान पर तंज कसते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि शरद पवार ने हमें सिखाया है कि कृषि की उत्पादकता कैसे बढ़ाई जाए और विधानसभा में कम विधायकों के साथ सरकार कैसे बनाई जाए।

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उद्धव ठाकरे पुणे में एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार की मौजूदगी में वसंतदादा शुगर इंस्टीट्यूट की वार्षिक आम बैठक को संबोधित कर रहे थे। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने कहा, 'हम इस इंस्टीट्यूट में सीखते हैं कि कम भूमि में अधिक उत्पादन कैसे कर सकते हैं। उसी तरह शरद पवार ने हमें कृषि उत्पादकता बढ़ाने और कम सीटों वाली सरकार बनाने का तरीका सिखाया है।'
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कुछ दिनों पहले ही उद्धव ठाकरे ने 1 अप्रैल, 2015 से 31 मार्च, 2019 के दौरान लिए गए दो लाख रुपये तक के कृषि ऋण माफ करने का एलान किया था। बीजेपी और शिवसेना ने साथ मिलकर महाराष्ट्र में विधानसभा का चुनाव लड़ा था, लेकिन बाद में शिवसेना के सीएम पद पर अड़े रहने को लेकर गठबंधन टूट गया था। इसके बाद उद्धव ठाकरे ने एनसीपी और कांग्रेस के साथ गठबंधन कर सरकार बनाई।
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शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस ने मिलकर नवंबर महीने के अंत में महा विकास अघाड़ी सरकार का गठन किया। पवार को सत्तारूढ़ गठबंधन का मुख्य वास्तुकार माना जाता है, यह महाराष्ट्र के इतिहास में राज्य स्तर पर इस तरह की पहली राजनीतिक व्यवस्था है।

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजे 24 अक्टूबर को ही आ गए थे थे, लेकिन महीने भर से ज्यादा वक्त तक नाटकीय घटनाक्रम के बाद आखिरकार शिवसेना ने एनसीपी और कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार का गठन किया था। 

बता दें कि इससे पहले शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना के जरिए झारखंड में भाजपा की हार पर भी चुटकी ली थी। सामना में लिखा गया था कि भाजपा कांग्रेस मुक्त हिंदुस्तान की बात करती है और अब कई राज्य भाजपा मुक्त हो गए हैं। पार्टी का कहना है कि यहां प्रधानमंत्री से लेकर गृहमंत्री और केंद्रीय मंत्रिमंडल को प्रचार के लिए उतारा गया लेकिन भाजपा को जीत नहीं मिली। शिवसेना का कहना है कि यदि जनता को हल्के में लिया जाएगा तो यही होगा।


शिवसेना ने लिखा, 'भाजपा ने एक राज्य और गंवा दिया है तथा प्रधानमंत्री और गृह मंत्री सहित पूरे केंद्रीय मंत्रिमंडल को वहां लगाने के बावजूद भाजपा झारखंड में नहीं जीत पाई। झारखंड मुक्ति मोर्चा के हेमंत सोरेन अब मुख्यमंत्री बनेंगे। झारखंड मुक्ति मोर्चा, कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल के गठबंधन को बहुमत मिलेगा, ये स्पष्ट हो चुका है। कुल मिलाकर कांग्रेस-राजद के समर्थन से झारखंड मुक्ति मोर्चा की सरकार वहां आ रही है। ये भाजपा के लिए धक्कादायक है। भाजपा के नेता कांग्रेस मुक्त हिंदुस्तान की घोषणा कर रहे थे। लेकिन अब कई राज्य भाजपा मुक्त हो गए हैं। मध्य प्रदेश और राजस्थान जैसे बड़े राज्य भाजपा पहले ही गवां चुकी है।'

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