फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Two women mistaken by public for people conducting surveys for CAA and NRC were attacked

सीएए-एनआरसी का सर्वे करने वाली समझ दो महिलाओं पर भीड़ ने किया हमला

Thu, 23 Jan 2020 10:01 AM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा/ बीरभूम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा/ बीरभूम Published by: Sneha Baluni Updated Thu, 23 Jan 2020 10:01 AM IST
विज्ञापन
Two women mistaken by public for people conducting surveys for CAA and NRC were attacked
नजीरान बानो पर लोगों ने हमला कर दिया - फोटो : ANI

देशभर में इस समय नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) का काफी विरोध हो रहा है। सरकार के आश्वासन के बावजूद लोगों में भय का माहौल है जिसका खामियाजा दो महिलाओं को भगतना पड़ा। भीड़ ने राजस्थान में राष्ट्रीय आर्थिक जनगणना के लिए डाटा इकट्ठा करने वाली नजीरान बानो को सीएए-एनआरसी वाला समझकर हमला कर दिया। वहीं पश्चिम बंगाल में भी गांववालों ने 20 साल की चमकी खातून के घर में आग लगा दी।

विज्ञापन


राजस्थान के कोटा में राष्ट्रीय आर्थिक जनगणना विभाग में काम करने वाली नजीरान बानो पर भीड़ ने उस समय हमला किया जब वह बृजधाम क्षेत्र में राष्ट्रीय अर्थशास्त्र जनगणना 2019-2020 के लिए डाटा इकट्ठा कर रही थीं। जब उन्होंने भीड़ को यकीन दिलाया कि वह उनकी तरह मुस्लिम हैं तब कही जाकर उन्हें छोड़ा गया। पुलिस ने बाद में हमले के लिए एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है।
विज्ञापन


टाइम्स ऑफि इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार बोरखेड्स एसएचओ महेश सिंह ने बताया कि महिला का मोबाइल छीनकर उसमें एप पर मौजूद आर्थिक जनगणना से संबंधित डाटा को डिलीट किया गया। भीड़ चाहती थी कि वह कुरान की एक आयत सुनाकर खुद को मुस्लिम साबित करें। जिसके बाद उन्होंने अपने पर्स से आयत-अल-कुर्सी का कार्ड दिखाकर उन्हें शांत किया।
विज्ञापन
विज्ञापन




बानो ने पत्रकारों को बताया कि बृजधाम क्षेत्र के निवासियों ने शुरुआत में आवश्यक डाटा दे दिया लेकिन बाद में चार-पांच परिवारों ने उन्हें बुलाया और कहा कि वह सारे डाटा को डिलीट कर दें क्योंकि वह परिवार की किसी भी जानकारी को साझा नहीं करना चाहते हैं।

बानो ने कहा, 'मैंने उन्हें बताया कि डाटा आर्थिक जनगणना के लिए और इसे पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। इसमें कुछ भी गलत नहीं है। लेकिन वह नहीं माने और मेरे साथ बदतमीजी करनी शुरू कर दी।' वहीं पश्चिम बंगाल में गूगल इंडिया और टाटा ट्रस्ट के इंटरनेट साथी के लिए काम करने वाली 20 साल की चुमकी खातून पर गांववालों ने हमला कर दिया। 


गांववालों को लगा कि वह एनआरसी के लिए डाटा इकट्ठा कर रही हैं। गौरबाजार गांव में स्थित खातून के घर को लोगों ने आग के हवाले कर दिया और उनके परिवार को मजबूरी में स्थानीय पुलिस थाने में शरण लेनी पड़ी। इस मामले में फिलहाल किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। सूत्रों का कहना है कि स्थानीय लोग खातून के दावे से सहमत नहीं थे और न ही उन्होंने प्रशासन की दलीलों पर ध्यान दिया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed