मुंबई: नर्सिंग होम में मरम्मत के चलते हुआ हादसा, शिवसेना नेता के खिलाफ FIR
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मुंबई के पूर्व उपनगर घाटकोपर में मंगलवार सुबह पौने ग्यारह बजे एक चार मंजिला इमारत धराशाई हो गई। इमारत के ढहने से 9 लोगों की मौत हो गई, जबकि एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए जिन्हें अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। मरने वालों में 3 माह की बच्ची भी शामिल है। वहीं, मलबे में 20 से अधिक लोगों के फंसे होने की संभावना है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दुर्घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं। महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फणनवीस ने कहा 'मैंने बीएमसी कमीश्नर को जांच के आदेश दे दिए हैं और साथ ही 15 दिनों के अंदर इस मुद्दे पर रिपोर्ट सौंपने को भी कहा है।'
Offence registered, police is investigating. I have directed BMC commissioner to investigate and submit report within 15 days:Maharashtra CM pic.twitter.com/zm1QJeCxPT
— ANI (@ANI_news) July 25, 2017
मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) आपदा नियंत्रण कक्ष के मुताबिक घाटकोपर स्थित श्रेयस सिनेमा के पास साईं दर्शन नामक इमारत सुबह 10 बज कर 45 मिनट के करीब अचानक भरभराकर ढह गई। बिल्डिंग के गिरते ही धूल के गुब्बार के बीच चीख पुकार शुरू हो गई। घटना की सूचना मिलते ही अग्निशमन दल के जवानों ने राहत बचाव शुरू कर दिया। शाम तक जिन लोगों को बाहर निकाला गया उसमें से 12 को मृत घोषित कर दिया गया। मरने वालों में महिलाओं की संख्या अधिक है। वहीं, घायलों को घाटकोपर के राजावाड़ी और शांति निकेतन अस्पताल में भर्ती कराया गया है जिनका उपचार जारी है।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने बीएमसी आयुक्त अजॉय मेहता से 15 दिन में जांच रिपोर्ट पेश करने को कहा है। वहीं, स्थानीय भाजपा विधायक व गृह निर्माण मंत्री प्रकाश मेहता ने कहा है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
नर्सिंग होम में मरम्मत के चलते हुआ हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जिस समय बिल्डिंग गिरी उस समय नर्सिंग होम में 25 मजदूर काम कर रहे थे। नर्सिंग होम शिवसेना के एक पदाधिकारी का है। सूत्रों के मुताबिक नर्सिंग होम के एक बिम को नुकसान पहुंचाया गया जिसकी वजह से इतनी भयानक दुर्घटना हुई।
वहीं, बीएमसी के एक अधिकारी ने बताया कि इस इमारत का निर्माण साल 1981 में हुआ था लेकिन, उसके बाद इमारत का स्ट्रक्चरल ऑडिट नहीं कराया गया था। इमारत के तल मंजिल पर नर्सिंग होम था जहां मरम्मत का कार्य शुरू कराया गया था। बीएमसी एन वार्ड की सहायक आयुक्त भाग्यश्री कापसे ने बताया कि नूतनीकरण के लिए बीएमसी की मंजूरी नहीं ली गई थी।