तमिलनाडु में जल्लीकट्टू के दौरान 2 मरे, 28 घायल
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तमिलनाडु के विभिन्न हिस्सों में रविवार को जल्लीकट्टू का आयोजन किया गया। इस दौरान पुडुकोट्टई जिले में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि 28 अन्य घायल हो गए। उधर, मदुरै में जल्लीकट्टू के आयोजन के 'स्थायी हल' की मांग पर हो रहे प्रदर्शन के दौरान डिहाईड्रेशन से एक व्यक्ति की मौत हो गई।
इससे पहले मदुरै के आलंगनल्लूर में लोगों ने 'स्थायी समाधान' की मांग करते हुए जल्लीकट्टू के आयोजन से इनकार कर दिया। इस वजह से मुख्यमंत्री ओ. पन्नीरसेल्वम को बगैर उद्घाटन किए ही चेन्नई लौटना पड़ा। पनीरसेल्वम ने शनिवार को कहा था कि वह सुबह 10 बजे आलंगनल्लूर में जल्लीकट्टू का उद्घाटन करेंगे। पुलिस ने रविवार को बताया कि पुडुकोट्ट्ई में जल्लीकट्टू में बड़ी संख्या में लोगों और सांड़ों ने हिस्सा लिया। इस दौरान घायल हुए लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।
गौरतलब है कि राज्य सरकार द्वारा अध्यादेश जारी करने के बाद रविवार को तमिलनाडु के कई हिस्सों के साथ ही पुडुकोट्टई के रापुसल में भी जल्लीकट्टू का आयोजन किया गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार पुडुकोट्टई में सांड़ों के सिंग लगने से बुरी तरह घायल होने से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि मदुरै शहर में प्रदर्शन के दौरान एक व्यक्ति की जान चली गई। तिरुनेलवेली में भी प्रदर्शन के दौरान कुछ छात्र और छात्राएं बेहोश हो गईं। मौके पर ही उनका उपचार किया गया।
मरीना बीच में डटे हैं प्रदर्शनकारी
राज्य में जल्लीकट्टू के आयोजन के बावदूद चेन्नई के मरीना बीच समेत प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर प्रदर्शनकारी अब भी डटे हुए हैं। मरीना बीच पिछले छह दिन से प्रदर्शन का केंद्र बना हुआ है। प्रदर्शनकारी इस खेल के आयोजन के लिए 'स्थायी समाधान' और पशु अधिकार संगठन पेटा पर पाबंदी लगाने की मांग करते हुए नारेबाजी कर रहे हैं।
उनका कहना है कि अध्यादेश केवल अस्थाई उपाय है। इस पर पनीरसेल्वम ने कहा कि राज्य सरकार का जल्लीकट्टू पर अध्यादेश का रास्ता स्थायी, सशक्त और टिकाऊ है और इसे आगामी विधानसभा सत्र में कानून बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि अध्यादेश लागू होने के बाद कोई प्रतिबंध नहीं है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सोमवार को शुरू हो रहे विधानसभा सत्र में एक विधेयक लाया जाएगा, जिसके बाद अध्यादेश की जगह कानून ले लेगा। चेन्नई रवाना होने से पहले मदुरै में संवाददाताओं से बातचीत में पनीरसेल्वम ने कहा कि जल्लीकट्टू से प्रतिबंध पूरी तरह से हटा लिया गया है। आलंगनल्लूर में स्थानीय लोगों द्वारा तय तारीख पर खेल का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु के सभी हिस्सों में जल्लीकट्टू का आयोजन किया गया और स्थानीय प्रशासन और पुलिस द्वारा इसके लिए सभी एहतियाती कदम उठाए गए हैं।