भारत की चिंता पर यूएई ने कहा, करेंगे तेल की कमी की भरपाई
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संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने बुधवार को ईंधन की बढ़ती कीमतों और अमेरिकी प्रतिबंधों के बाद संभावित तेल की कमी की चिंताओं को खारिज किया है। यूएई ने कहा कि वह और सऊदी अरब पहले की तरह इस कमी को पूरा करने के लिए भारत के साथ पूरी मजबूती से खड़े हैं।
महाराष्ट्र में प्रस्तावित रिफाइनरी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के बीच इस खाड़ी देश के भारत में राजदूत अहमद अलबाना ने कहा कि राज्य सरकार आगामी हफ्तों में जमीन का आवंटन कर देगी। इस रिफाइनरी में भारत, यूएई और सऊदी अरब की हिस्सेदारी होगी। इसी हफ्ते विदेश सचिव विजय गोखले ने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी-20 सम्मेलन में वैश्विक तेल कीमतों में अस्थिरता के मुद्दे को उठाएंगे। ईरान से तेल आयात करने में मिली छह माह के छूट की समयसीमा खत्म होने पर मांग और आपूर्ति में अंतर पर यूएई के राजदूत ने कहा कि ईंधन की कीमत वैश्विक स्तर पर विभिन्न मार्केट की मांग पर निर्धारित होती है।
भारत को तेल आपूर्ति करने वाले सऊदी अरब और यूएई प्रमुख देश
अमेरिका ने भारत समेत सात देशों को ईरान से तेल आयात जारी रखने की छूट दी हुई है। राजदूत ने कहा कि यदि आप इतिहास को देखें तो यूएई और सऊदी अरब पूरी मजबूती के साथ भारत के साथ खड़े रहे हैं और भारत की ईंधन या तेल संबंधी चिंताओं को पूरा करते रहे हैं। इसलिए उन्हें नहीं लगता है कि भारत के लिए यह कोई बड़ी चिंता की बात है। भारत को तेल आपूर्ति करने वाले सऊदी अरब और यूएई प्रमुख देश हैं। इस साल जून में दुनिया के बड़े तेल उत्पादकों में से एक सऊदी अरब ऑयल कंपनी सऊदी अरामको, अबूधाबी नेशनल ऑयल कारपोरेशन, यूएई की सरकारी ऑयल कंपनी और भारत ने संयुक्त से महाराष्ट्र के रत्नागिरी में रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल्स कॉम्प्लेक्स तैयार करने का समझौता किया है।