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उबर ने अपने एशिया हेड को निकाला, रेप पीड़िता की रिपोर्ट की थी शेयर

Fri, 09 Jun 2017 05:54 AM IST
एजेंसी/ न्यूयार्क
एजेंसी/ न्यूयार्क Updated Fri, 09 Jun 2017 05:54 AM IST
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  uber fires executive who obtained indian rape victims medical records

टैक्सी सेवा प्रदाता कंपनी उबर ने अपने उस शीर्ष अधिकारी को हटा दिया है, जिसने 2014 में बलात्कार की शिकार हुई 26 वर्षीय एक युवती के मेडिकल रिकॉर्ड को कथित तौर पर हासिल कर लिया था। टेक्नोलॉजी न्यूज वेबसाइट रेकोड की एक रिपोर्ट के अनुसार कंपनी के एशिया प्रशांत के अध्यक्ष एरिक एलेक्जेंडर को मंगलवार को नौकरी से निकाल दिया गया है ठीक उसी प्रकार से जैसे कंपनी ने पिछले कुछ महीनों में अपने 20 कर्मचारियों को उत्पीड़न, भेदभाव और अनुचित व्यवहार के आरोपों पर निकाला था। एरिक एलेक्जेंडर पर आरोप है कि उन्होंने दुष्कर्म पीड़िता की न केवल गोपनीयता भंग की, बल्कि उसके मेडिकल रिकॉर्ड को भी जग जाहिर कर दिया।

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रिपोर्ट के अनुसार एलेक्जेंडर ने उस महिला के मेडिकल रिकॉर्ड हासिल कर लिए थे, जिसके साथ उबर चालक शिव कुमार यादव ने दिल्ली में दिसंबर 2014 में बलात्कार किया था। रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया कि एलेक्जेंडर ने यह मेडिकल रिपोर्ट उबर के सीईओ ट्राविस कलानिक और वरिष्ठ उपाध्यक्ष एमिल माइकल को दिखाई थी। इसके बाद कंपनी के कई अधिकारियों को या तो ये रिकॉर्ड दिखाए गए या उसके बारे में बताया गया था। इसके अलावा ये जानकारी पत्रकारों से भी साझा की गई।
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उनकी इस हरकत से रेप पीड़िता की गोपनीयता भंग होने पर कंपनी ने कार्रवाई की है। बता दें कि रेप की घटना के बाद एरिक एलेक्जेंडर, ट्रैविस कलानीक और एमिल माइकल मामले की जांच के लिए भारत आए थे। इस जांच के दौरान उन्हें रेप पीड़िता के मेडिकल रिकॉर्ड दिए गए थे। पीड़िता की जानकारी बाहर जाने की बात सामने आने पर कंपनी के अधिकारियों ने एरिक एलेक्जेंडर को कंपनी से बाहर कर दिया। 

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क्या है पूरा मामला

  uber fires executive who obtained indian rape victims medical records

न्यूज वेबसाइट ने एलेक्जेंडर की इस हरकत के बारे में पूछने के लिए कंपनी से संपर्क किया तो उसे बताया कि एलेक्जेंडर अब उनकी कंपनी में नहीं है। इस मामले में ओला ने भी अपना बयान जारी किया है। ओला ने कहा कि यह काफी शर्मनाक है कि एक भयावह अपराध को कमतर दिखाने के लिए महिला की गोपनीयता और उसकी नैतिकता पर सवाल उठाए गए हैं। 

क्या है पूरा मामला-
5 दिसंबर 2014 की रात को गुड़गांव के एक प्राइवेट कंपनी में काम करने वाली महिला एग्जीक्यूटिव ने घर जाने के लिए 5 वसंत विहार से नॉर्थ दिल्ली के इंद्रलोक स्थित अपने घर जाने के लिए मोबाइल एप के जरिये उबर कैब से टैक्सी बुक कराई थी। 

पीड़िता के बयान के अनुसार, कैब में बैठने के बाद उसे नींद आ गई, कुछ देर बाद उसे लगा कि ड्राइवर उसके साथ छेड़छाड़ कर रहा है। महिला ने बाहर निकलने की कोशिश की, लेकिन कार बंद थी। 

ड्राइवर शिवकुमार ने उसके साथ मारपीट की और दुष्कर्म करने के बाद फरार हो गया। घटना के दो दिन बाद 7 दिसंबर को आरोपी को मथुरा से गिरफ्तार कर लिया गया था। इस मामले में कैब ड्राइवर शिवकुमार यादव को उम्रकैद की सजा हुई है।

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