बोरवेल में गिरे 2 साल के मासूम बच्चे को बचाया गया, पास बैठा था काला नाग
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ग्वालियर के डबरा कस्बे के सुल्तानपुर खेरी गांव में शुक्रवार अपरान्ह खुले एक बोरवेल में दो वर्षीय बालक अवि पचौरी को बचा लिया गया है। बता दें कि हादसे की जानकारी मिलते ही परिजनों में हड़कंप मच गया था। सूचना पर पुलिस-प्रशासन की टीमें बालक को बचाने में जुट गईं। मौके पर पोकलेन, जेसीबी बुला लीं गईं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार तुलाराम पचौरी का नाती एवं हिनेश पचौरी का बेटा अवि पचौरी शुक्रवार अपरान्ह करीब तीन बजे खेलते समय बोरवेल में जा गिरा। जानकारी मिलते ही परिजनों में हड़कंप मच गया। उन्होंने मदद के लिए गुहार लगाई। सूचना पर डबरा के एसडीएम अमन सिंह बैस तथा एसडीओपी सुधीर सिंह कुशवाहा मौके पर पहुंचे।
उन्होंने बच्चे को सुरक्षित निकालने के प्रयास शुरू किए। वहीं सूचना मिलते ही ग्वालियर के प्रभारी कलक्टर एवं एडीएम शिवराज वर्मा भी एडिशनल एसपी योगेश्वर शर्मा के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने बोरवेल के पास गड्ढा खोदने के लिए पोकलेन तथा जेसीबी मशीनों को मंगाईं। प्रभारी कलक्टर शिवराज वर्मा ने बताया कि संभवत: बच्चा बोरवेल में 25 फुट पर जाकर फंस गया है।
पोकलेन की सहायता से लगभग बीस फुट तक खोदाई कर ली गई है। प्रशासन तीस फुट का गड्ढा खोदने की पूरी तैयारी कर खोदाई करवा रहा है। अधिकारियों ने मौके पर चिकित्सकों की टीम को भी बुलवा लिया है। समाचार लिखे जाने तक बचाव कार्य जारी था।
बोरवेल में दिखा था सांप
बताया जाता है कि बोरवेल काफी समय पहले बंद कर दिया गया था। उधर बोरवेल में बच्चे की स्थिति जानने के लिए जब कैमरा डाला गया तो उसमें एक काला नाग बैठा भी दिखाई दिया था। बोरवेल में 108 से निकाल कर एक गैस सिलेंडर आक्सीजन का डाला गया है।
सूत्रों ने बताया कि बोरवेल के आस पास बीस फुट तक खोदाई कर ली गई है। डबरा की नगर पालिका अध्यक्ष सत्यप्रकाशी परसेडिया भी अधिकारियों के साथ मौके पर डटी हुई है और उनका कहना है कि नगर पालिका से जो भी मदद चाहिए उसे वह तत्काल मुहैया करवाएंगी।