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इंफाल में असम राइफल्स के ट्रांसिट कैंप पर हमला, 11 जवान घायल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंफाल
Updated Tue, 06 Feb 2018 08:00 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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मणिपुर के इंफाल में असम राइफल्स ट्रांसिट कैंप में दो धमाके हुए हैं जिसमें 11 सुरक्षा जवानों के घायल होने की खबर है। उग्रवादियों ने पश्चिमी इंफाल में खुमान लंपक मुख्य स्टेडियम के नजदीक धमाकों को अंजाम दिया है।
अभी तक किसी संगठन या व्यक्ति ने इन धमाकों की जिम्मेदारी नहीं ली है। अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
पिछले साल नवंबर के महीने में मणिपुर की राजधानी इंफाल से 64 किमी दूर चंदेल शहर में आईईडी ब्लास्ट में असम राइफल्स के दो जवान शहीद और छह घायल हो गए थे।
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इसके कुछ दिनों बाद दिसंबर के महीने में नागालैंड में असम राइफल्स ट्रेनिंग सेंटर में आयोजित ‘सैनिक सम्मेलन’ में केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था कि, 'पूर्वोत्तर में उग्रवाद की समस्या करीब 75-80 फीसदी खत्म हो गई है।'
गृहमंत्री ने देश के सबसे पुराना अर्धसैनिक बल असल राइफल्स की सराहना करते हुए कहा था कि, 'एक तरफ वह 1642 किलोमीटर लंबी भारत-म्यांमार खुली सीमा की चौकसी का काम करता है तो दूसरी तरफ उग्रवाद विरोधी अभियानों में भी अहम भूमिका निभाता है।'
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अभी तक किसी संगठन या व्यक्ति ने इन धमाकों की जिम्मेदारी नहीं ली है। अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
#UPDATE Five more security personnel injured in two blasts that occurred inside Assam Rifles Transit Camp near Khuman Lampak Main Stadium in Imphal West
— ANI (@ANI) February 6, 2018विज्ञापन
पिछले साल नवंबर के महीने में मणिपुर की राजधानी इंफाल से 64 किमी दूर चंदेल शहर में आईईडी ब्लास्ट में असम राइफल्स के दो जवान शहीद और छह घायल हो गए थे।
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इसके कुछ दिनों बाद दिसंबर के महीने में नागालैंड में असम राइफल्स ट्रेनिंग सेंटर में आयोजित ‘सैनिक सम्मेलन’ में केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था कि, 'पूर्वोत्तर में उग्रवाद की समस्या करीब 75-80 फीसदी खत्म हो गई है।'
गृहमंत्री ने देश के सबसे पुराना अर्धसैनिक बल असल राइफल्स की सराहना करते हुए कहा था कि, 'एक तरफ वह 1642 किलोमीटर लंबी भारत-म्यांमार खुली सीमा की चौकसी का काम करता है तो दूसरी तरफ उग्रवाद विरोधी अभियानों में भी अहम भूमिका निभाता है।'