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Doctor Suicide Case: सतारा आत्महत्या मामले में नया मोड़, डॉक्टर पर लगा फर्जी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट देने का आरोप
Mon, 27 Oct 2025 03:31 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सतारा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सतारा
Published by: नितिन गौतम
Updated Mon, 27 Oct 2025 03:31 PM IST
सार
दावा किया जा रहा है कि महिला डॉक्टर फर्जी मेडिकल रिपोर्ट देने के लिए भारी दबाव में थी और उसने अपने सुसाइड नोट में भी इसका जिक्र किया है। दरअसल डॉक्टर की ड्यूटी पोस्टमॉर्टम विभाग में ही तैनात थी और उसी पर पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी थी।
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डॉक्टर सुसाइड केस
- फोटो : एक्स/ @abhinabavlogs
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विस्तार
महाराष्ट्र के सतारा में बीते दिनों एक महिला डॉक्टर द्वारा आत्महत्या करने के मामले में नया मोड़ आया है। दरअसल एक महिला ने दावा किया है कि आत्महत्या करने वाली डॉक्टर ने उसकी बेटी की फर्जी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट तैयार की थी और इसके लिए उस पर भारी दबाव था। महिला ने डॉक्टर के आत्महत्या मामले की विस्तृत जांच करने की मांग की है।
महिला का दावा- मृतक डॉक्टर ने दी थी फर्जी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट
भाग्यश्री मारूती पचांग्ने नामक महिला ने दावा किया है कि उसकी बेटी दीपाली पचांग्ने की प्राकृतिक मौत नहीं हुई थी बल्कि उसकी हत्या की गई थी, लेकिन सतारा में आत्महत्या करने वाली डॉक्टर ने उनकी बेटी की फर्जी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट तैयार की थी। भाग्यश्री ने बताया कि उसकी बेटी की शादी एक आर्मी अफसर अजिंक्य निंबालकर से हुई थी। भाग्यश्री का दावा है कि उसकी बेटी को ससुराल में लगातार शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना का शिकार होना पड़ता था। इसी से परेशान होकर उसने 19 अगस्त को आत्महत्या कर ली थी। अब महिला का दावा है कि उसकी बेटी की मौत आत्महत्या से नहीं हुई थी बल्कि उसकी हत्या हुई थी।
भाग्यश्री ने बताया कि उनकी बेटी की मौत के एक महीने बाद उन्हें पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट मिली। गौरतलब है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट उसी महिला डॉक्टर ने तैयार की, जिसने हाल ही में सतारा के एक होटल में आत्महत्या कर ली। महिला ने आरोप लगाया कि उनके दामाद अजिंक्य ने अपने राजनीतिक और पुलिस अधिकारियों से संबंधों के जरिए इस मामले को दबा दिया। भाग्यश्री ने कहा कि 'मेरी बेटी छह माह की गर्भवती थी और उसकी एक डेढ़ साल की बेटी भी थी। ऐसे में वह उन्हें छोड़कर नहीं जा सकती और आत्महत्या नहीं कर सकती, मुझे विश्वास है कि उसकी हत्या की गई थी।'
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ये भी पढ़ें- महिला डॉक्टर आत्महत्या मामला: पंकजा मुंडे ने बीड में मृतका परिजनों से की मुलाकात, न्याय दिलाने का दिया आश्वासन
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में धांधली के लिए डॉक्टर पर था दबाव
दावा किया जा रहा है कि महिला डॉक्टर फर्जी मेडिकल रिपोर्ट देने के लिए भारी दबाव में थी और उसने अपने सुसाइड नोट में भी इसका जिक्र किया है। दरअसल डॉक्टर की ड्यूटी पोस्टमॉर्टम विभाग में ही तैनात थी और उसी पर पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी थी। महिला डॉक्टर ने अपने सुसाइड नोट में सब इंस्पेक्टर गोपाल बदाने पर उसका शारीरिक शोषण करने और एक युवक प्रशांत बांकर पर उसका मानसिक शोषण करने का आरोप लगाया है। महिला डॉक्टर ने कथित तौर पर एक पूर्व सांसद के नाम का भी जिक्र किया है, जिसके द्वारा महिला डॉक्टर पर मेडिकल रिपोर्ट में गड़बड़ी करने के लिए दबाव डाला जा रहा था। इस सुसाइड मामले में पुलिस ने एक आरोपी प्रशांत बांकर को गिरफ्तार किया और दूसरे आरोपी सब इंस्पेक्टर गोपाल बदाने ने आत्मसमर्पण कर दिया है, जिसके बाद उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया।
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महिला का दावा- मृतक डॉक्टर ने दी थी फर्जी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट
भाग्यश्री मारूती पचांग्ने नामक महिला ने दावा किया है कि उसकी बेटी दीपाली पचांग्ने की प्राकृतिक मौत नहीं हुई थी बल्कि उसकी हत्या की गई थी, लेकिन सतारा में आत्महत्या करने वाली डॉक्टर ने उनकी बेटी की फर्जी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट तैयार की थी। भाग्यश्री ने बताया कि उसकी बेटी की शादी एक आर्मी अफसर अजिंक्य निंबालकर से हुई थी। भाग्यश्री का दावा है कि उसकी बेटी को ससुराल में लगातार शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना का शिकार होना पड़ता था। इसी से परेशान होकर उसने 19 अगस्त को आत्महत्या कर ली थी। अब महिला का दावा है कि उसकी बेटी की मौत आत्महत्या से नहीं हुई थी बल्कि उसकी हत्या हुई थी।
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भाग्यश्री ने बताया कि उनकी बेटी की मौत के एक महीने बाद उन्हें पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट मिली। गौरतलब है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट उसी महिला डॉक्टर ने तैयार की, जिसने हाल ही में सतारा के एक होटल में आत्महत्या कर ली। महिला ने आरोप लगाया कि उनके दामाद अजिंक्य ने अपने राजनीतिक और पुलिस अधिकारियों से संबंधों के जरिए इस मामले को दबा दिया। भाग्यश्री ने कहा कि 'मेरी बेटी छह माह की गर्भवती थी और उसकी एक डेढ़ साल की बेटी भी थी। ऐसे में वह उन्हें छोड़कर नहीं जा सकती और आत्महत्या नहीं कर सकती, मुझे विश्वास है कि उसकी हत्या की गई थी।'
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पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में धांधली के लिए डॉक्टर पर था दबाव
दावा किया जा रहा है कि महिला डॉक्टर फर्जी मेडिकल रिपोर्ट देने के लिए भारी दबाव में थी और उसने अपने सुसाइड नोट में भी इसका जिक्र किया है। दरअसल डॉक्टर की ड्यूटी पोस्टमॉर्टम विभाग में ही तैनात थी और उसी पर पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी थी। महिला डॉक्टर ने अपने सुसाइड नोट में सब इंस्पेक्टर गोपाल बदाने पर उसका शारीरिक शोषण करने और एक युवक प्रशांत बांकर पर उसका मानसिक शोषण करने का आरोप लगाया है। महिला डॉक्टर ने कथित तौर पर एक पूर्व सांसद के नाम का भी जिक्र किया है, जिसके द्वारा महिला डॉक्टर पर मेडिकल रिपोर्ट में गड़बड़ी करने के लिए दबाव डाला जा रहा था। इस सुसाइड मामले में पुलिस ने एक आरोपी प्रशांत बांकर को गिरफ्तार किया और दूसरे आरोपी सब इंस्पेक्टर गोपाल बदाने ने आत्मसमर्पण कर दिया है, जिसके बाद उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया।